खंडासा में ग्रामीणों ने रेत खनन रोकने के लिए जमकर किया हंगामा,
समझाने गए पुलिस व खनिज विभाग के अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा
सिवनी।जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र कुरई के अंतर्गत आने वाला गांव खंडासा जहां विगत दिनों से ग्रामीणों ने रेत माफियों के विरुद्ध बिगुल बजा दिया है।बता दें कि पूरा मामला रेत उत्खनन से सम्बंधित है जहां गांव खंडासा में जय महाकाल ग्रुप कम्पनी के द्वारा रेत उत्खनन की अनुमति ली गई है।वही ग्रामीणों को कहना है,की हमने इस अनुमति पर आपत्ति लगाया हुआ है।और बिना ग्राम पंचायत के अनुमति व एनओसी से रेत उत्खनन की अनुमति नही मिल सकती है।वही इस मामले को लेकर आज कुरई थाना प्रभारी श्री मनोज गुप्ता तथा खनिज विभाग का अमला पहुंचा।जहां ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की गई ।लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नही हुए।
ग्रामीणों की एकता के सामने पुलिस व खनिज विभाग के अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा
जैसे ही गांव की सीमा के अंदर पुलिस व खनिज विभाग का अमला पहुंचा।जिसके भनक ग्रामीणों को लगते ही गांव के लोग उमड़ कर एकत्रित हो गए।जब अधिकारियों द्वारा रेत उत्खनन को लेकर कहा गया कि रेत उत्खनन की अनुमति हो गई।इसकी जानकारी कलेक्टर साहब को भी है।यह अनुमति नियम व अनुबंधों के आधार पर हुई है।आप जय महाकाल ग्रुप कंपनी को रेत खनन करने से नही रोक सकते है।बस इतना कहते है,की गांव के लोग बोल पड़े की किसी भी हालत में रेत उत्खनन नही होगा।क्योंकि इस अनुमति पर हमने आपत्ति लगाया है।वही ग्रामीणों ने बताया कि हमारा गांव खंडासा प्रकृति व पर्यावरण से घिरा हुआ है।अगर यहाँ रेत उत्खनन होता है,तो हमारे आस पास का वातावरण दूषित होगा और पर्यावरण को भारी क्षति पहुंचेगी।वही रेत खनन से हमारे क्षेत्र का जलस्तर में भी कमी आयेगी ।गांव के अधिकांश लोग खेती किसानी से अपना जीवन यापन करते है।वही किसानी में पानी का अहम हिस्सा होता है।रेत खनन से जलसंकट का खतरा बना रहेगा।जिससे हमारी जीवन निर्वाह करने में बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।वही गांव के नागरिकों ने कहा जल,जंगल,जमीन की रक्षा करना हमारा नैतिक कर्तव्य है।और हम अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे है।



Subscribe to my channel
Comments are closed.