तालाब पर बुलडोजर या चयनित कार्रवाई?
दो मकान तोड़े, बाकी अतिक्रमण पर प्रशासन क्यों मौन!

मुरैना।अंबाह तहसील के ग्राम जल का नगरा में तालाब एवं शासकीय भूमि पर अतिक्रमण को लेकर अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे पक्षपातपूर्ण बताया है। आरोप है कि जब नोटिस आठ मकान मालिकों को दिए गए थे, तो बुलडोजर केवल दो मकानों पर ही क्यों चला?
ग्रामीण जितेंद्र सिंह तोमर सहित अन्य लोगों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि 12 मई को प्रशासन ने जितेंद्र सिंह तोमर और उनके भाई अरविंद सिंह के मकानों को तालाब की भूमि पर अवैध निर्माण बताकर ध्वस्त कर दिया, जबकि उसी भूमि पर बने अन्य अतिक्रमण आज भी जस के तस खड़े हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब की भूमि पर कब्जों का मामला पहले से तहसील अंबाह में दर्ज था और 20 जनवरी को आदेश भी जारी हो चुके थे। इसके बावजूद कार्रवाई केवल चुनिंदा लोगों पर होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
अब गांव में सबसे बड़ा सवाल खसरा नंबर 444 को लेकर उठ रहा है। लोगों का आरोप है कि इसी खसरा नंबर में बने अन्य अतिक्रमणकारी मकानों पर आखिर प्रशासन का बुलडोजर क्यों नहीं चला? क्या कुछ लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है?
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की गई है, तो इसे किसी भी हालत में सहन नहीं किया जाएगा। लोगों ने मांग की है कि या तो सभी अतिक्रमण हटाए जाएं या फिर कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो।
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन पूरे मामले में क्या जवाब देता है और खसरा नंबर 444 में बने बाकी अतिक्रमणों पर कब कार्रवाई होती है।

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