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अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बने ग्लोबल स्किल पार्क

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मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की समीक्षा, निरीक्षण भी किया 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार देने के लिये बनाये जा रहे अनूठे ग्लोबल स्किल पार्क के निर्माण के लिये चल रही गतिविधियों की आज जानकारी प्राप्त की और निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास मंत्री श्रीमती यशोधराजे सिंधिया उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रतिवर्ष 22 हजार विद्यार्थियों को हुनरमंद बनाने का लक्ष्य है। हुनर के साथ विद्यार्थियों का इतना आत्मविश्वास बढ़े कि वे अच्छे संस्थानों में चयनित हो सकें। आज नींव खुदाई के अवसर पर मेरा यहां आना प्रोजेक्ट के लिये हम सभी की गंभीरता और प्राथमिकता का परिचायक है। विभागीय मंत्री और उनकी टीम बधाई की पात्र हैं।

समय-सीमा और गुणवत्ता दोनों का ध्यान रखें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि परियोजना की कुल लागत 1548 करोड़ है। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग को कौशल विकास परियोजना के लिये एडीबी से 967.50 करोड़ का कर्ज मिला है। मध्यप्रदेश सरकार 580.50 करोड़ का निवेश कर रही है। परियोजना के अंतर्गत भोपाल में लगभग 2 वर्ष में स्किल पार्क बन जाएगा। निर्धारित की गई अवधि दिसम्बर, 2022 के पहले ही यह विश्वस्तरीय स्किल पार्क बनाने का संकल्प है। कुछ कार्य डेढ़ वर्ष में ही पूर्ण हो जाएंगे और प्रयास होगा कि वर्ष 2022 के मध्य तक पाठ्यक्रम प्रारंभ हो जाएं और विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त करने लगें। समय सीमा और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखना है। स्किल पार्क के कार्यों पर, डिजायन के लिए अनुबंधित की गई टाटा कंसल्टिंग इजीनियर्स लिमिटेड और तकनीकी शिक्षा विभाग नजर रखेंगे। कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाएगा। गुणवत्ता में कमी छोड़ने वालों को दण्डित किया जाए।

ड्रीम प्रोजेक्ट है, चाहता हूँ कि विदेशों में भी जाएं प्रशिक्षित विद्यार्थी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सिंगापुर के तकनीकी परामर्श एवं सहयोग से ग्लोबल स्किल पार्क भोपाल का निर्माण 30 एकड़ क्षेत्र में हो रहा है। यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। वर्ष 2017 में यह योजना बनाई गई थी। इस उद्देश्य से उन्होंने सिंगापुर भ्रमण किया था। इस क्षेत्र में सिंगापुर की विशेषज्ञता है। सपना यह है कि बच्चों के हाथ में इतना हुनर आ जाए कि उन्हें प्लेसमेंट मिल जाए। भोपाल का स्किल पार्क इस उद्देश्य को पूरा करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्किल्स पार्क का कार्य अब तेजी से चलना चाहिए। पूर्व सरकार के समय आई बाधाओं के कारण विलंब अवश्य हुआ है। पूर्व सरकार ने ध्यान भी नहीं दिया। हमारा लक्ष्य इस स्किल पार्क को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का संस्थान बनाना है। मेरी चाह है कि यहां प्रशिक्षित विद्यार्थी भारत ही नहीं अन्य देशों में भी अपनी योग्यता का प्रदर्शन कर सकें और उन्हें अन्य देशों में भी अवसर मिले, उन्हें इतना योग्य बनाने की व्यवस्था हो। निर्धारित 11 ट्रेड के अलावा स्थानीय आवश्यकता के अनुसार अन्य ट्रेड भी प्रारंभ किये जा सकते हैं। प्रशिक्षण के लिये जो ट्रेड तय किये गये हैं उनमें मेकाट्रोनिक्स, मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स, पॉवर एंड कंट्रोल, नेटवर्क एंड सिस्टम एडमिनिस्ट्रेशन, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडिशनिंग, मैकेनिकल एण्ड इलेक्ट्रिकल सर्विसेज, ऑटोमोटिव, मैकेनिकल टेक्नोलॉजी, हॉस्पिटैलिटी, रिटेल और प्रिसिजन इंजीनियरिंग (ग्लोबल स्किल्स पार्क सिटी कैंपस में संचालित) शामिल हैं। प्रारंभ में 6 हजार विद्यार्थी और बाद में 10 हजार विद्यार्थी प्रति वर्ष प्रशिक्षित होंगे। पांच वर्ष में 40 हजार विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण मिलेगा। प्रदेश के 10 संभागीय मुख्यालयों पर मेगा आईटीआई संचालित होंगी। इनका कार्य हाउंसिंग बोर्ड द्वारा पूरा किया जाएगा।

परियोजना के पांच महत्वपूर्ण घटक और संस्थाएं

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गोविंदपुरा स्थित ग्लोबल पार्क के सिटी सेंटर में बैठक में प्रदेश में नए मेगा आईटीआई प्रारंभ किए जाने के संबंध में हुई प्रगति की जानकारी ली। इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अयोध्या बायपास के पास नरेला शंकरी जाकर निर्माणाधीन ग्लोबल पार्क का अवलोकन किया। इसकी लागत तीन सौ करोड़ से अधिक है। प्रशिक्षण के लिये जो ट्रेड तय किए गए हैं, उसके लिये उद्योगों से भी परामर्श किया गया है। पार्क में जो पांच महत्वपूर्ण घटक और संस्थाएं शामिल हैं, उनमें सेंटर ऑफ आक्युपेशनल स्किल्स एक्जीविशन, सेंटर ऑफ एडवांसड एग्रीकल्चर ट्रेनिंग, टीवीइटी प्रेक्टिसनर्स डेव्हलपमेंट सेंटर, सेंटर ऑफ टेक्नोलॉजी इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप और सेंटर ऑफ स्किल्स रिसर्च एंड डेव्हलपमेंट शामिल हैं। परिसर में ट्रेनीज और ट्रेनर्स के लिये हॉस्टल व्यवस्था भी रहेगी। मुख्यमंत्री के साथ अवलोकन में प्रमुख सचिव श्रीमती केरलिन खोंगवार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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