घोटाला पे घोटाला,कुम्भकरणीय निद्रा सो रहे एमपीआरडीसी शहडोल के अधिकारी
156 करोड रुपए की लागत से बनी सीसी रोड का मामला…
अखिलेश कुमार शर्मा……
शहडोल।प्रदेश सरकार प्रदेश प्रदेश वासियो के लिए जगह जगह रोड निर्माण करवा रही है पर कंपनी से पेटी कांटेक्ट मे कर रहे ऐटकान इंडिया लिमिटेड कंपनी ने जनता के लिए रोड के नाम पर कब्र खोद बना दी जो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है रोड कंपनी ने रोड मे बने पुलिया के नाम पर घटिया पाइप लगाकर लोगो की जान को जोखिम मे डाल दिया.
शहडोल एमपीआरडीसी के अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार ने लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर दिया पर एमपीआरडीसी में बैठे अधिकारियों ने अपनी आंखें बंद कर ली जिसकी शिकायत जिले से लेकर अब केंद्र सरकार तक की गई पर इस सरकार मे बैठे अधिकारियो ने अपनी आखे बंद कर रखी है .
शायद प्रदेश के मुखिया के निर्देशो की एम. पी.आर.डी.सी.के अधिकारी वा रोड कंपनी के ठेकेदार योगेंद्रर सिंह ने दर किनार कर लोगो की जान के साथ खिलावाड कर दिया.शायद शहडोल एमपी आरडीसी के अधिकारी मुकेश वेले और योगेंन्द्रर यह भूल गए कि आज से कुछ दिन पूर्व ही सीधी जिले मे नहर बस हादसे मे कई लोगो की जान चली गई .इस हादसे के बाद ही जिला प्रशासन की नीद जागी.और कई अधिकारियो के ऊपर गाज भी गिरी.उस हादसे के बाद भी जिला प्रशासन के अधिकारी इस रोड से अंजान बने हुए है .अनुकपुर चचाई मार्ग मे रोड बनते वक्त कई लोगो ने अपनी जान भी गवा दी.वही पेटी कांटेक्ट मे कार्य कर रहे ऐटकान इंडिया लिमिटेड कंपनी ने रोड मे बनी छोटी पुलियो मे घटिया पाइप डाल दी जो अबधीरे धीरे फटने लगी और जिम्मेदार शहडोल में बैठे एमपीआरडीसी के अधिकारी मुकेश वेले और कंपनी के पीएम प्रदीप सक्सेना की मिलीभगत से घटिया कार्य करा दिया गया और अब लीपापोती कर रोड हैंडओवर करने की फिराक मे लगे हुए है आखिरकार 156करोड़ की रोड मे घटिया कार्य कैसे हो गया यह बड़ा सवाल उठता है .
वही इस मामले की शिकायत सी.एम.हेल्पलाइन में भी की गई है तीन महीने बीत जाने के बाद भी निराकरण आज तक नहीं हुआ शासन की ये सीएम हेल्पलाइन योजना की आधिकारी खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे है ।
मीडिया ने एमपी.आरडीसी शहडोल सहायक लोक सूचना अधिकारी मुकेश वेले (सहायक महाप्रबंधक )से इसकी शिकायत की पर अब वो मीडिया के सवालो से भागते दिख रहे है और अपनी कमियो मे लीपापोती करते दिख रहे है क्या जिला प्रशासन को कोई बड़ी घटना का इंतजार है म.प्र सड़क विकास निगम के अधिकारियो वा ठेकेदार की मिलीभगत से ही घटिया रोड वा पुलिया निर्माण किया गया जो अब कभी भी एक बड़े हादसे को न्योता दे सकता है इस मामले को आवेदक ने प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक इसकी शिकायत की है पर जिले मे बैठे जिम्मेदार आपनी आखो को बंद कर बड़ी सड़क दुर्घटना का इंतजार कर रहे है और एमपीआरडीसी के मिलीभगत से हो रही फर्जी जांच .वही कंपनी के जिम्मेदार जांच अधिकारियो को मैनेज की बात कर रहे है .


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