फर्जी मास्टर रोल भर सचिव व सरपंच कर रहे लाखो की हेरा फेरी
दीपक कुमार……
शहडोल/अनूपपुर|मनरेगा योजना के तहत होने वाले काम में किसी तरह की गड़बड़ी ना हो इसके लिए सरकार द्वारा युक्ति निकाली गई |इसके तहत निर्माण स्थल पर रोज मजदूरों की हाजिरी मास्टर रोल में भरी जाएगी मजदूरी का पैसा सीधे मजदूरों के बैंक खातों में भेजा जाएगा इसके बाद भी फर्जीवाड़ा में नहीं लग पा रहा है अंकुशयह है मामलाजनपद पंचायत जैतहरी के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोलमी के सचिव व सरपंच की मिलीभगत से फर्जी हाजिरी लगाकर मनरेगा के निर्माण कार्यों में स्वीकृत राशि में हेरा फेरी की जा रही है इसकी जानकारी जनपद के आला अधिकारियों को भी नहीं है|इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत कोलमी एवं छुलकारी मनरेगा के तहत लघु खेत तालाब निर्माण कार्य छुलकारी 2 लाख 42 हजार की लागत से हितग्राही रामाधार पिता गजा केवट के लघु खेत तालाब निर्माण कार्य कराए बिना ही 76 हजार रुपए निकाल लिए गए वही सीताराम पिता शहादी पाव 4 लाख 25 हजार में से 65 हजार रुपए निकाल लिए जाने से पंचायत में हड़कंप मच गया है|बता दे जल क्षमता विस्तारीकरण के लिए 8 लाख 79 हजार की लागत से निर्माण का प्रगति पर है तथा खेत तालब, मेड बंधान बाउंड्री वॉल जैसे निर्माण कार्य में मेंटों द्वारा फर्जी हाजिरी लगाकर निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृत की गई मजदूरी की राशि में से लाखों रुपए की गड़बड़ी सचिव सरपंच के सहमति से कराए जा रहे हैं| विगत दिनों निर्माण स्थल पर पहुंच कर जानकारी लेने पर निर्माण कार्य में काम करने वाले मजदूरों की संख्या के50 से 60 मेंट के द्वारा बताए गए लेकिन काम कर रहे मजदूरों की संख्या मुश्किल से 20 से 25 रही होगी कई निर्माण कार्यों में मजदूर शुनय पाए गए जबकि काम का डिमांड लगा हुआ है हितग्राहियों से जानकारी लेने पर यह पता चला उनका लघु खेत तलाश निर्माण कार्य हो चुका राशि शेष नहीं बचा है ऐसा मेंट द्वारा बता कर काम बंद कर दिए हैं| मेंटों ने बड़ी ही सूझबूझ से 20 ,25 दिन बाद हितग्राही को बिना बताए ही फर्जी मजदूरों का डिमांड लगवा कर शेष राशि को ऐसेे ही निकाल लिया जाता है अगर किसी कदर हितग्राही को इसकी भनक लग भी जाता है तो डरा धमका कर मामलेे को पंचायत मेंं ही रफा-दफा कर दिया जाता है|
निर्माण स्थल में सूचना पटल ही नहींनिर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही निर्माण स्थल पर बोर्ड लगाकर संबंधित कार्य के समुचित जानकारी दी जाती है इसमें कौन योजना के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई| निर्माण कार्य की लागत निर्माण कार्य की दूरी निर्माण कार्य शुरू होने व पूर्ण होने की अवधि निर्माण एजेंसी संबंधित इंजीनियर का नाम आदि दर्शाया जाता है |ताकि मजदूरों एवं गांव के लोगों को समुचित जानकारी मिल सके और निर्माण एजेंसी किसी तरह की गड़बड़ी ना कर पाए लेकिन यहां ना तो निर्माण स्थल पर सूचना पटल लगाया गया और ना ही इस काम की समुचित जानकारी ग्रामीणों को दी गई है बताया तो यह भी गया की किए हुए काम की पूरी पूरी मजदूरी भी हम लोगों को नहीं मिल पाता और जो लोग काम पर नहीं आते वह घर बैठे पूरी मजदूरी उठाते हैं|
यह है मजदूरी भुगतान का प्रावधानमनरेगा के तहत चलने वाले काम में मजदूरों का नाम मास्टर रोल में हर रोज लिखा जाता है सभी मजदूरों की हाजिरी लगाकर मजदूरों से हस्ताक्षर कराया जाता है इसके बाद मास्टर रोल को जनपद पंचायत में रोजगार सहायक सचिव द्वारा जमा करने के बाद मजदूरी का पैसा उनके बैंक खाता में भेजा जाता है|
राशि के भुगतान में इस तरह की जाती है गड़बड़ीमनरेगा योजना के तहत होने वाले कार्य में काम करने वाले मजदूरों के सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाता है पंचायत जिम्मेदारों के सहयोग से मेंट के द्वारा मास्टर रोल में किसी भी पंजीकृत मजदूरों का नाम फर्जी तरीके से चढ़ाकर जनपद में भेज दिया जाता है और जब मजदूरी की राशि फर्जी मजदूर के बैंक खाते में आ जाती है तब उस पैसे को आहरण करा कर उस मजदूर को कुछ पैसा देकर पूरी राशि इनके द्वारा लेकर बंदरबांट कर लिया जाता है इससे जहां एक तरफ मजदूरों के हक का पैसों का गबन हो रहा है इससे निर्माण कार्य निर्माणाधीन रह जाते हैं और शासन के पैसों का दुरुपयोग एवं नुकसान हो रहा है| इनका कहना है कोलमी छुलकारी में हो रहे निर्माााण कार्य की मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी हो रही जिसकी जानकारी फोन के माध्यम सेेे मिली है इस संदर्भ में उक्त गतिविधियों की लिखित शिकायत दिलाएं ताकि मौके पर जाकर समुचित कार्यवाही कर सकें| इमरान सिद्धकी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जैतहरी
काम करा रहे सभी मेंटों को पंचायत द्वारा निर्देशित दिया गया है मजदूरों का हाजिरी कार्यस्थल पर ही हर दिन का मास्टर रोल में भरें अब तक तो इस प्रकार की कोई भी आकृत गतिविधि किसी भी निर्माण कार्य में देखने को नहीं मिला है आप कह ही रहेे हैं तो कल ही मैं पंचायत स्तर में हो रहे समस्त निर्माण कार्यों पर जाकर देखता हूं अगर इसी प्रकार मास्टर रोल में अनियमितताएं पाया गया तो मास्टर रोल फीलिंग से पहले अवैध मजदूरों का नाम मास्टटर से काट दी जाएगी और मेंंट को भी काम से निष्कासित कर दिया जाएगा| मुन्ना लाल सिंह श्याम उपसरपंच ग्राम पंचायत कोलमी

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