तो क्या अब नहीं रह गई अधिकारियों की जरूरत, भाजपा नेता ही करेंगे वाहनों की जांच
कॉलर पकड़ने का हक आशुतोष सराफ को किसने दिया
अनूपपुर – रेत- रेत नहीं सोना हो चला रेत में अब हर किसी को बैठे बैठे कमाई ही दिखता है लोग यह बिल्कुल नहीं सोचते की रेत ठेकेदार ने कितने में ठेका लिया वाहन मालिक कितने की पूंजी फसाकर ₹500 भाड़े के लिए कहां-कहां मारामारी कर रेत का परिवहन करता है उस रेत के परिवहन से कितने लोगों की रोजी-रोटी चलती है लेकिन इन सब बातों से लोगों को क्या लेना देना कुछ ऐसी ही वाक्या इन दिनों कोतमा में घट रही है, राजनीति का चोला ओढ़कर वाहन मालिकों को परेशान कर रहे हैं खुद ही अधिकारी बनकर निराकरण वह अवैध वसूली के फिराक में है, जिसकी शिकायत वाहन मालिक ने दर्ज कराई है अब देखना होगा कि वाहन मालिक की शिकायत पर प्रशासन क्या कार्यवाही करता है !
यह है मामला- कोतमा निवासी मनीष गोयनका ने थाना प्रभारी कोतमा एवं खनिज अधिकारी को शिकायत करते हुए बताया है कि वाहन क्रमांक एमपी 18 AA6215 एमपी 18 AA 7012 को दिनांक 18 ,6,2021 को लगभग सुबह 10:30 बजे आशुतोष सराफ द्वारा तहसील कार्यालय के पास रोककर वाहन में लोड खनिज के संबंध में दस्तावेज मांगा गया, जिस पर मेरे ड्राइवर द्वारा यह बताया गया कि किसी कारण से मोबाइल पर मैसेज नहीं आया है, आप ही खनिज पोर्टल पर चेक कर लें वाहन की टीपी काटी जा चुकी है ! जिस पर आशुतोष द्वारा मेरे ड्राइवर को गाली गलौज कर हाथापाई करने लगा और अपने मालिक को बुलाने के लिए ड्राइवर को कहा मेरे पहुंचते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई मौके पर मेरे द्वारा पुलिस अधिकारियों को खनिज पोर्टल से टीपी की जांच कराई गई तो सत्य एवं सही पाया गया उसके बाद तहसीलदार मौके पर पहुंच गए उन्हें भी ईखनिज की टीपी फर्जी बताया गया ,जिसकी जांच तहसीलदार द्वारा पंचनामा बनाकर टीपी की जांच हेतु खनिज निरीक्षक को बुलाया खनिज निरीक्षक द्वारा उपस्थित सभी लोगों का बयान लिया गया एवं उच्च अधिकारियों को जानकारी देने के उपरांत कार्यवाही का आश्वासन देकर खनिज निरीक्षक मौके से चले गये ! वाहन मालिक ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि आज भी वाहन मौका स्थल पर निर्णय के इंतजार में खड़ा है !
अब सवाल यह उठता है कि आशुतोष सराफ को किस नियम एवं संविधानिक व प्रशासनिक अधिकार प्राप्त है कि वह किसी भी वाहन या खनिज वाहन को कहीं भी जांच करें ,अवैध वसूली करें और पैसा नहीं मिलने पर अपनी राजनीति का फायदा उठाकर कार्यवाही की बात मौके पर पहुंचे अधिकारियों से करें एवं दबाव बनाए ! इसे में देश की सुधार करने का जज्बा कहते हैं और लोग तथा आम जनता अवैध वसूली कहती है अगर आशुतोष सराफ जैसे लोगों को शासन प्रशासन द्वारा नहीं रोका गया तो या स्वयं की समाज में अपराधिक लोगों का गिरोह बनाकर अधिकारी और कर्मचारियों की नियुक्ति कर जांच केंद्र खोल अवैध वसूली करेंगे आशुतोष सराफ के कारनामे यही नहीं रुक रहे हैं !
आशुतोष ने खुद कब्जा कर रखी सरकारी जमीन- शिकायत पर बताया गया कि इनके एवं इनके परिवार द्वारा कृषि उपज मंडी की करोड़ों रुपए की संपत्ति पर कब्जा कर किराया वसूल रहे हैं एवं प्रकरण में माननीय कलेक्टर महोदय अनूपपुर द्वारा कब्जा खाली कराने का आदेश पारित है उस पर भी षड्यंत्र रच कर आशुतोष सराफ एवं परिजनों द्वारा उच्च न्यायालय का स्थगन प्राप्त कर शासन की संपत्ति को हड़पना चाहते हैं ऐसे व्यक्ति कभी भी समाज सेवा नहीं कर सकते इन सब बातों को लेकर शिकायत सौंपते हुए कार्यवाही की मांग वाहन मालिक मनीष गोयनका ने की है !
कॉलर पकड़कर उतारा नीचे – वाहन मालिक मनीष गोयनका के ड्राइवर ने अपने बयान पर बताया है कि आशुतोष सराफ के द्वारा मुझे मेरा कालर पकड़ते हुए मोबाइल छीन लिया गया और टीपी की मांग करने लगे जबकि मेरे द्वारा लगातार कहा जाता रहा कि मोबाइल में टीपी नहीं आती आप ऑनलाइन चेक कर लीजिए चेक करने के बजाए मेरे से ही टीपी की मांग करते रहे हम तो गरीब आदमी है हमें तो कोई भी कुछ कह सकता है आखिर गरीब आदमी का कलर पकड़ने का हक आशुतोष सराफ को किसने दिया !




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