भारत में सबसे तेजी से उभरता हुआ वेब न्यूज़ चैनल

सड़क पर बहे सरकार के 14.85लाख गुणवत्ता विहीन कार्य करवा कर सरपंच सचिव ने की जेब गरम…..

262
Above News

अखिलेश कुमार शर्मा मो.नं.(7999140850 )

शहडोल ।जिला मुख्यालय से महज़ 3 किलोमीटर दूर ग्रामपंचायत कोटमा में लिखी जा रही भ्रष्टाचार की नई कहानी,भले ही किरदार नए हों लेकिन रवैया तो पुराना ही ठहरा,शासन द्वारा प्रदत्त वित्तीय सहायता की जो बंदरबाट की दास्तां इस ग्रामपंचायत ने लिखी वो भ्रष्टाचारियों की भ्रष्ट दुनिया में अव्वल दर्जे पर दर्ज होगी।

14.85 लाख बहे सड़कों पर…..
पंचायत द्वारा सूचना पटल पर सुदूर सड़क निर्माण में प्रयोग की गई राशि 14.85 लाख की जानकारी चस्पा की गई है।लेकिन यह वित्तीय आंकड़ा खुद सड़क में बहता हुआ नज़र आता है। उपरोक्त ग्रेवल सड़क जगह जगह से अपनी धार खुद बनाती जा रही है,तो कहीं कीचड़ के रूप में कुछ यूं परिवर्तित होती है जैसे खुद ही भ्रष्टाचार की दास्तान बयान कर रही हो। मात्र 3 साल में सड़क ऐसी जर्जर हालत में आ गई है कि यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी की शासन का ग्रामोदय का सपना तार तार होकर सड़कों पर खुद बह रहा है और साथ में बह रही है सुव्यवस्था और सुशासन जैसी नीतियां।

सीमेंटेड सड़क का हाल बदहाल कहीं गड्ढे तो कहीं हवा में झूलती सड़क बन रही मिशाल……..
ठीक कुछ ऐसा हाल सीमेंटेड सड़क या सीसी सड़क का भी है, जगह जगह दरारें,गड्ढे तो कहीं सड़क की सहायता के लिए भूमि तक जमीदोज़ हो रही है,खैर सरपंच सचिव और इंजीनियर सहित ठेकेदार ने जिला मुख्यालय के नाक के नीचे जो भ्रष्टाचार किया है उससे एक बात का तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस भ्रष्टाचार रूपी हमाम के नंगों में कार्यवाही का कोई भी भय बाकी नहीं है।

इनका कहना है….

ग्रेवल सड़क का तो बरसात में यही हाल होता है।
समयलाल कोल (सरपंच ग्रामपंचायत कोटमा)

कहां सड़कें खराब हैं मुझे तो नहीं दिखती हैं पहले मैं देख लेता हूं फिर आपसे बात करूंगा।
संतोष चौधरी (सचिव ग्राम पंचायत कोटमा)

इस संदर्भ में सीईओ जिला पंचायत से चर्चा करने की भी कोशिश की गई तो कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ।

खबरों के अपडेट पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
E-Paper