तो क्या इंसानी जिंदगियों की कीमत कीड़े मकोड़े जैसे हो चुकी- सुनील
कोरोना महामारी से आज पूरा प्रदेश जूज रहा है, दूसरी ओर सरकार की व्यवस्थाओं की भी पोल खुलती नजर आ रही है जिस पर विपक्ष सरकार की कमियों को लेकर लगातार अवगत कराते हुए व्यवस्थाओं को पूरा कराने की मांग करने लगा है, इसी कड़ी में कोतमा विधायक सुनील सराफ ने शहडोल स्थित मेडिकल कॉलेज पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है !
अनूपपुर- कोतमा विधायक को उन्हीं के विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने फोन के माध्यम से अवगत कराया कि मेडिकल कॉलेज शहडोल में स्वस्थ व्यवस्था लचर है फिर क्या था कोतमा विधायक स्वयं शहडोल स्थित मेडिकल कॉलेज पहुंचकर जायजा लिया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा ज्ञापन में विधायक ने लिखा कि अनूपपुर जिले के मेरे विधानसभा क्षेत्र के ग्राम खोडरी निवासी रवि जायसवाल ने प्रातः 4:30 बजे फोन पर जानकारी दी कि मेडिकल शहडोल में भर्ती उनके भाई उदित जयसवाल आयु 38 वर्ष को सांस लेने में तकलीफ हो रही है साथ ही ऑक्सीजन की सप्लाई कम होने से अन्य मरीज भी तड़प रहे हैं ,मैंने वहां मौजूद ड्यूटी डॉक्टर से बात करने के लिए बोला तो डॉक्टर ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी नहीं है, तब रवि जायसवाल ने डॉक्टर से पूछा कि यदि ऑक्सीजन कम नहीं है तो इसका लेवल 25 क्यों आ रहा है एवं फोन बंद होने के 2 मिनट बाद ही इनके भाई उदित जयसवाल की मृत्यु हो गई एवं उसके बाद मैं उसे लगातार फोन कर रहा था और ऑक्सीजन की कमी होने के कारण एक-एक करके 7:00 बजे तक 16 मरीजों की मृत्यु हो चुकी थी, सौंपे गय ज्ञापन में विधायक ने मुख्यमंत्री से पूछा है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है इसका दोषी कौन है क्या इंसानी जिंदगी यों की कीमत कीड़े मकोड़े जैसी हो चुकी है !
प्रबंधन क्यों छुपा रही मौत का आंकड़ा – ज्ञापन के माध्यम से विधायक ने बताया कि मीडिया में लगातार ऐसी खबरें आ रही है कि मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन उपलब्ध है, जबकि ऐसा नहीं था यदि ऑक्सीजन होती तो एक साथ 4:30 से 7:00 तक 16 मरीजों की मौत ना हुई होती प्रत्यक्ष लोगों द्वारा 16 मरीजों को मरते देखा गया किंतु मेडिकल कॉलेज द्वारा मात्र 6 मरीजों की मृत्यु होने का आंकड़ा प्रस्तुत किया जा रहा है, ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाते हुए विधायक ने लिखा है कि वर्तमान परिस्थितियों का मुकाबला करने में सरकार पूर्णता विफल साबित हो रही है पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष प्रशासन ने स्वस्थ सुविधाओं में कोई सुधार नहीं किया है जिस कारण कोरोनावायरस लगातार बढ़ रहे हैं जबकि पूर्व वर्ष में संस्थागत क्वॉरेंटाइन में मरीजों को ले जाकर उनका इलाज किया जाता था, जिसके परिणाम बेहतर थे किंतु अब प्रशासन ने मरीजों को उनके हाल पर मरने के लिए छोड़ दिया है ! टीकाकरण की गति भी अत्यंत धीमी है आयु सीमा बंधन के कारण समाज का युवा वर्ग टीकाकरण से वंचित है या दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है !
टेस्टिंग की गति बढ़ाई जाए- कोतमा विधायक सुनील सराफ ने बताया कि अनूपपुर जिले में विगत 11 अप्रैल से 17 अप्रैल तक कुल 702 नए कोरोना के मरीज पाए गए हैं यह स्थिति अत्यंत गंभीर है एवं पूर्व वर्ष की तुलना में इस वर्ष मृत्यु दर अधिक है ,कोरोनावायरस टेस्टिंग की गति अत्यंत धीमी है परिणाम के तीसरे दिवस में रिपोर्ट प्राप्त होती है, तब तक कोरोना मरीज अपने घर मोहल्ले एवं समाज में कई लोगों को संक्रमित कर चुका होता है टेस्टिंग बढ़ाने पर भी मुख्यमंत्री ध्यान दें !
शहडोल मेडिकल की व्यवस्था को लेकर कराया अवगत- मेडिकल कॉलेज शहडोल में हुए 16 मरीजों की मृत्यु को लेकर विधायक ने पत्र के माध्यम से बताया कि 18 अप्रैल 2021 को 16 मरीजों की मृत्यु के संबंध में उच्च स्तरीय जांच कराई जाए एवं दोषी जनों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए !मेडिकल कॉलेज शहडोल में दिनांक 18 अप्रैल 2021 को ऑक्सीजन की कमी से समस्त हुए मृत व्यक्तियों के उत्तराधिकारियों के 50 -50 हजार रुपए क्षतिपूर्ति राशि तत्काल प्रदान की जाए ! कोरोनावायरस हेतु पर्याप्त ऑक्सीजन एवं टीके की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए एवं अनूपपुर जिले में भी इसके परीक्षण हेतु प्रयोगशाला स्थापित किए जाने एवं रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर उपलब्ध करावे ! कोरोना वारीयस हेतु बीएचएमएस चिकित्सकों को भी तत्काल शासकीय सेवा में सम्मिलित कराने हेतु आदेश जारी किए जावे एवं प्रयोगशाला बढ़ाए जाने हेतु विगत वर्षों में पैथोलॉजिस्ट/ नर्सिंग का कोर्स पूरा करने वाले छात्रों की सूची उनकी संस्था से प्राप्त कर उन्हें सीधे नियुक्ति प्रदान कर कोरोना से बचाव हेतु उनकी तैनाती की जावे ! संस्थागत क्वारंटीइन केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्र एवं मेडिकल कॉलेज के कोविड-19 में सीसी कैमरे लगवाए जाएं एवं उसका नियंत्रण जिले संभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं संस्था प्रमुख के पास हो ताकि होने वाले इलाज की बेहतर निगरानी की जा सके साथ ही सार्वजनिक कार्यक्रमों चुनाव रैलियों आदि पर तत्काल रोक लगाई जा कर मानवता की रक्षा की जाए ,जब कोरोना के कारण पंचायत एवं नगरीय चुनाव रोके जा सकते हैं परीक्षाएं निरस्त की जा सकती है तो कम से कम राज्य में स्थितियां सामान्य होने तक उपचुनाव भी रोके जा सकते हैं ,एक तरफ सरकार घर में रहने का संदेश दे रही है तो दूसरी तरफ हजारों शिक्षकों की सुरक्षा कर्मियों को दमोह उपचुनाव में मतदान हेतु बलि चढ़ाया जा रहा है या सर्वथा अनुचित है !


Subscribe to my channel
Comments are closed.