सरकारी डॉक्टर के नाम पर प्राइवेट X-ray सेंटर!अंबाह में नियमों को खुली चुनौती,बिना डॉक्टर प्लास्टर तक”

आशीष सिंह तोमर
मुरैना/अंबाह ।अंबाह सिविल अस्पताल के बाहर “डॉ यादव” के नाम से संचालित एक X-ray सेंटर इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। आरोप है कि यहां बिना किसी MBBS डॉक्टर की मौजूदगी के X-ray से लेकर प्लास्टर तक का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस सेंटर का संचालन मुरैना जिला अस्पताल में पदस्थ एक सरकारी डॉक्टर के नाम से बताया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार सरकारी सेवा में रहते हुए निजी क्लीनिक संचालित करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद लंबे समय से यह सेंटर खुलेआम संचालित हो रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्वास्थ्य नियमों के मुताबिक X-ray मशीन के संचालन के लिए Atomic Energy Regulatory Board (AERB) की अनुमति अनिवार्य होती है, वहीं क्लीनिक संचालन के लिए Clinical Establishments Act 2010 के तहत पंजीकरण जरूरी है। इसके अलावा प्लास्टर जैसी प्रक्रिया केवल प्रशिक्षित डॉक्टर या Orthopedics विशेषज्ञ द्वारा ही की जानी चाहिए।
लेकिन स्थानीय स्तर पर मिल रही जानकारी के अनुसार, यहां इन सभी नियमों को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है। बिना किसी वैध पंजीकरण के क्लीनिक चलना और बिना प्रशिक्षण के प्लास्टर करना मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ माना जा रहा है।
जिम्मेदार का बयान
मामले में जब अंबाह के बीएमओ डॉ. प्रमोद शर्मा से बात की गई, तो उन्होंने कहा—
“सभी X-ray संचालकों को सीएमएचओ कार्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य है। यदि कोई बिना अनुमति के संचालित हो रहा है, तो हम सीएमएचओ को कार्रवाई के लिए पत्र लिखेंगे।”
* क्या सरकारी डॉक्टर निजी क्लीनिक चला रहे हैं?
* बिना अनुमति X-ray सेंटर कैसे संचालित हो रहा है?
* बिना डॉक्टर के प्लास्टर करना किसकी जिम्मेदारी?
* प्रशासन अब तक खामोश क्यों?
अंबाह में सामने आया यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि आरोप सही हैं, तो यह नियमों की खुली अनदेखी है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करते हैं या फिर ऐसे ही खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ती रहेंगी।

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