साजिश या खुला संपत्ति जिहाद..? रियाज,राहुल,षड्यंत्र और मौत का कारण अस्पष्ट

शहडोल/ब्योहारी :- रियाज सिद्दिकी ,ऊषा नामदेव , पूजा नामदेव के विरुद्ध ब्योहारी थाने में हजारीलाल के पुत्र राहुल नामदेव द्वारा इस आशय की शिकायत की गई थी कि उसके पिता हजारीलाल नामदेव की मौत स्वभाविक नहीं थी अपितु उनकी हत्या की गई थी और जिन संदेहास्पद और विवादास्पद परिस्थितियों में राहुल के पिता की मृत्यु हुई उस पर राहुल को शत प्रतिशत शंका अपनी मां ऊषा नामदेव ,रियाज सिद्दिकी उर्फ राजा ठाकुर जिसने रीवा के मैरिज कोर्ट में राजा ठाकुर के नाम पर पूजा नामदेव से शादी कर ली इन सब पर उसको पूरा पूरा शक था एवं अपने पिता की संदेहास्पद मौत से व्यथित हो न्याय की आस में राहुल नामदेव ब्योहारी थाने में मौका पाते ही एक शिकायत की थी ।
शिकायत देर से दर्ज करवाई गई जिसका कारण राहुल नामदेव ने स्वयं बतलाया कि वह कई महीने रियाज सिद्दिकी , पूजा नामदेव एवं ऊषा नामदेव की गिरफ्त में था वह भी लक्ष्मीनारायण स्थित उसके स्वयं के पैतृक निवास में जहां उसे इन लोगों के द्वारा बंधक बनाकर रखा गया था और उसके साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया जाता था उसकी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की पासबुक और ए टी एम कार्ड भी रियाज सिद्दिकी ने बलपूर्वक छीन लिए थे , राहुल की अच्छी खासी धनहानि कारित की गई ।
ब्योहारी थाने को दिए गए शिकायती पत्र में लिखा गया है कि राहुल नामदेव को जनपद पंचायत ब्योहारी के सामने स्थित उसके पैतृक निवास से निकालने के लिए रियाज सिद्दिकी और ऊषा नामदेव के द्वारा उसकी हत्या करने की योजना बनाई जा रही एवं राहुल ने अपनी इस भारी गंभीर शिकायत में यह भी बतलाया है कि उसके पिता हजारीलाल नामदेव को मारने में रियाज,ऊषा का ही हाथ है ।। पहले मौत हजारीलाल की और फिर उनके पिता रामकृपाल की। शिकायती पत्र के आधार पर एक बात तो पूरी तरह से स्पष्ट हो जाती है कि रियाज सिद्दिकी ने संपत्ति हड़पने के इरादे से ही पूजा नामदेव से शादी की और ऊषा नामदेव जो पूजा की मां है के साथ मिलकर मनगढ़ंत और कूटरचित , गैरकानूनी तरीकों का प्रयोग करते हुए फर्जी दानपत्र और वसीयतनामा तैयार करवाया था , चूंकि ऊषा नामदेव और पूजा नामदेव का रियाज सिद्दिकी उर्फ राजा ठाकुर के साथ रहना हजारीलाल नामदेव को पसंद नहीं था एवं ना ही यह बात राहुल नामदेव को ही पसंद थी । पूजा नामदेव और ऊषा नामदेव दोनों ही रियाज सिद्दिकी की पक्षधर रही हैं अतः उन सबका विरोध हजारीलाल नामदेव यथाशक्ति करते ही रहते थे उन्होंने रियाज सिद्दिकी को घर से बाहर निकालने के बहुत प्रयास किए परंतु धीरे-धीरे अपने खराब स्वास्थ्य और मानसिक तनाव , ऊषा और पूजा के कारण असक्षम रहे । हजारीलाल नामदेव के विरोध के कारण उनकी पत्नी ऊषा नामदेव और बेटी पूजा नामदेव के साथ उनका वाद विवाद लगातार होता ही रहता था जिनके जीवित रहते पैतृक संपत्ति को हड़पना असंभव ही था , राहुल साधारण और शांत प्रकृति होने के कारण काफी भयभीत भी रहता था ,यदि वो ब्योहारी थाने पहुचने में सफल ना हो पाता तो ना तो वह शिकायत कर पाता और ना ही अपनी पैतृक संपत्ति को बचाने के प्रयास ही कर पाता ।
राहुल और विकास नामदेव ने यह भी बतलाया कि ऊषा नामदेव अपने पति हजारीलाल नामदेव के साथ रियाज सिद्दिकी के का विरोध करने के कारण मारपीट भी करती रहती थी और यह सब कुछ इसीलिए था कि वो अपनी पैतृक सम्पत्ति को पूजा नामदेव के नाम कर दे जो कि रियाज सिद्दिकी की संपत्ति बन जाती और वह उसका गबन कर लेता परंतु ऐसा नहीं हो पा रहा था ।
राहुल को यह संदेह है कि उसकी मां ऊषा नामदेव और बहन पूजा नामदेव ने रियाज सिद्दिकी के साथ साजिश करके उसके पिता के खाने में जहरीली वस्तुओं को मिलाया जिसके कारण हजारीलाल नामदेव का स्वास्थ्य खराब हुआ और उनकी मृत्यु हो गई और यह संदेह और भी मजबूत तब हो गया जब राहुल ने अपने पिता की अचानक हुई मौत के कारण का पता लगाने के लिए शव के पोस्टमार्टम की बात कही थी परंतु ऊषा नामदेव ने इस बात का भारी विरोध किया और पोस्ट मार्टम नहीं होने दिया।। हजारी के पिता रामकृपाल नामदेव की मौत भी प्रश्नवाचक:- राहुल अपने घर में होने वाले मौत के तांडव से काफी घबरा गया था वह समझ नहीं पा रहा था कि आखिरकार एक के बाद एक उसके परिवार के कर्ताधर्ताओं की मौत का सिलसिला कैसे शुरू हो गया ? क्योंकि रामकृपाल नामदेव जो हजारीलाल नामदेव के पिता थे वो अपने लक्ष्मीनारायण स्थित अपने बेटे के साथ अपने ही निवास पर रहते थे और यह बात तो सभी को मालूम होती है कि जमीन जायदाद का सीधा संबंध दादा और पिता से ही सर्वप्रथम होता है । प्रश्न यह उठता है कि क्या इन विवादों के दौरान ही पिता और पुत्र की मौत होनी थी ,क्या ऐसा भी कोई संयोग हो सकता है?
गुलज़ारीलाल नामदेव की मृत्यु के बाद सम्पूर्ण परिवार की संपत्ति के प्रबल पक्ष स्व रामकृपाल नामदेव ही थे यदि उनकी मौत रहस्यमयी ना होती तो उनका पोस्टमार्टम करवाया ही क्यूं जाता ।
दरअसल रामकृपाल नामदेव की मृत्यु के बाद विकास नामदेव , राहुल नामदेव , गुलज़ारीलाल नामदेव शव पोस्टमार्टम हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गए , रामकृपाल नामदेव का पोस्टमार्टम डा रत्नेश द्वारा किया गया पोस्ट मार्टम की रिपोर्ट में मौत का कारण अस्पष्ट आया जिसके कारण उसे फारेंसिक जांच हेतु भेजा गया जिसकी रिपोर्ट अभी प्रतीक्षित है ।
दूसरा यह कि रामकृपाल की मौत के बाद ही संपत्तियों में उथल पुथल का खेल ,फर्जी वसीयतनामे और नामांतरण का खेल शुरू हो जाता है और वह भी रामकृपाल नामदेव के नाम का अंगूठा लगाकर एवं दस्तावेजों में उन्हें अनपढ बतलाकर ।
शेष बचे राहुल नामदेव को भी बंधक बना लिया गया था हजारीलाल की मौत के बाद उसके जीवन बीमा की राशि और संपत्ति तथा रामकृपाल नामदेव की मौत के बाद फर्जी वसीयतनामा तैयार कर रामकृपाल नामदेव और हजारीलाल नामदेव की सम्पत्तियो का विक्रय भी शुरू हो गया इन सभी बातों से मौत के कारणों को बड़ी आसानी से समझा जा सकता है ।
परंतु आश्चर्य इसी बात का हो रहा है कि राहुल के द्वारा पुलिस को शिकायत पत्र देने के बाद भी अभी तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाये जा रहे हैं ।
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