भारत में सबसे तेजी से उभरता हुआ वेब न्यूज़ चैनल

न्यूज पोर्टलों सोसल साइटों को होना होगा अधिकृत एफ.एफ.सी.ओ.डी.एन.में सदस्यता ले कर सकेंगे नियमों का अनुपालन

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नई दिल्ली: देश भर में कई न्यूज़ पोस्टल्स (News Portals) और वेब कंटेंट निर्माता कंपनियां काम कर रही हैं. अक्सर देखा गया है कि डिजिटल दुनिया में न्यूज़ के नाम पर प्राइवेट वेबसाइट्स कई झूठे और भ्रामक तथ्य लोगों के सामने प्रस्तुत कर देती हैं जिनसे समाज में गलत सूचनाएं पहुंच जाती हैं और फिर इनका गलत और खतरनाक प्रभाव पड़ता है. मोदी सरकार ने फेक न्यूज़ पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. केंद्र सरकार ने जारी की अहम अधिसूचना:- आपको बता दें कि हिंदुस्तान में चलने वाले ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल और ऑनलाइन कंटेंट प्रोग्राम अब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत आएंगे. इसकी अधिसूचना केंद्र सरकार की ओर से आज जारी की गई है. उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने बुधवार को ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलों, ऑनलाइन कंटेंट प्रोवाइडरों को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत लाने की अधिसूचना जारी की. इसके आने वाले समय मे कई सार्थक परिणाम देखने को मिलेंगे. केंद्र की मोदी सरकार ने बुधवार को अधिसूचना जारी की है कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत ऑनलाइन फिल्मों, ऑडियो-विज़ुअल कार्यक्रमों, ऑनलाइन समाचार और वर्तमान मामलों के कंटेंट लाने का आदेश देती है. सुप्रीम कोर्ट में मोदी सरकार ने रखा था अपना पक्ष:- आपको बता दें कि इस मामले में देश की सर्वोच्च अदालत में भी फैसला हो चुका है. सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक मामले में इसकी वकालत की थी कि ऑनलाइन माध्यमों का नियमन टीवी से ज्यादा जरूरी है. अब सरकार ने ऑनलाइन माध्यमों से न्यूड़ या कंटेट देने वाले माध्यमों को मंत्रालयों के तहत लाने का कदम उठाया है. सरकार ने तर्क देते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के लिए पहले से गाइडलाइन मौजूद हैं, वहीं डिजिटल मीडिया की पहुंच बहुत अधिक होती है, उसका असर भी ज्यादा होता है. कई आपराधिक घटनाओं की जांच में पाया गया है कि दंगे और हिंसक घटनाओं के पीछे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और web पोर्टल्स का भड़काऊ कंटेंट जिम्मेदार था. जिन्होंने नहीं दी है अब तक जानकारी जल्द से जल्द अपनी जानकारी सूचना प्रसारण मंत्रालय को दें:- ट्विटर,फेसबुक,यूट्यूबर्स,न्यूज पोर्टल्स और अन्य सोशलसाइटो पर भारत सरकार द्वारा विभिन्न प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए भारतवर्ष में सोशल साइटों एवं न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से जो भी खबरें प्रकाशित की जाती हैं उसका आधार होना अति आवश्यक होगा किसी भी प्रकार की भ्रामक या आधारहीन खबरों को लगाने या दिखाने पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है साथ ही साथ भारत सरकार ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि जो भी सोशल साइट न्यूज़ पोर्टल खबरें लगाते हैं उन्हें किसी एसोसिएशन से जुड़ा होना अति आवश्यक होगा अगर वह किसी भी पब्लिशर एसोसिएशन से जुड़े नहीं पाए जाते हैं तो उनके ऊपर कार्यवाही हैं की जा सकती है भारत सरकार की इस एडवाइजरी के जारी होने पर बहुत से सोशल साइट न्यूज़ पोर्टल पर नियमों का पालन न करने पर कानूनी कारवाही की जा सकती है । फेडरेशन फॉर कम्युनिटी ऑफ डिजिटल न्यूज़(एफ.एफ.सी.ओ.डि.एन) में सदस्यता लेकर कर सकते है नियमों का पालन:- सोशल साइट एवं न्यूज़ पोर्टल पर समाचार चलाने वाले पत्रकार बंधुओं की समस्या को देखते हुए  द्वारा सभी सोशल साइट यूट्यूबर्स व न्यूज़ पोर्टल चलाने वालों के लिए एफ.एफ.सी.ओ.डी.एन का पंजीयन करवाया है जिसमें सभी पोर्टल सोशल साइट पर अपनी सदस्यता करवा कर कानून नियमों का पालन कर सकते हैं। अधिक जानकारी हेतु संपर्क करें:- 0 96819 71515/07000964016

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