बड़ी काली मंदिर मे आज मनाया गया जन्माष्टमी का त्यौहार।

रिपोर्ट ओंकार झा
गोड्डा :- आज बड़ी काली मंदिर के प्रांगण मे जन्माष्टमी का त्यौहार धुम धाम से मनाया गया।वार्ड पार्षद जजमान प्रितम गाडिया और श्वेता गाडिया ने कृष्ण जन्मोत्सव की पुजा और आरती कर के शुभारम्भ किया।
कमेटी की तरफ से कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर केक काटा गया और श्रधालुओं के बिच मे वितरण किया गया।
आज महाप्रसाद मे हलवे का भोग लगा कर वितरित किया गया।
श्री मद् भागवत पुराण के छठे दिवस गोविंद शरण ने रुकमणी विवाह का प्रसंग सुनाया।
और साथ ही पत्नी धर्म और पति धर्म के बारे मे बताते हुये कहा की,पति का यह धर्म है की पत्नी की रक्षा करते हुये पत्नी की समस्त सुख सुविधाओं का साधन करना चाहिए, साथ ही जैसे पत्नी का धर्म है की अपने पति को ही अपना सर्वस्व माने उनकी ही सेवा करे,अपने पति के सिवाय किसी और का चिंतन स्वप्न मे भी ना करें ठीक उसी की तरह पति का भी धर्म है अपनी पत्नी को छोड़कर किसी अन्य स्त्री पर नजर भी ना डाले।अपनी धर्मपत्नी के प्रति एवं अपने अर्धांग के प्रति संपूर्ण निष्ठा और प्रेम और समर्पण बना कर रहे।
किसी पर स्त्री का चिंतन करने पर भी पति को नरक भोगना ही पड़ेगा।
भागवत के अनुसार जो अपने पत्नी के समस्त दायित्व का निर्वहन नहीं कर पाता है,तथा जो अपने धर्मपत्नी को सुख भोग के साधन तथा शरीर सज्जा प्रसाधन से सजाकर नहीं रख पाता वो नरकगामी होता है।
महाप्रसाद मे दिलिप प्राणसुख्खा, पवन टेकरीवाल, संजय साह (निलकमल) डा. अजय झा,डा. एस के चौधरी,राजेश ठाकुर, कैलाश यादव ने सहयोग किया।
कमिटी के प्रदिप गाडिया, प्रमोद गाडिया, पवन टेकरीवाल, राजेंद्र टेकरीवाल, किशन टेकरीवाल,शरबन परशुरामका, हर्षित परशुरामका, हर्ष गाडिया, अभिषेक गाडिया, विवेक गाडिया, शिवम गाडिया, अजित गाडिया, सुमित गाडिया, पम्पु जयसवाल, शिवेस जयसवाल, बाबला जयसवाल, अनुज जयसवाल महिला समिति की सरिता टेकरीवाल, कंचन गाडिया, सुनिता गाडिया आदी का सहयोग रहा।

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