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आग में जलता रहा प्लांटेशन, कुंभकरणीय निद्रा सोते रहे रेंजर बुढार……?

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शासन के लाखो रुपयों से लगाऐ गये कोदबार बीट में हजारों पौधे जलकर हुए खाक …….?

अखिलेश कुमार शर्मा

भारत में तो वृद्ध होने पर जंगल जाने और तपस्या करने की परंपरा रही है। राजा जवानी में जंगलों में आखेट करने जाते थे और बुढ़ापे में तपस्या करने। ‘चौथेपन नृप कानन जाहीं।’ अब न राजा रहे और न ही तपस्या वाली बात। जंगल अकेले पड़ गए हैं। जंगल में हर साल आग लग जाती है। यह आग खुद लगती है या लगाई जाती है, यह खोज का विषय हो सकता है। इसके पीछे व्यक्ति की असावधानी और लापरवाही कारक हो सकती है तो मक्कारी और धूर्तता भी इसकी बड़ी वजह हो सकती है ।

वांटेड टाइम्स शहडोल। प्रदेश सरकार के वन एवं वन संपदा की सुरक्षा को लेकर हजारों करोड़ रुपए खर्च कर पौधारोपण करा रहे हैं । वहीं वन मंत्री कुंवर विजय शाह रात दिन एक करते हुए वन एवं वन्य प्राणी की सुरक्षा एवं समीक्षा को लेकर कार्य कर रहे हैं “जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का “की तर्ज पर चल रहा था शहडोल संभाग में वन विभाग शहडोल संभाग में जब से मुख्य वन संरक्षक के पद पर पीके वर्मा पदभार ग्रहण किए था। वन एवं वन संपदा में भारी नुकसान होने का ग्राफ बहुत ही तेजी से बढ़ गया था। सीसीएफ पीके वर्मा अपने प्रशासनिक क्षमता का उपयोग केवल अपने सुख सुविधाओं के लिए करते थे उन्हें वन एवं वन्य प्राणियों या वन्य प्राणियों के नुकसान सहित आमजन के नुकसान एवं फायदे का कोई लेना-देना नहीं रहता । वहीं अगर देखा जाए तो साहब ने काफी अखबारों की सुर्खियां बटोरी हैं ज्ञातव्य है पुर्व समय में सीसीएफ पीके वर्मा के खिलाफ शिकायतों का आखिरकर मटका भरा और भोपाल आफिस से तबादले का फरमान जारी किया गया है वही जाते जाते भी बडे साहब भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों को संरक्षण देने से नहीं चूके।अब देखना है नये साहब के आने से अधिकारी कर्मचारियों में खुशी की लहर देखी जा रही है कि अब वन विभाग में न्याय संगत कार्रवाईया जरूर होंगे सभी की अपेक्षा बड़े साहब से है लेकिन अब देखना यह है कि भ्रष्ट अधिकारियों कर्मचारियों के भ्रष्टाचार पर आखिर कब और क्या कार्यवाही करते हैं बड़े साहब ….।

धू धू जलकर खाक हो गया प्लांटेशन

नौकरी केवल बिजनेस बतौर लाभ कमाने का धंधा बन चुका है। ताजा मामला शहडोल जिले के बुढार वन परिक्षेत्र अंतर्गत हर्दी वन चौकी अंतर्गत कोदवार
बीट का जंगल नंबर p860 वर्ष 2021 के प्लांटेशन मैं विगतदिन पूर्व लगी आग के कारण वह प्लांटेशन कई किलोमीटर की दूरी पर पूरी तरह से धू धू जलकर खाक हो चुका है ।जिसमें हजारों की तादात पर पौधे नष्ट हो गए इतना ही नहीं उक्त जले हुए जंगल में लगी आग के कारण तपती धूप में अनगिनत वन्य प्राणी भी जलकर खाक होगये। और वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी चुप्पी साध कर एसी का आनंद उठा रहे हैं ।

लाखों करोड़ का पौधारोपण हुआ जलकर खाक

जंगलों में आग लगने का क्रम शुरू हो जाता है, जिसका ख्याल रखने के लिए वन विभाग के साथ ही समितियां भी बनाई जाती हैं। इन सब के बावजूद भी वनों की सुरक्षा में वन विभाग फेल साबित हो रहा है।
जब से बुढार रेंज में नये रेंजर साहब पदभार ग्रहण किया तो वन अपराध में बढ़ोतरी अचानक तीव्र गति से हुई है । जंगल क्षेत्र से रेत का अवैध उत्खनन खासकर हरदी वन चौकी के कोदवार बीट ग्राम सारंगपुर के अगल-बगल से वन क्षेत्र के नदी नालों से रेत का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से चल रहा है वही लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर पौधारोपण भी जलकर खाक होगये । वन विभाग के आला अधिकारियों की लापरवाही के कारण जंगल जलकर खाक हो चुके है। और वन विभाग में पदस्थ जिम्मेदार शासन को झूठी जानकारी देते हुए वन सुरक्षा के नाम पर मालामाल हो रहे हैं ।

कोदवार बीट के बाद नवगवां के जंगल में लगी थी आग

विगत दिन पूर्व नवगवा के जंगल में आग लगी थी जिस पर आने जाने वाले लोगों के द्वारा हर्दी
वन चौकी के डिप्टी साहब एवं बुढार रेंज के रेंज अधिकारी को जानकारी दी थी आश्चर्य की बात तो यह है कि जानकारी देने के बाद भी मौके पर वन अमला नहीं पहुंचा आश्चर्य की बात तो यह है कि सिरौंजा बीट गार्ड का कैंप महज आधे किलोमीटर की दूरी पर ग्राम करकटी में बना हुआ है जहां वीट गार्ड रहते हैं जानकारी होने के बाद भी नवगवां के जंगल में आग जलती रही लेकिन नहीं पहुंच पाए वन अमला और जंगल जलता रहा वही ग्रामीणों का कहना है कि आग बढ़ती है तो जंगली जानवर गांवों की ओर रुख कर सकते हैं। अधिकांश पशु-पक्षी घास-फूस के बीच ही छिपकर अपना डेरा जमाते हैं। पक्षियों के अंडे व बच्चे जल जाते हैं। ग्रामीण आश्चर्य जता रहे हैं कि सूचना के बावजूद वनकर्मी आग बुझाने क्यों नहीं पहुंच थे है। वरिष्ठ अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

शेष अगले अंक में होगा बड़ा खुलासा……..

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