तो क्या जिला सीईओ राजेश जैन के संरक्षण में फल-फूल रहा भ्रष्टाचार में लिप्त सचिव नागेंद्र

आखिर क्यों नहीं मिल रहा जनप्रतिनिधियों को न्याय क्या जिले में बैठे अधिकारी भ्रष्टाचार में हैं लिप्त
अखिलेश कुमार शर्मा की खास रिपोर्ट……
जब सैंया भाई कोतवाल तो डर काहे का खुल्लम-खुल्ला करो भ्रष्टाचार, जानता है चीखेगी चिल्लाएगी हल्ला करेगी हमें तो करना खुल्लम-खुल्ला भ्रष्टाचार अधिकारी कहे तो चढ़ाएंगे चढ़ोत्तरी और फिर करेंगे खुल्लम-खुल्ला भ्रष्टाचार , यह सब जायज है आखिर यही है पंचायती राज इसी तर्ज पर चल रहा शहडोल जिले का पंचायती राज बता दे की पूर्व दिनों पहले अचानक जिला पंचायत सदस्यों ने कलेक्टर एसपी कमिश्नर को जिला पंचायत सीईओ के खिलाफ शिकायत पत्र देकर जिला पंचायत कार्यालय में ही हड़ताल पर बैठ गए और मीडिया को बयान देते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि जिला पंचायत सीईओ राजेश जैन ने जिला पंचायत को बना लिया है दलाली का अड्डा उनके कर्मचारियों के चैनल से जो काम आता है उसे स्वीकृत कर दिया जाता है और जो काम हम जनता की समस्याओं को देखते हुए जनता की मांग पर लेकर आते हैं उन पर ध्यान नहीं दिया जाता है बल्कि नियम कायदे कानून में हमें उलझा दिया जाता है जिला सीईओ कहते हैं क्यों परेशान कर रहे हो, तो कहीं कहते हैं मेरे ऊपर दबाव न बनाओ।जिला पंचायत सीईओ राजेश जैन ने जिला पंचायत को दलाली का अड्डा बना लिया ।
शहडोल।तो क्या आदिवासी बाहुल्य जिले में पंचायत राज्य अधिनियम नहीं चलता ऐसा देखने को मिल रहा है कि शहडोल जिले में अधिकारी राज चल रहा है अधिकारी अपने ऑफिस में कर्मचारी चैनल से आते है उन कामों को सीईओ जिला पंचायत द्वारा हांथो हांथ स्वीकृत आदेश जारी कर दिया जाता है और फिर उनके चैनल के द्वारा पंचायती राज अधिनियम की धज्जियां उड़ाते हुए पंचायत के निर्माण कार्यों में जमके भ्रष्टाचार होता है जिसकी जनप्रतिनिधियों के द्वारा शिकायत किया जाता है अब आप स्वयं अंदाजा लगाइए कि जब साहब ने कार्य की स्वीकृति दी है तो फिर कार्यवाही कैसे होगी और लाचार बेबस जनप्रतिनिधी शिकायत पत्र ही देते रह जाते हैं वहीं अधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जाती।वहीं कलेक्टर ने अधिकारियो को निर्देश जारी किए थे कि जो भी शिकायत आऐ उन शिकायतों पर कार्यवाही की जाए अब सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि कलेक्टर के आदेशो की धज्जियां उड़ाई जा रही है उप सरपंच एवं जनपद सदस्य के द्वारा एक माह पूर्व शिकायत किया गया पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई जो जिले में बैठे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
उपसरपंच ,जनपद सदस्य ने की थी शिकायत
उपसरपंच एवं जनपद सदस्य ने ग्राम पंचायत चकोडिया में सचिव के द्वारा किये गये भ्रष्टाचार की शिकायत एक माह पूर्व की थी पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। जनप्रतिनिधियों ने अपने शिकायत पत्र में लिखा की वर्ष 2024 मे सी.सी. रोड निर्माण कार्य बस्ती मन्दिर से हरप्रसाद यादव के घर तक चकौड़िया मे कराया गया और बिना मूल्यांकन के राशि निकाली गई रोड की स्थिति जरजर है।गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य कराया गया है। सचिव नागेंद्र त्रिपाठी उक्त कार्यों को अपने छोटे भाई विजय त्रिपाठी से ठेका देकर कराया गया है तथा सास्कृतिक मंच चरोहनडोल में कराया गया है जो गुणवत्ता विहीन कर अपने भाई के साथ मिलकर राशि का दुरुपयोग कर लिया गया है।लीज फिट नाडेप का निर्माण का एवं पंचपरमेश्वर योजना राशि का आहरण भी बिना मूल्यांकन के किया गया है जो जाँच का विषय है।चकौड़िया ग्राम पंचायत उपसरपंच ने बताया कि नागेन्द्र त्रिपाठी सचिव के द्वारा जमके भ्रष्टाचार किया जा रहा है ।अमृत सरोवर निर्माण कार्य अभिलेख मे पूर्ण है परन्तु भौतिक स्थिति अत्यंत दयनीय है जो कि पानी एक बूंद भी नहीं टिकता बरसात के दिनो मे नदी के प्रवाह पानी का रिसाव होता है काली मिट्टी नही डाली गई है नीव का खुदाई फारमेल्टी करके शासकीय राशि 14 लाख रुपये हजम कर लिया गया है सामग्री भुगतान निरर्थक किया गया है।जिसकी विधिवत जाँच कराई जाए तो सचिव के भ्रष्टाचार का खुलासा स्वयं ही हो जाएगा।

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