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रील्स का नशा उतरा: सोशल मीडिया पर समाज को दी गालियां, तो पुलिस ने काटी जेल की टिकट!

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केस नंबर 1: इंस्टाग्राम पर ‘गौरव तोमर’ का ‘गंदा’ वीडियो
मुरैना (नगरा): खुद को सोशल मीडिया का ‘रॉकस्टार’ समझने वाले एक युवक को जातिवादी वीडियो पोस्ट करना भारी पड़ गया। मामला नगरा थाना क्षेत्र का है। किशोरे का पुरा के रहने वाले बलबीर सिंह जाटव ने 19 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि 17 मई की शाम उनके इंस्टाग्राम पर एक वीडियो आया। इस वीडियो में एक लड़का जाटव समाज को मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां दे रहा था।
जब बलबीर सिंह ने पड़ताल की, तो पता चला कि यह कारनामा चक्की का पुरा (सिलावली) के रहने वाले गौरव तोमर (पुत्र विनोद सिंह तोमर) का है, जो ‘its. GAURAV TOMAR 12’ नाम की इंस्टाग्राम आईडी से नफरत फैला रहा था। बलबीर सिंह ने सीधे सबूत की पेनड्राइव पुलिस को सौंपी और नगरा पुलिस ने आरोपी गौरव तोमर के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली। अब ‘गौरव भाई’ का इंस्टाग्राम पर जलवा तो नहीं, लेकिन थाने में हाजिरी पक्की हो गई है।

केस नंबर 2: फेसबुक पर ठाकुर समाज के खिलाफ ‘संतोष’ ने उगला जहर
मुरैना में सोशल मीडिया पर बदजुबानी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे ठीक चार दिन पहले यानी 15 मई को महुआ थाने में भी ऐसा ही एक एक्शन हुआ था। वहां संतोष निषाद (निवासी बिजला गांव) नाम के शख्स ने अपनी फेसबुक आईडी से ठाकुर समाज के खिलाफ बेहद अभद्र और गंदी टिप्पणी की थी। फूलसायपुरा के ब्रजकिशोर तोमर की शिकायत पर पुलिस ने संतोष निषाद को भी ‘सबक’ सिखाते हुए उस पर एफआईआर ठोक दी थी।

याद रहे… कलेक्टर साहब का ‘डिजिटल हंटर’ एक्टिव है!
अगर आप भी सोशल मीडिया पर कुछ भी लिखने या शेयर करने के शौकीन हैं, तो संभल जाइए। मुरैना जिला दंडाधिकारी (कलेक्टर) ने 8 अप्रैल 2026 को ही एक कड़ा प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर रखा है।

साफ चेतावनी: फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम या एमएमएस पर कोई भी ऐसी पोस्ट, फोटो, ऑडियो या वीडियो शेयर करना पूरी तरह बैन है, जिससे किसी भी जाति, धर्म या समाज की भावनाएं भड़कें। यह आदेश 8 अप्रैल से ही लागू है और जो भी इसका उल्लंघन करेगा, पुलिस उसे सीधे ‘हवालात का वीआईपी पास’ थमा देगी।

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