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भारतीय सेना ‌के जवान के‌ साथ‌ पुलिस ‌और राजस्व का अत्याचार

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डा प्रणय तिवारी :- मानवाधिकार कार्यकर्ता शहडोल/ब्योहारी :- बात है ब्योहारी के ग्राम साखी के अभिषेक द्विवेदी जो कि भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं वर्तमान में वो‌ ट्रेनर‌ भी हैं परंतु जब पुलिस प्रशासन और राजस्व प्रशासन ही एक फौजी के परिवार को तंग करने लगे फौज के जवान‌ के परिवार के साथ परिवार वालों के अत्याचारों और उग्र व्यवहार के कारण मानसिक संतुलन का बिगड़ना देश के लिए सुरक्षा के लिए अच्छा भी नहीं है।
फौजी जवान अभिषेक द्विवेदी जी ने अपनी समस्याओं के बारे में शहडोल पुलिस एवं‌ प्रशासन को‌ भी अवगत कराया परंतु जिस जवान की बात सर्वप्रथम सुनी जानी चाहिए उसकी बात सुनना तो दूर रहा ब्योहारी पुलिस ने इण्डियन आर्मी के जवान पर हाथ भी उठाया और‌ जिसका स्वागत फूलों की माला से सारा देश करता है उसे ब्योहारी पुलिस ने लाकप में भी डाल दिया भला इससे बड़ी शर्मनाक बात और क्या हो सकती है।
अभिषेक द्विवेदी के भाई विपुल द्विवेदी, विमलेश द्विवेदी ने बताया कि घर पर परिवार के दूर के‌ रिश्तेदारों ने जमीन और उस पर मालिकाना हक के चक्कर में एक फौजी के परिवार को परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है जबकि फौज के जवान अभिषेक द्विवेदी फौज के एक इन्वेस्टिगेशन के कार्य ‌से‌ ब्योहारी भी आये हुए हैं।
पुलिस कांस्टेबल सुधीर द्विवेदी जो कि मानपुर में पदस्थ हैं एवं पटवारी हल्का साखी वीरेश पाठक ने मिलकर फौजी जवान अभिषेक द्विवेदी एवं उनके परिवार की पैतृक भूमि संबंधी विवाद को एक बड़ा रूप दे दिया तथा यह तक भूल गए कि जिसके साथ हम सब मिलकर अभद्रता कर रहे हैं वो भारतीय सेना का वो जवान है जो देश के लिए गोली खाने के लिए फौज में अपनी सेवाएं दे रहा है ।
ब्योहारी थाना प्रभारी अनिल पटेल ने अपने थाने में आर्मी के सोल्जर के साथ बदतमीजी कैसे होने दी यह बात समझ‌ में नहीं आती है एक आर्मी के सोल्जर‌ पर‌ ब्योहारी पुलिस ने हाथ भी उठाया एवं उन्हे बंद भी कर‌ दिया ,ऐसा करना किसी एक फौजी का अपमान नहीं है अपितु पूरी भारतीय फौज का अपमान है जिसे कोई भी सहन नहीं कर सकता है भारतीय फौज का इतना बड़ा अपमान करते समय ब्योहारी पुलिस ने यह तक नहीं सोचा कि उसका दुष्परिणाम क्या होगा । फौजी सैनिक अभिषेक द्विवेदी ने मायूस होकर यह बतलाया कि मैं मानसिक रूप से बहुत परेशान हो रहा हूं हर विभाग को उन्होंने लिखित आवेदन भी किया परंतु उस कोई भी कार्रवाई नहीं हो सकी यहां तक कि वो होम मिनिस्टर श्री नरोत्तम मिश्रा जी से मिलकर भी अपनी समस्याएं बतला चुके हैं परंतु उसका कोई भी प्रभाव शासन प्रशासन पर नहीं पड़ा है प्रश्न यहां इस बात का उठता है कि जब एक फौजी की सुनवाई नहीं हो पा रही है तो भला आम आदमियों की सुनवाई कैसे‌ हो सकती है यह एक बहुत बड़ा प्रश्न सबके सामने खड़ा हो गया है ।
प्रार्थी संतोष द्विवेदी जो कि अभिषेक के भाई हैं इन्होंने हर विभाग में यह शिकायत की है कि प्रार्थी के पिता ललन प्रसाद द्विवेदी पर होमगार्ड सैनिक रमाशंकर द्विवेदी जो थाना ब्योहारी में पदस्थ हैं उनके द्वारा हल्का पटवारी व राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर पैतृक भूमियों में गलत प्रविष्टि करवाकर समूचे‌ परिवार को ही मानसिक प्रताड़ना देता रहता है ।
रमाशंकर द्विवेदी के पुत्र सुधीर द्विवेदी जो पुलिस कांस्टेबल है एवं ताला थाने में पदस्थ हैं एवं हल्का पटवारी वीरेश पाठक पुलिस प्रशासन को अपने प्रभाव में लिए हुए हैं 19/11/21 को वीरेंद्र द्विवेदी,शंकर दयाल,लक्ष्मी देवी,मुन्नी बाई, रानी द्विवेदी,रामदर्शन, रजनीश एवं सुष्मा ने संतोष द्विवेदी एवं परिवार के साथ मारपीट की जिसकी शिकायत पीड़ित पक्ष ने ब्योहारी थाने में करनी चाही परंतु थाना प्रभारी अनिल पटेल ने फौजी के परिवार की एक तो रिपोर्ट भी नहीं लिखी दूसरे फौजी के परिवार को मां बहन की गालियां भी दीं ऐसा शिकायती पत्र में उल्लेख है ।
एक तरफ हमारे फौजी भाई अभिषेक द्विवेदी जी का परिवार है जो कि 2 वर्षों से विपक्षियों के अत्याचारों से ग्रसित है उल्टे ब्योहारी पुलिस ने फौजी के परिवार के खिलाफ ही प्रकरण‌ पंजीबद्ध कर दिया फौजी को लाकप में डाल दिया सैल्यूट करने के स्थान पर फौजी को मारकर पूरी भारतीय फौज का अपमान किया तथा परिवार के सदस्य‌ पर‌ धारा 307 भी लगा दी ।
अब भारतीय फौज के सैनिक अभिषेक द्विवेदी जी का कहना है कि पुलिस और राजस्व‌ के इस सौतेले रवैये के कारण देश के प्रति की जाने वाली ड्यूटी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है , क्योंकि जब वह घर‌ से दूर देश की सुरक्षा में अपनी सेवाएं दे रहे होते ‌है उन्हे अपने घर परिवार के सुरक्षा की चिंता सताती रहेगी जब थाना प्रभारी ब्योहारी, कांस्टेबल सुधीर, पटवारी वीरेश पाठक एक फौजी को‌ भी नहीं बख्श रहे हैं तो भला वो फौजी के परिवार को कैसे बख्श देंगे ?
आखिरकार एक फौजी के परिवार की सहायता करने के स्थान पर‌ उन्हे‌ परेशान क्यो किया जा रहा है । फौजी अभिषेक पर ब्योहारी पुलिस ने हाथ क्यो उठाया , भारतीय फौज के सैनिक अभिषेक द्विवेदी को लाकप में बंद करने की हिम्मत पुलिस की कैसे हो गई ?

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