गणेश चतुर्थी पर 56 फलदार वृक्षों के पौधे लगाकर, वृक्षारोपण का दिया संदेश- अखिलेश कुमार शर्मा
शुभाष जयसवाल की रिपोर्ट…
शहडोल।भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी अखिलेश कुमार शर्मा ने प्रदेश अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी के निर्देशन एवं जिला अध्यक्ष रवि कांत त्रिपाठी के नेतृत्व में आज अपने स्वयं के खेत पर 56 फलदार वृक्ष लगाकर वृहद वृक्षारोपण का संदेश देने का कार्य किया है आपको बता दें किसान मोर्चा जिला शहडोल हमेशा से कुछ अलग ही करता चला आया है।
कुछ दिनों पूर्व किसान मोर्चा के प्रदेश के मुखिया किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी के निर्देशन में किसान मोर्चा को वृहद वृक्षारोपण करने का कार्य प्रत्येक पदाधिकारियों को वृक्ष लगाकर निर्देश दिए गए थे जिस के पालन में आज किसान मोर्चा जिला शहडोल के मीडिया प्रभारी अखिलेश कुमार शर्मा ने अपने स्वयं के खेत पर आम अमरूद ,हररा, कटहल जामुन, आंवला, करौंदा नीम निम्बु जैसे फलदार वृक्ष लगाकर गणेश चतुर्थी की शुभकामना देते हुए वृक्षारोपण कार्य का सुखद संदेश दिया है।
अखिलेश कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि किसान मोर्चा जिला शहडोल के जिला स्तरीय बैठक में हमारे मुखिया यशस्वी जिला अध्यक्ष,रवि कांत त्रिपाठी और संवेदनशील जिला महामंत्री राम नारायण मिश्रा के निर्देशन में हम सबको वृक्षारोपण का कार्य करने के निर्देश दिए गए थे जिसके पालन मे हमने आज अपने खेत पर वृक्षारोपण का कार्य किया है ।
किसान मोर्चा जिला शहडोल के मीडिया प्रभारी अखिलेश कुमार शर्मा ने बताया कि वृक्षारोपण का सामान्य एवं विशेष सभी का अर्थ है- वृक्ष लगाकर उन्हें उगाना । जिससे प्रकृति का सन्तुलन बना रहे । वन-सम्पदा के रूप में प्रकृति से हमें जो कुछ भी प्राप्त होता आ रहा है, वह नियमपूर्वक हमेशा आगे भी प्राप्त होता रहे ताकि हमारे समाज-जीवन का सन्तुलन बना रहे ।वृक्षों से प्राप्त फल-फूल आदि खाकर, या उसकी डालियों को हथियार की तरह प्रयोग में लाकर उनसे शिकार करके अपना पेट भरा करता था, बाद में बचे-कुचे फल और उनकी गुठलियों को दुबारा उगते देखकर ही मानव ने खेती-बाड़ी करने की प्रेरणा और सीख प्राप्त की ।घरों को सजाने का काम तो आज भी वृक्षों की लकडी से ही किया जा रहा है । कुर्सी, टेबल, औषधियाँ भी वृक्षों से प्राप्त होती ही हैं, कई तरह की वनस्पतियों का कारण भी वृक्ष ही है । इतना ही नहीं, वृक्षों के कारण ही हमें वर्षा-जल एवं पेयजल आदि की भी प्राप्ति हो रही है । वृक्षों की पत्तियाँ धरती के जल का शोषण कर सूर्य-किरणें और प्रकृति बादलों को बनाती हैं । और बर्षा कराया करती है ।
इस कारण उस समय के लोग इस तथ्य को भली-भांति समझते थे कि यदि हम मात्र वृक्ष काटते रहेंगे, नहीं उगायेंगे, तो एक दिन वनों की वीरानगी के साथ मानव-जीवन भी वीरान बनकर रह जाएगा । इसी कारण एक वृक्ष काटने पर दो नए वृक्ष उगाना वे लोग अपना धर्म एव सास्कृतिक कर्तव्य माना करते थे ।अब भी वृक्षारोपण और उनके रक्षण के सांस्कृतिक दायित्व का निर्वाह कर सृष्टि को अकाल भावी-विनाश से बचाया जा सकता है । व्यक्ति और समाज दोनो स्तरों पर इन ओर प्राथमिक स्तर पर ध्यान दिया जाना परम आवश्यक है । श्री शर्मा ने समस्त किसान भाइयों से अपील भी की है सभी वृक्ष लगाएं और पर्यावरण को सुरक्षित करें किसान मोर्चा जिला शहडोल के सभी पदाधिकारियों ने जिला मीडिया प्रभारी के इस सराहनीय पहल की सराहना की है।












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