भारत में सबसे तेजी से उभरता हुआ वेब न्यूज़ चैनल

रियाज सिद्दिकी मामले में और भी हो सकते हैं खुलासे
पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार लिए जा रहे बयान
राहुल नामदेव , विकास नामदेव के साथ कब होगा न्याय

224
Above News

शहडोल/ब्यौहारी(डा प्रणय तिवारी) :- रियाज सिद्दिकी जिसने‌ राजा ठाकुर बनकर पूजा नामदेव से रीवा के न्यायालय अपर कलेक्टर से किस प्रकार से शादी का प्रमाणपत्र बनवा लिया इस बात पर भी तरह तरह के प्रश्न‌ उठने‌ शुरू हो गए हैं ।
राहुल नामदेव और विकास नामदेव ने वर्ष 2017 से 2021 तक जिस प्रकार से विभिन्न समस्याओं का सामना किया तथा राहुल के रियाज सिद्दिकी के चंगुल से भाग निकलने के बाद से एक के बाद एक नई नई बातें सामने आना शुरू हो गई है । जब राहुल को टंकी तिराहे के पास रियाज सिद्दिकी के द्वारा मारपीट की जा रही थी और कुछ लोगों के बीच बचाव के बाद ब्योहारी पुलिस को मौके की सूचना दी गई थी एवं थाने में जाने के बाद वहां भी पूछताछ के दौरान रियाज सिद्दिकी ने स्वयं को राजा ठाकुर ही सिद्ध करना चाहा था परंतु पुलिस द्वारा छानबीन के दौरान जो दस्तावेज प्राप्त हुए थे दर्ज प्रकरण एवं‌ जमानत के दस्तावेज में उसका प्रमुख नाम रियाज सिद्दिकी ही लिखा गया था एवं उपनाम राजा ठाकुर लिखा गया था संदेह और कूटरचना के संदेह ने यहीं से बढना शुरू कर दिया था । यहां पर काबिले गौर बात यह भी थी कि आखिर राहुल नामदेव का एटीएम कार्ड रियाज सिद्दिकी के पास से ही बरामद किया गया था यदि उसी समय से पुलिस ने गंभीरतापूर्वक कार्यवाही की होती तो चोरी और गलत इरादे से छीने गए एटीएम कार्ड पर ही रियाज सिद्दिकी के ऊपर धाराये लगा सकती थी परंतु यह पहेली अभी तक पहेली ही है कि एटीएम प्राप्त करने के बाद भी उससे संबंधित प्रकरण आखिर दर्ज क्यो नही किया गया ।

संपत्ति हड़पने की साज़िश और दस्तावेजों में कूटरचना

कारण चाहे जो भी रहा हो परंतु सच तो यही है कि रियाज सिद्दिकी द्वारा अपराध किया गया है और जिसके लिए रियाज सिद्दिकी उर्फ राजा ठाकुर ( बनावटी नाम ) को कठोर से कठोर दण्ड दिया जाना चाहिए । आखिर ऐसा क्या कारण रहा होगा कि जिस पूजा नामदेव से रियाज़ सिद्दिकी ने संदेहास्पद कोर्ट मैरिज की उसी के नाम पर संपत्ति का बंटवारा और वसीयतनामे को तैयार करने में कूटरचना का सहारा लिया गया विरोध करने वाले जो भी परिवार के सदस्य थे जिसमें पूजा नामदेव के पिता हजारीलाल नामदेव एवं दादा रामकृपाल नामदेव जिनकी संदेहास्पद मौत हो गई जिसके लिए राहुल नामदेव ने पुलिस को शिकायती पत्र भी दिया था एवं राहुल , विकास सहित अन्य को भी परेशान करने में रियाज सिद्दिकी ,पूजा नामदेव और ऊषा नामदेव ने कोई कसर नहीं छोड़ी उसके बाद एक बात जो संदेह को और भी ज्यादा बढा देती है वह है 80 वर्ष के रामकृपाल नामदेव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जिसमें ब्योहारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने यह लिख दिया कि मौत का कारण अज्ञात है एवं सैम्पल को बायोकेमिकल जांच के लिए भेज दिया गया ।
बात और भी ज्यादा पेचीदी तब हो जाती है जब बिना राहुल नामदेव की जानकारी और परिवार के अन्य सदस्यों की जानकारी के तहसील‌ न्यायालय उन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नामांतरण और बंटवारा भी हो गया था जिसके विरोध ‌में जब विकास नामदेव ने आपत्ति जताई थी तो अनुविभागीय अधिकारी राजस्व न्यायालय ब्योहारी से उसका यह आवेदन भी नियम विरुद्ध तरीके से खारिज कर दिया गया था इससे व्यथित विकास ने जब न्यायालय अपर कलेक्टर शहडोल से अपील की तब कहीं जाकर न्यायालय अपर कलेक्टर ने ब्योहारी के इस नामांतरण और बंटवारे को अवैध घोषित कर उस पर जांच के आदेश दिए।

मैरिज सर्टिफिकेट भी संदेह के घेरे में, कैसे बना सर्टिफिकेट

अब बात आती है नाम की तो समस्त दस्तावेजों की पड़ताल में यह बात सामने आ ही गई कि राजा ठाकुर के नाम से ना तो वोटर आईडी है एवं ना ही समग्र आई डी क्योंकि इन दोनों प्रमुख दस्तावेजों ‌में रियाज सिद्दिकी ही दर्ज‌ है तो फिर ऐसा कैसे हो सकता है कि आधार कार्ड में राजा ठाकुर लिखा होना पाया जाय।
इससे यह बात स्पष्ट हो जाती है कि मैरिज कोर्ट में जो भी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए होंगे वो‌ भी कूटरचित ही रहे होंगे जिनके आधार पर मैरिज सर्टिफिकेट में राजा ठाकुर लिख दिया गया जिसके लिए विकास नामदेव द्वारा रीवा मैरिज कोर्ट हेतु यह आवेदन भी करना पड़ा कि उक्त मैरिज सर्टिफिकेट की जांच करवाई जाय क्योंकि वोटर आईडी में रियाज सिद्दिकी एवं समग्र आई डी में रियाज सिद्दिकी तो आधार कार्ड में राजा ठाकुर कैसे?
इसकी शिकायत रीवा पुलिस के पास भी पहुंच चुकी है एवं जिसके लिए विकास नामदेव से रीवा पुलिस ने संपर्क भी किया है एवं वस्तुस्थिति जानने के लिए दस्तावेज उपलब्ध करवाने के साथ मामले को रीवा कलेक्टर को अंतरित करने की सलाह भी दी है ।
क्योकि यदि रियाज सिद्दिकी यह कहता है कि वह हिन्दू बन गया है तो एक बात उठकर सामने आ जाती है कि फिर धर्मांतरण संबंधी दस्तावेज एवं प्रक्रियाओं का क्या हुआ होगा क्योंकि धर्मांतरण कोई छोटी मोटी प्रक्रिया भी नहीं है उसमें कई औपचारिकताओं को पूर्ण करना पड़ता है परंतु इस मामले में इन औपचारिकताओं और प्रक्रियाओं को पूर्ण ना करना भी पाया जाता है ।
यहां पर एक गंभीर बात यह है कि यदि मैरिज सर्टिफिकेट कूटरचना और धोखाधड़ी से बन भी जाता है तो बाद में उसे निरस्त भी किया जा सकता है एवं धोखाधड़ी करने वालों पर उनका साथ देने वालों पर न्यायालय अपर कलेक्टर पुलिस प्राथमिकी का आदेश भी देंगे।
फिलहाल अभी मामला शहडोल पुलिस के पास है जहां मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक शहडोल ने थाना ब्योहारी को इस फर्जीवाड़े पर प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दे चुके हैं जिस पर काफी गंभीरता से पूछताछ भी की जा रही है ।
वहीं दूसरी ओर यह बात आ रही है कि किए गए राजस्व अपराध में न्यायालय अपर कलेक्टर शहडोल के आदेश के ‌बाद भी अभी तक पुनः नामांतरण, बंटवारे एवं कूटरचना कर तहसील न्यायालय को गुमराह करने वालों पर पुलिस प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं करवाई गई है क्योंकि यह न्यायालय को दिया गया एक बहुत बड़ा धोखा है एवं‌ जिसके लिए न्यायालय राजस्व ब्योहारी को भी पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश देना चाहिए ।
इसी कारण से विकास नामदेव ने शहडोल कलेक्टर एवं संभागायुक्त से भी इस राजस्व अपराध से अवगत कराया है जिस पर शहडोल कलेक्टर द्वारा एस डी एम ब्योहारी से बात भी की गई है।
इस मामले में जैसे जैसे पड़ताल की जा रही है वैसे वैसे अन्य अपराध भी सामने आ रहे हैं ।

खबरों के अपडेट पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
E-Paper