कंपनियां सीआरआर फंड का उपयोग करें और जनता की सेवा करें – आजाद बहादुर सिंह
शहडोल:- जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया है कि सभी लोग संभागीय मुख्यालय पर वह तमाम सुविधाएं नहीं है जिसकी लोग अपेक्षा किया करते हैं खासकर सत्ताधारी दल ने जनादेश प्राप्त करते समय आश्वस्त किया था कि हम यहां सर्व सुविधा युक्त मेडिकल कॉलेज उपलब्ध कराएंगे किंतु विशाल भवन बना देने के बाद यहां का मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ अभी तक कंप्लीट नहीं किया गया ना ही स्वास्थ्य के अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए आश्चर्य तो इस बात का है कि सत्ताधारी दल के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की ओर से भी किस संस्थान की निरंतर उपेक्षा की जा रही है श्री सिंह ने विज्ञप्ति में स्पष्ट किया है कि कोविड-19 जैसी महामारी के प्रकोप से प्रतिदिन 8 से 10 मरीज शहडोल में दम तोड़ रहे हैं उनके परिजन परेशान हैं अच्छे इलाज के लिए लोग दरबदर भटक रहे हैं ऐसी स्थिति में जनप्रतिनिधियों का खामोश होकर अपने घर में कैद हो जाना बड़ा दुखद और निंदनीय है श्री आजाद ने कहा कि जिले की जनता कुछ भी करे यह जागने वाले नहीं है , चाहे घंटी बजाओ चाहे संटी बजाओ यह लोग इतने पत्थर दिल हो चले हैं कि आज जिस जनता ने उन्हें चुना है उसकी ही खोज खबर लेने में इनकी नानी मर रही है । उन्होने कहा कि यहां इतने बड़े-बड़े 4—5 उद्योग हैं यदि उन पर ही दबाव बनाया जाए तो शायद एशिया का सबसे अच्छा हॉस्पिटल शहडोल जिले की जनता को मिल सकता है । उन्होने बताया कि यहां पर एशिया का सबसे बड़ा कागज उद्योग है, सीबीएम प्रोजेक्ट है, जिसके माध्यम से मीथेन गैस का दोहन हो रहा है , अल्ट्राटेक सीमेंट और, एसईसीएल उद्योग का भी यही हाल है । साउथ ईस्टर्न कोल्ड फील्ड शहडोल से कोयला से खनन कर,क्षेत्र के पर्यावरण को नष्ट कर रही हैं पर्यावरण पर तो किसी भी प्रकार का कोई काम नहीं हो रहा आम जनों की जो जन सुविधाएं हैं खासकर (स्वास्थ सुविधा) मिलनी चाहिये इस विकट परिस्थिति के दौर में है उसको भी पूरा करने में ये उद्योग कोताही बरत रहे है ।इस पर ही सांसद विधायक विशेष रूप से दबाव बनाए तो शहडोल जिले का कल्याण हो सकता है । उन्होंने बताया कि आम जनों का कल्याण की दृष्टि से आज त्वरित और फौरी तौर पर कई शहडोल के आदिवासी हॉस्टल या ऐसे हॉस्टल ब खाली पड़े हैं जिन्हें लेकर हॉस्पिटल को अस्पताल का रूप देकर जनता की सेवा कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए जनसेवक और प्रशासन भी इनके ऊपर दबाव बनाए । उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन से हम सब आम जनों का अनुरोध है कि ऐसा जल्द से जल्द करें ताकि इस महामारी से शहडोल जिले के लोगों को निजात मिल सके जब देखो तब ऑक्सीजन का टोटा जब देखो तब दवाइयों का टोटा इन सब को दूर करने में यह सक्षम उद्योग आगे आए यही यहां की आम जनता उनसे चाहे रही है । अपने कहा कि सीआरआर फंड का उपयोग करें और जनता की सेवा करें ।

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