हिंदू/मुस्लिम एकता “गंगा-जमुनी तहजीब” याद दिलाती हैं”ताजिया”
प्रदीप बच्चन (बलिया यूपी)बलिया जनपद के नगरा थाना क्षेत्र में यादे हुसैन की सदा के साथ बड़े ही धूमधाम से मुहर्रम का पर्व मनाया गया। नगरा के कई मुहल्ले से ताजिया का जुलूस बड़े ही धूमधाम से अमन और शांति के साथ निकला। जो नगरा की गलियों से होते हए कर्बला पहुंचा। ताजिया के जुलूस में नौजवान लड़कों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया।
रसड़ा तहसील पत्रकार-डॉ० सैयद सेराज अहमद ने जानकारी देते हुए हमारे वरिष्ठ संवाददाता-प्रदीप बच्चन को बताया कि उनके प्रदर्शन और ताजिया के खूबसूरत बनवाट पर खुश होकर नगरा के जायसवाल दुकानदार की तरफ से इनाम भी दिया गया। नगरा के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 10 से 12 ताजिया का जुलूस निकाला गया था जिसे देखने आस पास के गांव से काफी बड़ी संख्या में मुस्लिम और हिंदू भाई पहुंचे थे। उन्होंने ताजिया का भरपूर आनंद लिया और ताजिया के पास जाकर अपना सलाम और प्रणाम भी अर्ज किया। नगरा के इस ताजिया के जुलूस में हिंदू और मुस्लिम भाई की एकता देखने की मिली। जो हम तमाम भारतवासियों को “गंगा-जमुनी तहजीब” की याद दिलाती है। ताजिया के जुलूस को शांतिपूर्ण तरीके से मानने और कर्बला के मैदान तक पहुंचाने में नगरा पुलिस प्रशासन की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस मौके पर रसड़ा तहसील एसडीएम-सदानंद सरोज भी उपस्थित रहे।बताया जाता हैं कि मुहर्रम की 10 तारीख को पूरी दुनिया में बड़े ही धूमधाम से मुहर्रम का पर्व हजरत इमाम हुसैन की याद में मनाया जाता है।इंसानियत का मिसाल कहे जाने वाले इमामे हुसैन ने बुराई, जुल्म व जबर गरीब लाचार और औरतों की इज़्ज़त व आबरू पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलंद किया। हक़ और सच्चाई के लिए यजीद जैसे ज़ालिम और बेईमान आदमी के हाथों में अपना हाथ नहीं दिया बल्कि पूरी दुनिया में सच्चाई,अमन और शांति को बरकरार रखने के लिए अपना और अपने पूरे खानदान का सर कटा दिया। अपनी जनों की कुर्बानी देकर हज़रत इमाम हुसैन ने झूठ पर सच्चाई और इंसानियत को बुलंद कर दिया ।

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