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शहड़ोल में 192 करोड़ की लागत से बिछ रही सीवर लाइन…तो चार इंच के पाइप में बहेगा शहर का सीवर: मनीष श्रीवास्तव

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शहड़ोल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के प्रदेश महामंत्री- मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि,हमारे नेता प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने वर्ष 2009 में ही तत्कालीन केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री रहते हुए शहड़ोल में सीवर लाइन प्रोजेक्ट 100 करोड़ में सेंक्शन किया था,लेकिन प्रदेश में लगातार भाजपा की सरकार में इस प्रोजेक्ट को कभी चालू नही किया।अब जब सब कुछ मनमानी तरीके के सेट हो जाने के बाद प्रोजक्ट की लागत 100 से बढ़ाकर 192 करोड़कर लेने के बाद सीवर लाइन प्रोजेक्ट शुरू किया है,जिसका पूरा श्रेय सिर्फ कमलनाथ जी को जाता है।मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि शहर में लूट का खुला खेल प्रदेश सरकार जिला प्रशासन,नगरपालिका और सीवर लाइन का काम कर रही कम्पनी कर रही है। नगर में सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू हो चुका है। 192.82 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट का पूरा काम मप्र अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (एमपीयूडीसी) देख रही है। सीवेज नेटवर्क का कार्य 2034 की अनुमानित जनसंख्या के हिसाब से डिजाइन किया गया है।उन्होंने कहा कि,कम्पनी की सीवर लाइन में डाले जा रहे चार और छह इंच के गुडवत्ता विहीन प्लास्टिक पाइप का विरोध उन्हाेंने पहले भी किया था। इतने संकरे पाइप में कालोनियों का सीवर नहीं चल सकता। करोड़ों रुपये बर्बाद करने के बाद भी सीवर कामयाब नहीं होगा। लोग अपने अकेले घर के लिए भी कम से कम छह से आठ इंच तक के पाइप का इस्तेमाल करते हैं। मेरे अनुसार चार – छह इंच का पाइप बहुत छोटा है। इतने संकरे पाइप में सीवर कैसे बहेगा, सीवर लाइन को दो – चार साल के लिए नहीं बल्कि आगामी 50-60 साल के दृष्टिगत डाला जाता है। बढ़ती आबादी का भी ख्याल रखा जाना चाहिए। मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि,सीवर लाइन के नाम पर शहर की पब्लिक के साथ धोखा हो रहा है।महज चार से छह इंच चौड़े पाइप वो भी घटिया स्तर का इस्तेमाल किया जा रहा है। विरोध के बावजूद शहर की सभी कालोनियों में इसी पाइप का इस्तेमाल कर रहा है। चार इंच से ज्यादा चौड़ा पाइप तो लोग अपने घरों में इस्तेमाल करते हैं।
कालोनियों चार इंच चौड़े पाइप में शहर के इतने परिवारों का सीवर कैसे बहेगा, आने वाले दिनों में कालोनियों में परिवाराें की संख्या बढ़ेगी। इन हालात में यह सीवर लाइन कितना काम कर पाएगी, यह भविष्य में ही पता चलेगा। आशंका है कि पाइप की मोटाई मौजूदा जरूरतों के हिसाब से भी बेहद कम है।उन्होंने कहा कि,बर्बाद हो जाएगा सीवर। तत्काल इस कार्य को रोका जाये अभी भी शहर के मुख्य मार्गों को बेवजह खुदने से बचाया जाय।

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