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03 ग्रामीणों को मौत के घाट उतारने वाले बाघ का हुआ रेस्क्यू 50 दिन तक चला सर्च ऑपरेशन

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बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व में विगत कुछ माह से मानपुर बफर की बीट मचखेता एवं नजदीकी गांव के आसपास के जंगल मे मानव- वन्यप्राणी दवद की स्थितियों में वृद्धि देखी गयी थी, जिसमे दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं में 02 व्यक्ति घायल हुए थे एवं 03 व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी थी।
50 दिन तक चला रेस्क्यू
मानव वन्यप्राणी दवंद की स्थिति को कम करने हेतु बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा लगातार प्रयाश किये जा रहे थे तथा उक्त क्षेत्र में 7 हाथी, 2 गस्ती वाहन, कर्मचारी, टाइगर प्रोटेक्शन टीम एवं सुरक्षा श्रमिक सहित वन विभाग की 70 सदस्यीय टीम लगातार काम कर रही थी। उस क्षेत्र में घूम रहे बाघ लगातार ट्रैक किये जा रहे थे एवं किसी भी संभावित दुर्घटना को पुनः होने से रोकने के प्रयाश किये जा रहे थे। लगभग 50 दिन चले इस ऑपरेशन में आज दिनांक 05.09.2023 को परिक्षेत्र ताला की बीट हरदिया के कम्पार्टमेंट आर एफ 313 से द्वारा बाघ का सफल रेस्क्यु किया।

बाघ की होगी निगरानी
बाघ को रेसक्यू कर सतत मॉनिटरिंग एवं व्यवहार अध्ययन के लिए बहेरहा स्थित बाघ के बाड़े में रखा गया है।

क्षेत्र को किया जा रहा है जागरूक
विभाग द्वारा मचखेता क्षेत्र के स्कूली बच्चों में जागरुकता कार्यक्रम, संवेदनशील क्षेत्र में दिन रात गस्ती, चारवाहों में जागरुकता एवं गांव की भलाई हेतु ईको विकाश समिति के माध्यम से मानस व भंडारा जैसे कार्य किये जा रहे है।

बाकी बाघो पर प्रबंधन की नजर
मचखेता एवं उसके लगे गांव के आसपास के क्षेत्र में अभी भी अन्य बाघों का मूवमेंट्स देखा जा रहा है अतः टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा ग्रामीणों से पूर्व की भांति सहयोग करते हुए वन क्षेत्रों में न जाने एवं मवेशी न चराने की अपील की गयी।

इनकी रही भूमिका
आज के बाघ रेस्क्यू कार्य में मुकेश अहिरवार परिक्षेत्र अधिकारी मानपुर, रंजन सिंह परिक्षेत्र अधिकारी ताला, महावत नीलम, महावत ददुआ, महावत धन्नू, महावत रामचरण, महावत सखाराम एवं रेस्क्यु दल के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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