शहडोल रेलवे उप मंडल में RPF और PWI की मिलीभगत से रेलवे की जमीनों में हो रहा है कब्जा, रेलवे अधिकारी मौन:मनीष श्रीवास्तव

शहडोल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष- मनीष श्रीवास्तव ने रेल प्रशासन और रेलवे अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहां कि शहडोल रेलवे क्षेत्र में लगातार हो रहे कब्जे और अतिक्रमण को 50 वर्षो में रेलवे आज तक क्यों नही हटा पाया,शहडोल रेलवे क्षेत्र में लगातार अतिक्रमण जोरों पर है आज से 50 वर्ष पूर्व से रेलवे फाटक के दाहिनी ओर से लेकर भारतीय पैलेस अंडर ब्रिज तक अतिक्रमण है, लेकिन अब इसके आगे मुरना नदी, कोयलारी फाटक, बंधवा तक अतिक्रमण रेलवे क्षेत्र में होना निरंतर जारी है।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त पोंडा नाला,सिंहपुर रोड क्षेत्र में भी लोगों ने अपनी बाउंड्री रेलवे सीमा के अंदर तक बना ली है, दो व्यापारियों ने तो अपने गोदाम तक रेलवे सीमा के अंदर तक बना लिया है,यही हाल उमरिया,पाली, बुढार, अनूपपुर कोतमा व पूरे शहडोल सब डिवीजन के प्रमुख शहरों में हो रहा है।
मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि,रेलवे बोर्ड द्वारा जारी प्रमुख परिपत्र PPE अधिनियम 1971,(PPE Act. 1971) के अनुसार कोई भी व्यक्ति या संस्था रेलवे की जमीन पर कच्चे पक्के निर्माण कर लेती है तो उन्हें हटाने की प्रक्रिया इसी नियम के तहत की जाएगी।इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे के लिए JPO जारी कर रखे हैं इसके तहत रेलवे सुरक्षा बल(RPF) इंजीनियरिंग विभाग, स्थानीय सिविल प्रशासन पुलिस विभाग मिलकर अतिक्रमण को हटाएंगे।
उन्होंने कहा कि,वैसे भी रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 147 के तहत रेलवे की जमीन पर कब्जा या अतिक्रमण करना एक दंडनीय अपराध है और PPE एक्ट रेलवे पब्लिक प्रामिसेस एक्ट 1971, के तहत सक्षम अधिकारी (RPF एवं PWI) को इन कब्जे धारी अतिक्रमण कार्यों को बेदखल करने और उन पर कार्यवाही करने का अधिकार प्राप्त है।
मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि शहडोल रेलवे का आरपीएफ(RPF) और पी डबल्यू आई(PWI) विभाग इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है, कब्जा न होने देना इन्हीं की जिम्मेदारी बनती है क्योंकि प्रतिदिन इनको पेट्रोलियम में तो यह दिखता ही होगा की कहां पर नया निर्माण हो रहा है और रेलवे की सीमा कहां तक है, जानबूझकर मिली भगत से इन दोनों विभाग के अधिकारी यह होने देना देते हैं और बाद में अपनी जिम्मेदारी से मुकर जाते हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शहडोल रेलवे का बहुत ही अधिक विस्तार होना है,शहडोल में डीआरएम ऑफिस, शहडोल रेलवे का जंक्शन, चौथी रेलवे लाइन व अन्य बहुत सारी सुविधाएं शहडोल में शुरू होगी जिस कारण से शहडोल रेलवे का पूरा क्षेत्र बिल्कुल ही क्लियर होना चाहिए और सभी अतिक्रमण और कब्जे को तत्काल प्रभाव से हटाकर रेलवे क्षेत्र को मुक्त करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि मैंने रेल मंत्री, रेलवे बोर्ड, महाप्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर, मंडल रेल प्रबंधक बिलासपुर को इस संबंध में ईमेल और पत्राचार के माध्यम से भी अवगत कराया है।।

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