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शराब निर्माताओं को लाभ पहुंचाने के लिए अफसरों की साठगांठ से गोदामों में योजनागत तरीके से सड़ाया जा रहा अनाज!

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(विचार एक प्रयास)भोपाल।मध्यप्रदेश में नागरिक आपूर्ति निगम के मैदानी अफसरों और गोदाम मालिकों की सांठ-गांठ से हर साल सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदा गया करोड़ों रुपए का गेहूं और मोटा अनाज सड़ाया जा रहा है ताकि इसे बाद में औने-पौने पर शराब निर्माताओं और अन्य औद्योगिक इकाईयों को बेचा जा सके। मध्यप्रदेश के तेरह जिलों में चल रहे इस गड़बड़झाले को अंजाम दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश के रायसेन और ग्वालियर में व्यापक पैमाने पर ऐसा हो रहा है। रायसेन के 73 गोदामों और ग्वालियर के 64 तथा शाजापुर के पचास अनाज भंडारगृहों में रखा करोड़ों का अनाज सड़ गया है और अब नागरिक आपूर्ति निगम 24 सितंबर को करोड़ों रुपए में खरीदे गए इस अनाज को औने-पौने पर बेचने जा रही है। इसके लिए 21 सितंबर को ऑनलाईन टेंडर नागरिक आपूर्ति निगम ने जारी कर औद्योगिक संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित किए है। प्रदेश के तेरह जिले है जहां समर्थन मूल्य पर खरीदा गया गेहूं, ज्वार, बाजरा और अन्य मोटा अनाज सड़ गया है। यह अनाज आम इंसान के खाने लायक नहीं बचा है। नागरिक आपूर्ति निगम चार श्रेणी बनाकर इस अनाज की नीलामी करने जा रहा है। इसके लिए पांच श्रेणियां बनाई गई है। पशु आहार, पोल्ट्री आहार और इंडस्ट्रीयल यूज तथा मेन्योर के लिए यह अनाज बेचा जाएगा। मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में निजी गोदामों में रखा हुआ अनाज सर्वाधिक 73 स्थानों पर पर खराब हो गया है। यह अनाज पानी से गीला होकर अंकुरित हो गया है। इसमें कीड़े पड़ गए है और यह खाने लायक नहीं रह गया है। ग्वालियर में 64, शाजापुर में पचास, सागर में 24, इंदौर में 6, उमरिया में दो, खरगौन में 13, दमोह में 8, बालाघाट में 27, रतलाम में 3, सिवनी में 8 और सीहोर में 33 स्थानों पर निजी गोदाम मालिकों की साठ गांठ से रखे गए अनाज को सड़ा दिया गया है। इस संबंध में नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक पीएन यादव से उनके मोबाइल नंबर पर बात करनी चाही लेकिन हो नहीं पाई।

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