राशि गबन की पोल खुलने के डर से बालक माध्यमिक विद्यालय के पूर्व प्रभारी ने लिखाई चोरी की रिपोर्ट ।
राघवेन्द्र द्विवेदी को मिला प्रभार पर वित्तीय प्रभार नहीं दिया सनत पटेल ने ।

ब्य़ोहारी – शासकीय बालक माध्यमिक विद्यालय न्यू बरौधा के विवादित प्रभारी सनत पटेल को न्यू बरौधा से हटाकर बी आर सी में संलग्न किया गया , क्योंकि इनकी दर्जनों शिकायतें एल 4 स्तर तक पहुंच चुकी एवं बी ई ओ ब्योहारी श्री हीरालाल पेन्ड्रो जी ने दो बार निरीक्षण समिति बनाई ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके प्रथम निरीक्षण में श्री प्रेमलाल मिश्रा प्राचार्य, श्री प्रजापति जी प्राचार्य , श्री शशिकांत शर्मा जी ने औपचारिकता बतौर निरीक्षण किया था जिसकी पूरी वीडियो क्राईम इन्फार्मेशनब्यूरो के डा प्रणय तिवारी ने बना ली थी क्योंकि जिन जिन शिकायतकर्ताओं की शिकायतें थी उन्हे निरीक्षण समिति ने बी ई ओ साहब के आदेशानुसार स्वयं विद्यालय बुलवाया था , जब प्रथम जांच हो रही थी तब स्टाप क्राईम आर्गनाइजेशन के मेम्बर विकास शर्मा, अवधेश द्विवेदी, बेबाक शक्ति से विकास नामदेव सभी उपस्थित थे और जिस प्रकार से निरीक्षण किया जा रहा था उसके लिए इनसे बड़ा साक्ष्य और कुछ हो भी नहीं सकता ।
यहां पर श्री पी एल मिश्रा जी ने सनत पटेल को आदेशित किया था कि सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध करवा दें जिसमें सनत पटेल ने कहा था कि सात दिन में जानकारी दे दूंगा , तदैवोपरांत बच्चों की शैक्षणिक स्थिति अति दयनीय और खराब पाई गई ।
इस निरीक्षण के बाद भी सनत पटेल द्वारा जब कोई जानकारी नहीं दी गई तो द्वितीय कमेटी पुनः गठित की गई , यहां तक कि जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी डी पाठक एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्वयं निरीक्षण किया परंतु जब प्रभार से सनत पटेल को हटा दिया गया तो उनके द्वारा प्रधानाध्यापक और पुलिस को यह सूचना दी गई कि हमारे आफिस के ताले तोड़कर सारे रजिस्टर चोरी हो गए हैं जो कि साफ साफ एक योजना को दर्शाता है , क्या चोरी तभी होनी थी जब आर टी आई लगाई गई,जब निरीक्षण शुरू हो गया इससे त़ो स्पष्ट हो जाता है कि यह एव पूर्व से सोची समझी साज़िश के तहत ही किया गया।
वर्तमान प्रभार राघवेन्द्र द्विवेदी को दिया तो गया परंतु सनत पटेल ने उन्हे वित्तीय प्रभार एवं विभिन्न मदो के रजिस्टर नहीं सौंपे केवल शैक्षणिक प्रभार दिया गया जो कि गाइडलाइंस के उल्लंघन के अंतर्गत आता है।
इसलिए वित्तीय प्रभार के ना होने के कारण राघवेन्द्र द्विवेदी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था अतः बी आर सी एवं बी ई ओ को यह पत्र दिया गया है कि उन्हें वित्तीय प्रभार नहीं दिया जा रहा है अतः दिलवाया जाए ।
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