जंगल व जेन तीर्थ बचाने जेन समुदाय ने सौंपा ज्ञापन

शहडोल:-जैन समाज बिजुरी द्वारा शास्वत तीर्थ श्री सम्मेद शिखरजी जो आदि अनंत काल से जैन तीर्थंकरों की सिद्ध भूमि रही है जहां से 20 तीर्थंकर एवं असंख्यात मुनि मोक्ष को प्राप्त हुए हैं ऐसे सिद्ध भूमि को झारखंड सरकार की अनुशंसा पर केंद्रीय वन मंत्रालय द्वारा अभयारण्य क्षेत्र घोषित कर दिया गया है उक्त अधिसूचना को निरस्त करने के लिए अखिल भारतीय स्तर पर जैन समाज द्वारा मांग की जा रही है अभी 11 दिसंबर को अखिल भारतीय जैन समाज द्वारा दिल्ली में सरकार के विरोध में विशाल धरना प्रदर्शन किया गया था उसी क्रम में बिजुरी जैन समाज द्वारा थाना प्रभारी बिजुरी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदय प्रधानमंत्री महोदय वन मंत्री महोदय एवं झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नाम संबोधित ज्ञापन संपूर्ण जैन समाज बिजुरी की उपस्थिति में सौंपा गया है और मांग की गई है कि झारखंड सरकार एवं केंद्रीय वन मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना को निरस्त करके सिद्ध भूमि शास्वत तीर्थ क्षेत्र को जैन तीर्थ क्षेत्र घोषित किया जाए जो जैन समाज की आस्था का केंद्र है और आदि अनंत काल से उक्त सिद्ध भूमि हमारी आस्था का केंद्र रही है अतः हमारी मांग पर अविलंब सरकार द्वारा अभयारण्य की अधिसूचना निरस्त कर जैन तीर्थ घोषित करने की मांग करते हैं उक्त कार्यक्रम में आज जैन समाज के अध्यक्ष मुकेश जैन विनय कुमार जैन कमलेश जैन नरेश जैन वैभव जैन रोहित जैन सुनील जैन विकास जैन शैलेश जैन कृष्ण कुमार जैन सौरभ जैन ऋषभ जैन अरिहंत जैन वैभव जैन रीतेश जैन राजा सौरभ जैन अनुज जैन आर्जव जैन अस्तित्व जैन आगम जैन सचिन कुमार जैन अमित जैन संजय कुमार जैन विनय कुमार जैन सुनील जैन राजनगर आयसु जैन के साथ-साथ महिलाओं ने भी अपनी सहभागिता निभाई जिसमें श्रीमती कुसुम जैन सारिका जैन संध्या जैन अनामिका जैन उपस्थित रहे।।
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