भालूमाडा पुलिस ने की अंधी हत्या का खुलासा ,आरोपी आसिफ खान गिरफ्तार

प्रेमिका को गिफ्ट देकर खुश करने के लिए अपने ही दोस्त को लूटकर कर दी हत्या
शहडोल/कोतमा। भालूमाड़ा थाना क्षेत्र में अपनी प्रेमिका को गिफ्ट देकर खुश करने के लिए अपने ही दोस्त को लूटने के बाद पत्थर को उसके सिर पर पटकर अधमरे हालत में छोड़ कर भाग जाने तथा उपचार के दौरान दोस्त की मौत हो जाने के मामले में पुलिस ने 27 मार्च को आरोपी आसिफ खान पिता मो. शकील अहमद खान उम्र 26 वर्ष को गिरफ्तार करते हुए उसके खिलाफ धारा 341, 323, 427, 302, 392, 201 के तहत मामला पंजीबद्ध कर न्यायालय में पेश किया गया।

मामले की जानकारी देते हुए भालूमाड़ा थाना प्रभारी हरिशंकर शुक्ला ने बताया कि 1 फरवरी को मोतीलाल कोल पिता स्व. दद्दी कोल निवासी डबल स्टोरी भालूमाड़ा ने थाना पहुंच शिकायत दर्ज कराई कि उसका नाती राहुल गौटिया पिता बिहारी उर्फ ललित गौटिया उम्र 21 वर्ष निवासी गणेश चौक जमुना कॉलरी पार्क में पत्थर से सिर में वार कर घायल कर दिया है, जिस उपचार के लिए कॉलरी अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां से उसे बिलासपुर रेफर कर दिया गया, जहां उपचार के दौरान 20 मार्च को उसकी मृत्यु हो गई। जिसके बाद पुलिस ने मामले में धारा 302 बढ़ाते हुए मामले की जांच जुट गई। घटना के बाद परिजनो ने पुलिस को बताया कि मृतक की पत्नी के जेवरात अलमारी में रखे थे, जो नही है साथ ही मृतक राहुल गौटिया के साथ अंतिम बार आरिफ खान को देखे जाने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने आरिफ खान को थाना बुलाकर पूछताछ किया गया, जहां वे लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा और गहन पूछताछ पर उसने अपने ही दोस्त राहुल गौटिया का हत्या करना स्वीकार करते हुए बताया कि राहुल गौटिया अपनी पत्नी के जेवरात जिसमें सोने का एक मंगलसूत्र व चांदी कर करधन रखा था और शराब के नशे में उसे दिखाया, जिसके बाद आरोपी आरिफ खान के मन में लालच आ गया और उस जेवरात को अपनी प्रेमिका को खुश करने के लिए गिफ्ट देने की बात सोचकर राहुल गौटिया से जेवरात लूटकर उसके सिर पर पत्थर पटक कर उसकी हत्या करना बताया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सोने का मंगलसूत्र, चांदी की करधन व फोन को आरोपी के कब्जे से जब्त करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया।वहीं अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाने व आरोपी को गिरफ्तार करने में भालूमाड़ा थाना प्रभारी हरिशंकर शुक्ला, उपनिरीक्षक विवेक कुमार द्विवेदी, त्रिलोक सिंह, सहायक उपनिरीक्षक कमलेश सिंह, आरक्षक कर्मजीत सिंह की भूमिका सराहनीय रही।


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