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सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग के साहब नही मानते उच्च न्यायालय का आदेश……?

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अखिलेश कुमार शर्मा (7999140850 )

शिक्षा विभाग मे फैले भ्रष्टाचार मे आखिर कब लगेगा आकुश। जिले से लेकर उच्च न्यायालय तक कागज लेकर चक्कर लगा रहा दीपचंद फिर भी नही मिल रहा न्याय तो कौन दिलायेगा न्याय पिछले चार सालों से चक्कर लगा रहा दीपचंद ।अभी तक नही मिली अनुकंपा नियुक्ति। उच्च न्यायालय के निराकृत आदेश के बाद भी आवेदक दीपचंद प्रजापति को सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग जिला शहडोल द्वारा अनुकंपा नियुक्ति निरस्त कर दिए जाने से आवेदक चार साल से सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग के चक्कर लगा रहा है आखिर दीपचंद प्रजापति को कब न्याय मिलेगा।

शहडोल ।जहां एक ओर प्रदेश के मुखिया भ्रष्टअधिकारी व माफियाओं पर कडी कार्यवाही के कडे निर्देश दे रहे है ताकी आम जनता का भला हो पर शहोडल जिले मे प्रदेश के मुखिया की मंशा पर पानी फिरते नजर आरहा है शहडोल जिले मे अनुकंपा नियुक्ति के लिए सालो से चक्कर लगा रहा है पर आज तक नही मिली नियुक्ति वही दीपचंद्र प्रजापति ने कहा की सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग के साहब ने सीधे कह दिया तुम्हे अनुकंपा नियुक्ति नही मिलेगी उच्च न्यायालय का आदेश भी साहब नही मानते चार सालो से सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग के चक्कर लगा रहा दीपचंद प्रजापति सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग की कार्यप्रणाली पर खडे हो रहे सवाल…..?

सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग की कार्यप्रणाली पर खडे हो रहे सवाल…..?

मेरे पिता की मृत्यू शासकीय सेवाकाल के दौरान दिनांक 08/11/2016 को आकस्मिक मृत्यू हो गई थी। मेरे पिता जी प्राथमिक विद्यालय भुरसी विकासखण्ड गोहपारू जिला शहडोल में सहायक अध्यापक के पद पर पदस्थ थे। पिता की मृत्युउपरांत मैने वर्ष 2017 में अनुकम्पा नियुक्ति हेतु सम्बंधित कार्यालय को आवेदन किया था। मेरी शौक्षणिक योग्यता आठवी पास उत्तीण थी तत्पश्चात विभाग में मुझे यह कह कर अपने कार्यालीन पत्र क्रमांक 4574 दिनांक 03/08/2017 को 12 वीं पास उत्तीण की योग्यत्ता ना रखने के कारण अपात्र कर दिया जिसकी याचिका मैने माननीय उच्च न्यायालय में आवेदन किया जिस पर मुझे माननीय उच्च न्यायालय ने अपने आदेश क्रमांक WP27381-2018 में आदेश जारी किया कि मैं भृत्य पद के लिए पात्र हूँ जिसका निराकृति आदेश मेरे द्वारा विभाग में पूर्व में ही प्रेषित किया जा चुका है। किन्तु सम्बधित विभाग ने मुझे नियम 54 (सिविल सेवा ) का हवाला देते हुए उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी मुझे अपने आदेश क्रमाक 2350 दिनांक 15/04/21 के बाद भी अपात्र कर दिया, विभाग द्वारा अपात्र करने व उच्च न्यायालय के आदेश पर भी अपात्र करने के कारण आर्थिक संकट अनुकम्पा नियुक्ति ना मिलने के कारण आगई
है। दीपचन्द्र प्रजापति पिता स्व0 वेदधर प्रजापति निवासी ग्राम कुकरौंध पोस्ट नवोगाव जिला शहडोल (म0प्र0) का निवासी ने जिले के मुखिया कलेक्टर ,कमिश्नर एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग मे आवेदन किया तथा गरीब ग्रामीण ने जिले की मुखिया एवं कमिश्नर संभाग शहडोल से मांग है कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश क्रमांक WP27381-2018 का अवलोकन कर मेरे आवेदन पत्रो पर ध्यान दिया जाए।

इनका कहना है –

आपने बताया है मै इस मामले की जांच करवांता हूं आप आवेदक को सोमवार को मेरे पास भेजिऐ मै दिखवाता हूं ।

रणजीत सिंह ए.सी.शहडोल

आवेदक दीपचंद प्रजापति द्वारा बताया गया है कि सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग जिला शहडोल द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के निराकृत आदेश वा योग्यता रखने के बाद भी अनुकंपा नियुक्तिआवेदक की जानबूझकर नहीं की जा रही,हैं जिससे पीड़ित पर आर्थिक संकट छा गया है साथ ही पीड़ित दर दर की ठोकर खा रहा हैं मामला बहुत गंभीर हैं जो मानव अधिकार के हनन की श्रेणी में आता है इस मामले में जिले की कलेक्टर महोदया को अवगत करा कर कार्यवाही की मांग करेंगे।

राम नारायण मिश्रा जिला अध्यक्ष
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट
जिला शहडोल मध्य प्रदेश

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