वो-वो-वो करेंगे कार्यवाही हमने लिखा है पत्र ,आखिर लचर यातायात व्यवस्था का जिम्मेदार कौन…..?

फुटपाथ पर अतिक्रमण फैला, कलेक्टर बंगले के बगल में,कौन करेगा कार्यवाही साहब
शहडोल नगर की यातायात व्यवस्था अपनी बेबसी के बहा रहा आंसू

हिंदुस्तान की गूंज ब्यूरो चीफ अखिलेश कुमार शर्मा
शहडोल। शासकीय योजनाओं एवं नियमों की धज्जियां कैसे उड़ती है अगर आपको देखना है तो संभागीय मुख्यालय शहडोल नगर का एक बार भ्रमण जरूर करें । बता दे की अन्य जिलों की अपेक्षा मध्य प्रदेश के शहडोल जिले को आदिवासी जिला घोषित किया गया है साथ ही शहडोल नगर सहित जिले को विकसित स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए करोड़ों रुपए सरकार खर्च कर रही है कहने को तो जगह-जगह नियमों की गाइडलाइन देखने को मिल जाती है पर क्या पालन होता है पर अगर शासकीय कार्यालय में अगर आप जाएं तो कागजों में शहडोल नगर स्वच्छ और सुंदर दिखेगा क्योंकि शासकीय योजनाओं से लाखों रुपए नगर विकास में खर्च हो रहे हैं दिखावे के लिए एक-दो दिन कारवाइयां भी होती हैं फोटो सेशन भी होता है और अखबार की सुर्खियां भी खूब चलवाई जाती है पर अगर धरातल पर देखा जाए तो आप स्वयं अंदाजा लगा सकते हैं की शहडोल की यातायात व्यवस्था फुटपाथों पर फैला अतिक्रमण अपनी दास्तान सुना देगा और अधिकारियों की कार्यप्रणाली की पोल खोल देगा।
कलेक्टर बंगला के बगल में तथा नगर के फुटपाथ लिल गए दुकानदार

अगर आपके पास समय नहीं है तो संक्षिप्त में हम आपको शहडोल नगर का दर्शन करते हैं जी हां जिले के मुखिया कहे जाने वाले जिला कलेक्टर के निवास स्थान के बगल से लगे फुटपाथ पर सालों से अतिक्रमण फैला हुआ है अगर देखा जाए तो यह अतिक्रमण जिला कलेक्टर बंगले से लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय तक फुटपाथों पर अतिक्रमण आपको दिख जाएगा वहीं दूसरी ओर गांधी चौराहे से लेकर बुढार बाईपास के बीच में अगर देखा जाए तो गणेश मंदिर के आसपास फुटपाथों पर तथा आगे चलकर दो पहिया वाहनों के दुकानदारों ने फुटपाथ को ही दुकान बना लिया सारी गाड़ियां फुटपाथ पर खड़ी है अब आम जनता चले तो चले कहां एक बात और बता दें कि शहडोल नगर के चारों दिशाओं में हर रास्ते पर अतिक्रमण फैला हुआ है जनता का निकलना मुश्किल हो रहा है कई जगह विवाद की स्थितियां भी बन जाती हैं एंबुलेंस वहां घंटों इंतजार करता है भीड़ हटाने का पर फिर भी जिम्मेदारों ने अपनी आंखें बंद कर रखी है जो जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।
एचडीएफसी बैंक के पास लगता है जाम,कई बार हो चुका है विवाद
शहडोल नगर के न्यू गांधी चौक से बुढार चौक के लिए जाने वाले मार्ग पर बीच में एचडीएफसी बैंक पड़ता है जहां बैंक कर्मचारियों के वाहन रोड पर ही खड़े होते हैं साथ ही बैंक के कस्टमरों के वाहन भी रोड पर खड़े होते हैं जिस कारण जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है वही अगल-बगल में दुकान भी संचालित हैं दुकानों में आने वाले ग्राहक भी अपनी गाड़ियां रोड पर ही खड़ी करते हैं बता दे की एचडीएफसी बैंक नियमों की धज्जियां उड़ाता नजर आ रहा है जबकि नगर पालिका एवं टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के शासकीय नियमों के अनुसार कोई भी संस्थान कहीं पर खुलता है तो शासकीय नियमों की व्यवस्थाओं को संबंधित संस्था को पूरा करने के बाद ही खोला जाना चाहिए लेकिन एचडीएफसी बैंक के पास पार्किंग व्यवस्था न होना तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों को मामले को संज्ञान में ना लेना अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।

एजेंसी संचालक एवं दुकानदार नियमों की उड़ा रहे धज्जियां
बता दे की संविधान ने जनता की व्यवस्थाओं के लिए कई नियम भी बनाएं हैं और उसके लिए संबंधित विभाग का निर्माण भी किया गया है संबंधित विभाग नियमों की जानकारी जनता को देता है तथा उन नियमों का पालन करवाता है पर शहडोल नगर में जिस तरह से यातायात व्यवस्था बिगड़ रही है उससे यह तो स्पष्ट होता है कि संबंधित विभाग के अधिकारी कर्मचारी शहर में फैल रही यातायात की बिगड़ी व्यवस्था की जिम्मेदार हैं बता दे की किसी भी दुकान या एजेंसी के निर्माण के पूर्व टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से उसे दुकान व एजेंसी के निर्माण कार्य के लिए ड्राइंग बनवाया जाता है जिसमें शासकीय नियमों का पालन करते हुए ड्राइंग बनाया जाता है और उस नशे के आधार पर ही दुकान या एजेंसी का निर्माण होता है लेकिन अगर यहां देखा जाए तो नगर में कहीं पर भी ऐसा नहीं दिख रहा है क्योंकि जितने भी दुकान एवं एजेंसियां खुली हुई है उन सभी के पास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एवं नगर पालिका में बैठे अधिकारी आखिर कर क्या रहे और इन दुकानदारों एजेंसी संचालकों पर कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे हैं आखिर क्या राज है। शेष अगले अंक में........

प्रशासनिक प्रतिक्रिया
जब इस मामले में बात की तो उन्होंने बताया की पूरी लापरवाही नगर पालिका की है नगर पालिका ने पूरी सह दी है आज लोग बोलते हैं यातायात कुछ नहीं कर रहा है जबकि जब नगर पालिका का अमला कार्यवाही करने के लिए पहुंचेगी तब यातायात की पुलिस सपोर्ट व सुरक्षा में रहती है जो की कार्यवाही भी करती है और चालान भी करती है और हमने एक बार नहीं कई बार नगर पालिका मुख्य अधिकारी को चिट्ठी लिखी और एसडीएम साहब को चिट्ठी लिखी तहसीलदार साहब को चिट्ठी लिखी लेकिन कभी कोई कार्यवाही के लिए नहीं आते हैं नाहीं हमें कोई सूचना मिलती है यातायात से जितना होता है वह लगातार भ्रमण करती है जहां पर समझ में आता है वहां पर कार्यवाही भी करती है चालान भी काटती है।
मुकेश दीक्षित
यातायात डीएसपी शहडोल
हमने कई बार यातायात को भी कहा और नगर पालिका मुख्य अधिकारी से भी बात की यहां पर आप लोग कार्यवाही करें चालान काटे कई दुकान वाले लगा लेते हैं और कई लोग लड़ाई झगड़े पर उतर आते हैं तो ना ही नगर पालिका से कोई आया नहीं यातायात से कोई पुलिस आई अब हम लोग करें तो करें क्या रही बात नियमों की तो आप हमारे उच्च अधिकारी से बात करिए।
श्रीमती खुशबू सिंघानिया
एचडीएफसी बैंक मैनेजर
इस समस्या के संबंध में फोन लगाया गया मोबाइल कवरेज एरिया के बाहर रहा संपर्क नहीं हो पाया।
अरविंद शाह
एसडीएम सोहागपुर
यातायात की व्यवस्था तो यातायात विभाग को करनी चाहिए रोड पर मार्किंग की गई है एक दल गठित करने का बोला हुं जो दुकानों के आगे बढ़ाकर रखे सामान को जप्त करने और हटाने की कार्यवाही करें।
अक्षत बुंदेला
मुख्य नगर पालिका अधिकारी
शहडोल


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