रविंद्र ने की आरोपियों की मध्यस्थता संपादक की करुंगा पुलिस से शिकायत – रविंद्र । मौत के बाद जागा प्रशासन अनिमितताओं के बाद भी कैसे हो रहा था संचालन…
शहडोल:- मामला है शहडोल नगर में स्थिति देवांता हास्पिटल में हुई महिला के मौत के बाद लालच की सियासत का घटना एवं शिकायत के आधार पर संतोष कुमार राठौर निवासी चोरभटठी अनूपपुर ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि देवांता अस्पताल के प्रबंधक डॉ बीके त्रिपाठी और डॉ बृजेश पांडेय द्वारा पत्नी का सही उपचार नहीं किया गया है। पीडि़त के अनुसार, भय दिखाकर पैसे ले लिए और पत्नी की मौत के बाद भी मुझे जानकारी नहीं देकर कई कोरे कागजों में दस्तखत कराए जा रहे थे। इस दौरान कई बार धोखाधड़ी कर कई बार पैसे भी लिए गए। जब महिला की मौत हो गई, तब भी जानकारी नहीं दी गई थी। उक्त मामले में पुलिस ने आरोपी डॉ.बीके त्रिपाठी और डॉक्टर ब्रजेश पांडेय के खिलाफ मामला दर्ज कर कारवाही कर रही है। रविंद्र ने की आरोपियों की मध्यस्थता ओर कहा संपादक के खिलाफ करुंगा पुलिस में शिकायत :- उक्त विषय को लेकर रविंद्र तिवारी ने स्थानीय होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की ओर आरोपियों की मध्यस्थता करते हुए पत्रकारों के समक्ष आरोपियों के हस्ताक्षरित आवेदन पत्र प्रस्तुत किया जिसमें आरोपियों द्वारा पुलिस अधीक्षक से दर्ज अपराध के पुन: निरिक्षण की मांग की है सांथ कलेक्टर के द्वारा गठित समिति के प्रतिवेदन के संबंध में दस्तावेज भी प्रदान किये है। अपने वक्तव्य में रविंद्र ने प्रशासनिक कारवाही पर प्रश्नचिंह लगाते हुए कहा की आखिरी इतनी जल्दी प्रशासन ने कारवाही कैसे ओर किस आधार पर की है मामले की जांच कर मामला दर्ज किया जाना चाहिए था। जिन समाचार पत्रों ने बिना तथ्यों के आधार पर खबर प्रकाशित की है उनके प्रधान संपादक के उपर पुलिस से लिखित शिकायत भी करुंगा। शासन प्रशासन पर प्रश्नचिन्ह:- उक्त घटना के बाद प्रसासनिक जांच टीम ने आगामी आदेश तक हास्पिटल के लाइसेंस को निरस्त तो कर दिया है मगर प्राशासन पर यह भी एक बडा प्रश्न उठता है की प्रशासन ने हास्पिटल को किस आधार पर लाइसेंस दिया था..? क्या जांच में हास्पिटल लाइसेंस प्राप्त करने के मानक पैमानों पर खरा उतरता है अगर नहीं उतरता है तो हास्पिटल को लाइसेंस देने वाले अधिकारी पर शासन प्रशासन क्या कारवाही करती है…? प्रथम दृष्टया अनिमियताओं के बाद भी आखिर कैसे हास्पिटल का संचालन हो रहा था..? जांच का एक पहलू यह भी:- जब किसी भी भवन या परिसर पर हास्पिटल या अन्य व्यवसाय किये जाते है तो भवन के निर्माण संबंधित विभिन्न विभागों की मंजूरी, नक्शा व अन्य मानक पैमानों को क्या वह भवन पूरा कर रहा है एक जांच का विषय है….? विषेश ध्यान देने वाली बात मौत पर खेल अगर पैसों के लिए हुआ तो:- अगर जांच में आरोपों के सही पहलू सही है तो यह बात सम्पूर्ण मानवता को शर्मसार करने वाली बात तो है ही ओर सासन प्रशासन की अकर्मण्यता का भी स्पष्ट प्रमाण भी होगा क्या सासन प्रशासन अपनी कर्मण्यता का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कठोर ओर जनहितकारी निर्णय ले पाएगी..? आखिर क्या प्रशासन सासन घटना से सम्बंधित सभी पहलुओं की जांच करते हुए क्या आय से अधिक संपत्तियों के विषय में जांच करते हुए एक महान समाज हितैषी निर्णय लेगी…? इन सभी पहलुओं के बाद देखना यह है की स्थानीय प्रशासन द्वारा हास्पिटल के भवन, हास्पिटल प्रबंधन एवं उक्त विषय पर दोषी पाए जाने वाले लोगों पर क्या कारवाही करती है साँथ ही जिले में संचालित विभिन्न हास्पिटलों की नवीनतम स्थिति जांच कर नियमों का पालन करती है।


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