गोहपारू में बस हादसे का जिम्मेदार कौन लापरवाही किसकी उठता है सवाल

शहडोल। विगत दिनों रायपुर से इलाहाबाद तक जानेवाली बस CG 070 E 4588 मनीष ट्रेबल्स में गोहपारू फॉरेस्ट बेरियल के पास अचानक आग लग गई वैसे तो बेरियल में उपस्थित फॉरेस्ट कर्मचारी आर के कुशवाहा की सूझबूझ एवं तत्परता से बस में बैठे लगभग 58 यात्री बैठे यात्रियों की जान तो बच गई मगर सवाल यह उठता है कि ऑल इंडिया परमिट प्राप्त यह बस इतनी कंडम हालत में कैसे थी और इसमें यात्रियों के परिवहन के लिए अनुमति कैसे प्राप्त हुई अगर सही समय पर व सूझबूझ से फॉरेस्ट कर्मचारी आर के कुशवाहा द्वारा मानवता का परिचय ना दिया गया होता तो 58 घरों में अर्थियां उठाना तय थी इतना बड़ा हादसा आखिर किन की लापरवाही से हुआ है यह तो स्पष्ट प्रमाणित होता है परमिट देने एवं अवैध गाड़ियों के परिवहन में स्थानीय आरटीओ आशुतोष भदोरिया एवं ट्रैफिक डीएसपी मुकेश दीक्षित जिम्मेदार हैं क्या इस बड़ी घटना को घटित होने के बाद मध्य प्रदेश शासन एवं प्रशासन यूं ही मुक दर्शक बनकर देखता रहता है या अन्य किसी बड़ी घटना का इंतेज़ार कर रहा है देखना यह है की जिम्मेंदार घटना के जिम्मेदारों पर क्या कार्यवाही करता है।
एक पहलू यह भी :-
बस हादसे में अपने मानवता के कर्तव्य को निभाने वाले वन कर्मचारी आर के कुशवाहा को समाजसेवी व पत्रकार प्रोत्साहित व सम्मानित भी करेंगे ।

Subscribe to my channel
Comments are closed.