सर्किल जेल में एल0ई0डी0 बल्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमान राजेन्द्र प्रसाद सोनी ने किया शुभारंभ

शिवपुरी से नीरज गुप्ता की खबर
शिवपुरी।सर्किल जेल शिवपुरी का निरीक्षण मा0 प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय श्रीमान राजेन्द्र प्रसाद सोनी के द्वारा प्रारंभिक स्तर पर प्रत्येक बैरिक में जाकर बंदिया को उनके स्वास्थ्य, भोजन, चिकित्सा, विधिक सहायता एवं महिलाआं तथा बच्चों एवं एच.आई.वी. से ग्रसित बंदियों को मिलने वाले पोषण आहार आदि के संबंध में पूछताछ की। पत्पश्चात भोजन शाला एवं स्टोर में उपलब्ध खाद्य सामग्री का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण उपरांत जेल में निरूद्ध सजायाफ्ता एवं विचाराधीन बंदी जेल आवधि के दौरान कुशल श्रमिक के तौर पर तैयार होकर जेल से बाहर निकलकर अपने आपको समाज की मुख्य धारा से जोड़ सकें। इस हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिविपुरी एवं गुणमाला इंटरप्राईजेज फर्म के सहयोग से बंदियों को आत्म निर्भर बनाने हेतु कि वह पुनः अपराध की दुनिया की ओर आकषित न हो उन्हें
एल0ई0डी0 बल्व बनाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमान राजेन्द्र प्रसाद सोनी ने दीप प्रज्वलन कर इस कामना के साथ प्रारंभ कराया कि अधिक से अधिक बंदी बल्व असेम्बलिंग कार्य सीखकर स्वावलंबी बने, जिससे कि जेल से निकलकर वह मुख्य धारा से वापस जुड़ सके। इस दौरान बंदियों का मिलने वाले मेहनताना, तैयार प्रोडक्ट की बिक्री आदि के संबंध में पूछताछ की। पत्पश्चात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जेल के समन्वय ये पूर्व से चल रहे जैकिट कोट सिलाई केन्द्र एवं उद्योग शाखा का निरीक्षण किया। तत्पश्चात जेल सभाग्रह में विधिक साक्षरता शिविर के दौरान माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय श्रीमान राजेन्द्र प्रसाद सोनी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति निर्दोश है इस अवधारणा के साथ न्यायालय कार्य करता है एवं विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किये जाने वाले निरीक्षण, जेल बंदियों को कानूनी सहायाता प्रदान कराने की गारंटी प्रदान करते है।
इस अवसर पर माननीय श्रीमती अर्चना सिंह जिला न्यायाधीश/सचिव ने निशुल्क विधिक सहायता हेतु पैनल एवं डिफेंस काउंसिल योजना के संबंध में जानकारी दी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा बंदियों को जिला प्राधिकरण के प्रयासों से समय-समय पर उन्हें स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाने हेतु चलाये गये प्रशिक्षण कार्यक्रमों जिसके अंतर्गत सजायाफता कैदियों को जैकिट व कोट सिलने का प्रशिक्षण दिलाया गया, जिसके पश्चात विगत 9 माह से उक्त कार्य निरंतर जारी रहकर जेल में निरूद्ध बंदियों को सकारात्मक कार्यां से जोड़े जाने का एक सक्षम प्रयास के अतिरिक्त अन्य अन्य कार्यक्रम जिसमें कि ब्यूटीशियन, ज्वेलरी मैकिंग व कारपेंटर के प्रशिक्षण दिलाये गये, जिसमें कैदियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कराते रहने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सहायता अधिकारी डॉ0 वीरेन्द्र कुमार चढ़ार ने किया। कार्यक्रम के पश्चात जेल अधीक्षक श्री रमेशचंद्र आर्य ने आभार प्रकट किया। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री सज्जन सिंह सिसौदिया, जिला रजिस्ट्रार श्री जितेन्द्र मेहर, जेल उपाधीक्षक श्री दिलीप सिंह, गुणमाला इंटरप्राईजेज फर्म के प्रो0 श्री धर्मेन्द्र कुमार गुप्ता उपस्थित रहे।

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