वोटर लिस्ट से गायब हो गए मतदाता के नाम

हिमाचल प्रदेश राज्य ब्यूरो प्रमुख (प्रकाश चन्द शर्मा)-:सत्यापन अभियान के दौरान गैरहाजिर मिले रजिस्टर्ड वोटर, 3335 लोगों ने कराया दोहरा पंजीकरण
हिमाचल में 18 हजार 445 मतदाता गायब हैं। यह मतदाता पंजीकरण में तय पते से गैरहाजिर पाए गए हैं। इसका खुलासा मतदाता सत्यापन अभियान के दौरान हुआ है। एक महीने तक चले इस अभियान में चुनाव आयोग ने जुटाए आंकड़े को पहली बार सार्वजनिक किया है। इसमें सत्यापन अभियान के दौरान 18 हजार 445 मतदाताओं के अनुपस्थित पाए जाने की बात कही है। अभियान के दौरान टीमें लोगों के घरों तक पहुंची थीं और पंजीकरण के हिसाब से मौजूद मतदाताओं का मिलाप किया। यह अभियान भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावली को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाए रखने के उद्देश्य से चलाया था।
इनमें अनुपस्थित मतदाताओं के अलावा 41 हजार 488 स्थानांतरित मतदाता चिन्हित किए गए। इसके अतिरिक्त मतदाता सूची में 3335 दोहरे रूप से पंजीकृत और 40 हजार 939 मृत मतदाताओं की पहचान की गई। फोटो मतदाता सूची में 21 हजार 723 मतदाताओं की खराब और धुंधली फोटो को रंगीन फोटो से परिवर्तित करने के लिए पहचान की गई। यह अभियान 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चला। इस दौरान आधार कार्ड पर 18 वर्ष से अधिक आयु प्राप्त कर चुके 32 हजार 403 मतदाताओं की पहचान कर प्रारूप छह पर आवेदन प्राप्त किए गए। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हिमाचल प्रदेश के समस्त 68 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान केंद्रों के भौतिक सत्यापन का कार्यक्रम भी समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों, समस्त निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों एवं उपमंडलाधिकारी की देखरेख में 22 अगस्त से 31 अगस्त तक चलाया गया।
कल से आठ सितंबर तक प्रकाशित की जाएंगी सूचियां
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 25 के प्रावधानुसार दो से आठ सितंबर तक मतदान केंद्रों की सूचियां प्रारूप में प्रकाशित की जाएंगी। ये सूचियां समस्त जिला निर्वाचन कार्यालयों, समस्त निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी और उपमंडलाधिकारी , समस्त तहसीलों और उपतहसीलों के कार्यालयों में जनसाधारण के निशुल्क निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेेंगी। ये सूचियां https://ceohimachal.gov.in पर भी देखी जा सकती हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रदेशवासी मतदान केंद्रों के युक्तिकरण के सड्डबंध में अपनी कोई आपत्ति अथवा परामर्श दो से आठ सितंबर जीवी तक अपने जिले से संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (जिलाधीश), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एडीएम/एसडीएम) के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

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