आत्मदाह की घटना में जिला पंचायत सदस्य व कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने ये कहा
शहडोल। जिला पंचायत सदस्य सुश्री अन्जु गौतम रैदास एवं जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष आजाद बहादुर सिंह द्वारा जारी संयुक्त विज्ञप्ति में कहा गया है कि अमलई थाने में युवती द्वारा
लगाई गई आग अत्यंत दुःखद एवं गंभीर घटना है। ऐसी स्थिति तक कोई भी व्यक्ति अत्यंत वेदनापूर्व और प्रताड़ना की स्थिति में पहुंचकर ही ऐसे दुःखद निर्णय ले सकता है। इसलिए यह अत्यंत आवश्यक है कि घटना की गम्भीरता से न्यायिक जाँच होनी चाहिए। क्योंकि जहाँ प्रदेश के मुख्यमंत्री बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के कार्यक्रम को मजबूती के साथ लागू करने का प्रयास कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर एक बेटी थाने में आग लगाकर जीवन त्यागने का प्रयास करे तो यह सरकार के ऊपर एक बड़ा गम्भीर प्रश्न खड़ा करती है। सुश्री अन्जु गौतम ने कहा कि यदि वास्तव में वह युवती 3 दिन से एफ.आई.आर. दर्ज कराने के लिए परेशान थी और उसके द्वारा मुख्यमंत्री हेल्प लाइन में की गई शिकायत को दबाव डालकर वापस कराया गया है तो सिर्फ दोषी अधिकारियों को निलंबित करना अथवा आरोपी को गिरफ्तार करने भर से घटनाओं पर रोक नहीं लग सकती। आमजन में पहली भ्रांतियाँ बताती हैं कि इस तरह की प्रशासनिक कार्यवाही गर्म माहौल को शान्त करने तक ही सीमित रह जाता है। और कुछ दिनों बाद दोषी लोग अपनी पूर्व स्थिति में पहुंच जाते हैं जिससे गंदी मानसिकता के लोग भय मुक्त हो जाते हैं और पुनः उसी नादिरशाही रवैये पर कार्य करने लगते हैं। सुश्री अन्जु गौतम ने कहा कि इस निष्पक्ष जाँच के लिये पीड़ित परिवार के किसी सदस्य को अथवा उनके द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति को रखकर जाँच कराया जाना न्यायोचित होगा जिससे आमजन में पुलिस विभाग के प्रति विश्वास लौटने का एक कदम होगा। सुश्री अन्जु गौतम रैदास एवं आजाद बहादुर सिंह ने कहा कि आज जिले में ऐसे थाने हैं
जहाँ फरियादी अपनी फरियाद को लिखाने एवं कार्यवाही करने का प्रयास तो करते हैं किन्तु उन्हें न्याय नहीं मिल पाता जो और भी घटनाओं को अंजाम दे सकती है। इसलिए यह आवश्यक है कि
निष्पक्ष जाँच हो, दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो तथा अन्य किसी थाने में फरियादी निराश न हो इसकी हिदायत संबंधित अधिकारियों को दी जाये।

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