भागवत पुराण कथा का तिसरे दिवस पांडवों की कथा सुनाई गई।
रिपोर्ट ओंकार झा

गोड्डा-बड़ी काली मंदिर मे आयोजित श्री मद् भागवत पुराण कथा के तिसरे दिन की कथा मे महाराज गोविंद शरण जी महाराज ने बताया की जीवन मे तीन अध्याय आते है ,पहला ब्रम्हचर्य का पालन करते हुये जीवन बसर करना,दुसरा गृहस्थ आश्रम का पालन करना चाहिए जिसमे बाल बच्चों का विवाह आदि से निर्वाह होकर अंत मे वाम प्रस्त जीवन का निर्वाह करना चाहिए।अगर घर मे भी रहना है तो घर मे ही भजन किर्तन करते हुये संयासियों का जीवन जीना चाहिए, और सुख दुख को स्वीकार करते हुये मन को शांत चित्त रखते हुए जीवन यापन करना चाहिए।
मनुष्यों का एक मात्र धेय भगवान प्राप्ति ही होना चाहिये।
मुख्य जजमान प्रितम गाडिया एवं श्वेता गाडिया ने विधि विधान से पुजन कर के सभी को कथा सुनने को आने का न्यौता दिया।
और महाराज से जन कल्याण हेतू कथा कहने का अनुरोध किया।
आज के महाप्रसाद मे पुड़ी और बुनिया का भोग लगा कर वितरण किया गया।
कार्यक्रम मे प्रदीप गाडिया, प्रमोद गाडिया, पवन टेकरीवाल, ओमप्रकाश टेकरीवाल, राजेन्द्र टेकरीवाल,सुभम गाडिया, शिवम गाडिया, संजय जयसवाल,अजीत गाडिया, बाबला जयसवाल, नाल पर बिस्वजीत कि बौड पर मुकेश ठाकुर संगत कर रहे है।
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