खनिज माफिया की मस्ती में खनिज विभाग का जबरदस्त तालमेल

खनिज माफिया मस्त, प्रशासन सुस्त
छिन्दवाड़ा/सौसर:-छिंदवाड़ा जिले के सौसर क्षेत्र के मालेगांव रेत खदान पर दो-दो पोकलैंड मशिन से अवैध उत्खनन हो रहा है। मालेगांव खदान का संचाकन शिवा कारपोरेशन कंपनी कर रही है। खदान संचाकल द्वारा मनमानी कर दिन रात पोकलैंड मशिन उतारकर अवैध उत्खनन का कार्य जोरो से किया जा रहा है। मालेगांव खदान पर संचालक ने दो दो पोकलैंड मशीन उतारकर रखी है। फिर भी खनिज विभाग की नजर मशीनों पर नही पड़ रही है। नदियो में उत्खनन देख के ऐसा लगता हैं जैसे पूरी नदी इन तस्करों के हवाले कर दी हैं। रेत तस्कर अपनी मनमानी कर शासन को करोड़ों रुपयो का चूना लगा रहे है। सवाल है कि आखिर क्यों प्रशासन के अधिकारी रेत तस्करों के सामने नतमस्तक है। बीच नदियो में पोकलैंड मशीन उतारकर डंपरों में रेत भरी जा रही है। एन जी टी के नियमो की खुलेआम धज्जियाँ उडाई जा रही हैं। अब जिले में एन जी टी के नियम को खनिज विभाग ने बन्द कर दिया है ऐसा प्रतीत हो रहा है। रेत तस्करों द्वारा सिमा से अधिक उत्खनन किया जा रहा है। फिर भी कार्यवाही तो दूर अधिकारी खदान की जांच करना उचित नही समझ रहे है। जिससे खनिज विभाग के अधिकारियों पर सवाल खड़े हो रहे है। वांटेड टाइम्स के सवांददाता ने पोकलैंड मशीन और अवैध खनन की खनिज विभाग के मनीष पालेवाल और मैडम स्वाति ठाकुर को जानकारी दी। लेकिन ऐसा लग रहा है इन अधिकारियों के पास खदान की जांच करने के समय नही है। खनिज विभाग रेत तस्करों के सामने नतमस्तक है और अफ़ाहिज होकर काम कर रहा है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि अधिकारी अपने काम के प्रति कितने जिम्मेदार है और खनिज विभाग के अधिकारी इन रेत तस्करों को कैसी मदत करते है। अब देखना है कि खनिज विभाग के जिम्मेदारों की आंख खुलती है या फिर यह अधिकारी रेत तस्करों की मनमानी चलने देते है और अब ये समय ही बताएगा कार्यवाही करते है या खाना पूर्ति।
कांग्रेस की नेताओ के मिलीभगत से हो रहा है उत्खनन… यह जो मालेगांव रेत खदान मे पोकलैंड से जो उत्खनन हो रहा है सब कांग्रेस की नेताओ के कारण हो रहा है। सूत्रों की माने तो रेत की तस्करी में पिपला नारायणवार के कांग्रेस के दिग्गज नेता भी शामिल है। पिपला नारायण वार के दिग्गज नेता के हात में मालेगाव खदान की कमान है। दिग्गज नेता खदान का संचालन करता है। दो दो पोकलैंड मशीन उतारकर अवैध उत्खनन करवा रहा है। पोकलैंड मशीन उतारकर कन्हान को छलनी किया जा रहा है। नेता की अधिकारियो पर अच्छी पकड़ है या अधिकारी इन्हें डरते है। जिस कारण मालेगाव खदान पर धडल्ले से उत्खनन हो रहा है। खदान का जिस तरह संचालन हो रहा है उससे लग रहा है किस तरह से क्षेत्र में दबंगाई चल रही है। उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अवैध काम करने वालो के कितने हौसले बुलंद है।
जांच चौकी बनी सो पीस…
मालेगाव खदान में जहाँ जांच चौकी की जरूरत है वहा जांच चौकी नही है। और जहाँ जांच चौकी है वहां से एक भी डंपर नही गुजरते। मालेगाव खदान पर पूरे डंपर महाराष्ट्र से आते है। सैकड़ों डंपर रोज मालेगाव खदान पर आ रहे है। जिसमे से आधे से ज्यादा डम्पर अवैध रूप से रेत लेकर जाते है। यह डम्पर बिना रॉयल्टी के महाराष्ट्र पहुच रहे है। लेकिन इनपर कोई कार्यवाही नही की जा रही।
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