बुढार जनपद पंचायत के ग्राम पंचायतों में पीएम आवास योजना में करोड़ों का गोलमाल…..?

तो क्या सचिव ,रोजगार सहायक मिलकर ग्राम पंचायत खैरहनी में कर रहे ठेकेदारी ….?
अखिलेश कुमार शर्मा मोबाइल नंबर 7999 140 850
प्रदेश की भाजपा सरकार भले ही आदिवासी अंचल के आदिवासियों के विकास के लिए सैकड़ो योजना चल रही है पर मैदानी हकीकत अगर देखा जाए तो उन योजनाओं से संबंधित अधिकारी कर्मचारी अपनी जेबें भर रहे हैं और जनता के हाथ केवल योजना का नाम आ रहा है बस आखिर कैसे ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी जनता का विकास होगा सबसे बड़ा सवाल है वहीं पंचायत राज्य में जमकर भ्रष्टाचार चल रहा है कोई भी योजना हो सभी योजनाओं में ठेका पद्धति शासन के नियम निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जाती हैं अधिकारी जानकर भी अनजान बन जाते हैं और अपने मनचाहे ठेकेदारों को कमाई करवा कर अपने कमीशन अपनी जेब में ले रहे हैं यह हम नहीं कहते यह जनता की आवाज है गरीब आदिवासी जनता स्पष्ट रूप से कहती है कि सालों बीत गया दीवार तो खड़ी हो गई पर छत आज तक नहीं पड़ी आवास योजना का पैसा पूरा निकल गया कौन ले लिया किसने निकाला नहीं पता आखिर यह सब कैसे संभव है साहब।
शहडोल। जिले में पांच ब्लॉक हैं जिसके अंतर्गत सैकड़ो पंचायतें आती हैं और उन पंचायत में योजनाओं के नाम पर जाम के अधिकारी कर्मचारी भ्रष्टाचारी कर रहे हैं । 4 सालों में नहीं पड़ा पीएम आवास का छत आखिर कौन है जिम्मेदार खैरहनी सचिव या दबंग रोजगार सचिव किसने किया खेल जिसकी वजह से गरीब बुल्लू बैगा के सर के ऊपर से छत छीन गय। जनपद पंचायत में बैठे सीईओ साहब से जब इन भ्रष्टाचारों पर चर्चा होती है तो उनका स्पष्ट एक ही जवाब रहता है शिकायत दीजिए जांच करवाते हैं और साहब ऐसी जांच करवाते हैं जो कभी पूरी नहीं होती है और ना ही कभी उस भ्रष्ट कर्मचारी अधिकारी पर कोई कार्रवाई होती है आखिर शासन के कड़े निर्देश आदेश किसके लिए हैं ।जिले के मुखिया हों या संभाग के मुखिया प्रदेश सरकार की मनसा अनुरूप आदेश जारी करते हैं पर शायद इतने व्यस्त रहते हैं कि अपने ही दिए गए आदेशों को परीक्षण कभी नहीं कहते क्षेत्र की जनता शिकायत करने भी जाती है और अगर आज जिले में देखा जाए तो हजारों की संख्या में जनसुनवाई की शिकायतें पड़ी है दिन में वह मुश्किल 8-10 शिकायतों पर कार्यवाही शायद हुई हो बाकी में आज तक गरीब जनता चक्कर पर चक्कर लगा रही है ना कोई भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी फसा भ्रष्टाचार में ना कोई ठेकेदार और ना ही आज तक कोई कार्यवाही हो पाई आखिर किसकी लापरवाही है किसकी लापरवाही से जिले में भ्रष्टाचार चल रहा है।
बुढार जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार का तांडव
जिले में अगर देखा जाए तो जनपद पंचायत बुठार सबसे बड़ी जनपद पंचायत है जिसके अंतर्गत लगभग 102 ग्राम पंचायतें आते हैं और इन 102 ग्राम पंचायत में करोड़ -अर्बो का भ्रष्टाचार देखने को मिलता है ग्राम पंचायत से ग्रामीण शिकायत भी करते हैं लेकिन जनपद पंचायत में कुंडली मारकर बैठे सीईओ महोदय के द्वारा केवल आश्वासन देकर बहला दिया जाता है ना कोई कार्यवाही ना कोई जांच मीठी-मीठी चिकनी चुपड़ी बातें कर ने में माहिर बूढ़ार जनपद के सीईओ बेचारे गरीब जनता को आश्वासन देकर लटका देते हैं वहीं ग्राम पंचायत में अधिकारी कर्मचारी और ठेकेदारों की मिली भगत से जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है हमारी टीम ने जब ग्राम पंचायत खैरहनी के कुछ ग्रामीणों से पूछा तो उनके द्वारा स्पष्ट बताया गया कि यहां के सचिव और रोजगार सहायक के भ्रष्टाचार से हम त्रस्त हैं यहां का रोजगार सचिव ही पूरा काम करवाता है और वही सबसे अधिक भ्रष्टाचार भी करता है यह बात उन गरीबों ग्रामीणों ने अपना नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया अब आप स्वयं अंदाजा लगा लीजिए की दबंग रोजगार सचिव की दहशत ग्राम पंचायत खैरानी में किस तरह की है कि बेचार आदिवासी ग्रामीण दहशत में जी रहे हैं जो रोजगार सचिव के भ्रष्टाचार को खुलकर बात भी नहीं सकते वही एक मुसीबत का मारा ग्रामीण मिला जिसने बताया कि
मेरा पीएम आवास आया कई बार शिकायत भी कर चुका हूं पर आज तक ना तो सीईओ साहब ने कोई कार्यवाही की एव न तो खैरहनी सरपंच ,सचिव सुनते हैं रोजगार तो सीधे कहता है कि तेरा पैसा निकल गया। भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्यवाही हो ऐसे कई मामले बुढार जनपद पंचायत के अंदर दबे हुए हैं जिसमें गरीब आदिवासियों का जमकर योजनाओं के नाम पर शोषण किया गया है पर जब सीओ साहब से बात करो तो सब सीधे कहते हैं मुझे जानकारी नहीं है आप शिकायत करवाइए मैं जांच करवाता हूं तो सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि साहब कितनी जांच आज तक आपने पूरी की और कितने अधिकारी कर्मचारियों पर अपने कार्यवाही की जवाब साहब का शून्य है आखिर इस तरह के भ्रष्टाचारों का कौन जिम्मेदार है और स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं।

इनका कहना है
ग्राम खैरहनी में रहने वाले बुल्लू पिता राम भजन बैगा ने बताया कि 4 साल से बन रहा मेरा पीएम आवास लेकिन अभी तक आवास में छत नहीं पड़ा और पैसा और मजदूरी भुगतान दोनों ही अपने मन चाहो के खाते में डालकर निकाल कर आवास के पैसे का बंदरबाट किया गया है ऐसे तो देखा जाए तो ग्राम खैरहनी में अर्सो से कई पीएम आवास की छत विहीन है बुल्लू बैगा ने बताया 4 सालों से ग्राम पंचायत एजेंसी ठेके पर लेकर मेरे पीएम आवास का कार्य कराया जा रहा था हालांकि कई बार जनपद सीईओ को भी जानकारी दी गई लेकिन मामला गंभीरता पूर्वक नहीं लिया गया और अभी तक छत अधूरा पड़ा है बुल्लू बैगा पिता राम भजन बैगा ने कलेक्टर महोदय से गुहार लगाई है की मेरे पीएम आवास की जांच करा कर छत डलवाया जाए जिससे मेरा परिवार रह सके l
बुल्लू पिता राम भजन बैगा ग्राम खैरहनी निवासी
संभवत हुआ पूरी तरह से झूठ बोल रहे हैं आप उनका खाता नंबर मेरे व्हाट्सएप पर भेजिए मैं अभी चेक करवाता हूं क्योंकि पीएम आवास का जो भी राशि होती है वह सीधे हितग्राही के खाते पर ही जाती है तो ऐसा तो हो ही नहीं सकता कि ग्राम पंचायत उसका पैसा निकाल ले और अगर कोई गड़बड़ी हुई है तो आप उसका खाता नंबर भेजिए मैं जांच करवाता हूं हमसे जितना हो सकेगा हम पूरा सहयोग करेंगे सरकार की योजना का लाभ गरीब जनता को दिलाएंगे।
मुद्रिका सिंह पटेल सीईओ जनपद पंचायत बुढार
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