तो आखिर कैसे पिछड़ा वर्ग की महिला बनी सरपंच , अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर लगा प्रश्न चिन्ह

सारंगपुर सरपंच मीना ने चुनाव आयोग को किया गुमराह, पंचायत राशि का जमके किया आहरण
उपसरपंच ने सारंगपुर सरपंच के फर्जी दस्तावेज की खोली पोल, कड़ी कार्यवाही की मांग
अखिलेश कुमार शर्मा मो.नं.-7999140850
शहडोल। मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्र शहडोल में आदिवासी समाज का जम के शोषण किया जा रहा है जिसका सबसे बड़ा कारण अधिकारी कर्मचारीयों की लापरवाही सबसे बड़ा सवाल यह है कि आदिवासी आरक्षित सीट पर पिछड़ा वर्ग का उम्मीदवार कैसे दावेदारी कर सकता है शहडोल चुनाव आयोग अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। आखिर पिछड़ा वर्ग महिला का आदिवासी वर्ग में कैसे जाति प्रमाण पत्र बन गया जबकि आधार,बोटर आईडी कार्ड में मीना यादव लिखा है तो किसने और कैसे जाति प्रमाण पत्र में आदिवासी बना दिया साहब। फर्जी दस्तावेज लगा कर सारंगपुर सरपंच मीना ने जहां एक ओर चुनाव आयोग को गुमराह किया वहीं पंचायत की राशि का भी आहरण किया और मजे से पंचायत की शासकीय राशि की मलाई खा रही है अब देखना यह है कि जिला चुनाव आयोग अधिकारी सारंगपुर सरपंच के भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में सक्षम है या नही। तो क्या सारंगपुर पंचायत राशि का आहरण सरपंच मीना ने किया उन शासकीय रुपए की क्या वसुली होगी , तो क्या चुनाव आयोग के अधिकारी कर्मचारियों ने पंचायत चुनाव के समय सरपंच के दस्तावेज(झुंठा जाति प्रमाण पत्र,झूठे शपथ पत्र ) की आखिर जांच क्यों नहीं किया, आखिर पिछड़ा वर्ग महिला कैसे आदिवासी सरपंच बन गई।सवाल तो कई है साहब। अब देखना यह है कि कमिश्नर शहडोल,जिला निर्वाचन अधिकारी एवं सोहागपुर एसडीएम क्या कार्यवाही करते हैं।

एसडीएम, कलेक्टर, कमिश्नर से हुई शिकायत
सारंगपुर उपसरपंच सेतराम सिंह ने बताया कि श्रीमती मीना कोल सरपंच ग्राम पंचायत सारंगपुर द्वारा झुंठा जाति प्रमाण पत्र बनवाकर विगत पंचायत चुनाव मे सरपंच पद का लाभ लेने एवं झूठे शपथ पत्र की जांच कराए जाने की शिकायत एसडीएम, कलेक्टर, कमिश्नर शहडोल से किये है।हम सब ग्राम पंचायत सारंगपुर के निर्वाचित उपसरपंच, पंच व ग्रामीण जन है। जो निम्न लिखत सरपंच पति एवं सरपंच सारंगपुर के भ्रष्टाचार की जांच की मांग करते है।
1. श्रीमती मीना कोल / यादव पति अशोक कोल वर्तमान में ग्राम पंचायत सारंगपुर की सरपंच है जिनकी मुल्य जाति कोल नही बल्की यादव है और जिनका पुरा नाम मीना यादव पिता श्री कृष्ण प्रसाद यादव है जो कि नगर पंचायत बकहों की मूल निवासी है और सन 2016-17 मे प्रेम विवाह कर के अशोक कोल पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत सारंगपुर की पत्नी बनी है और अपना नाम मीना कोल लिखने लगी ।
2. सारंगपुर सरपंच श्रीमती मीना यादव स्नातक तक की पढ़ाई की है जिसमे कक्षा 1 से लेकर स्नातक तक के सभी प्रमाण पत्रों व मार्कशीट एवं अन्य सभी दस्तावेजों मे इनका नाम मीना यादव पिता श्री कृष्ण प्रसाद यादव लेख है तथा आज भी इनके आधार कार्ड, आइडी कार्ड एवं अन्य दस्तावेजों मे इनके पिता का नाम कृष्ण प्रसाद यादव दर्ज है। तो सत्य एवं सही है।इंसान की जाति उसके जन्म से ही मान्य होती हैं न की विवाह हो जाने से किसी की मूल जाति बदलती है।
3. सन 2022 में पंचायत चुनाव हुए सोहागपुर जनपद पंचायत के सभी 77 ग्राम पंचायत मे सरपंच पद पूर्व से ही आदिवासियों के लिए आरक्षित है केवल महिला पुरूष सीट का आरक्षण होता है जिसमे हमारा ग्राम पंचायत सारंगपुर आदिवासी महिला सरपंच पद हेतु आरक्षण हुआ और पूर्व सरपंच अशोक कोल ने अपनी पत्नी मीना यादव के दस्तावेजों में हेरा फेरी कर फर्जी तरीके से षडयंत्र पूर्व फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर एवं झुंठा शपथ पत्र देकर दोनो पति पत्नी ने सरपंच पद हासिल किया जिससे हमारे ग्राम पंचायत के मूल आदिवासी महिलाओं का हक मारा गया।
4. यह कि हम आदिवासी के उत्थान और प्रगति के लिए सरकार ने आरक्षण की प्रक्रिया बनाई है जिसे आदिवासी समाज का विकास हो सके आदिवासी सरपंच होने पर आदिवासी समाज का विकास एवं उनके साथ न्याय हो सके किन्तु पूर्व सरपंच अशोक कोल एवं वर्तमान सरपंच मीना यादव दोनो ने मिलकर फर्जी दस्तावेज एवं झुंठा शपथ पत्र देकर गैर कानूनी तरीके से फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर हम आदिवासियों को धोका देने व हमारा हक तथा अधिकार छिनने का काम किया है।
5. यह कि हमारी सरपंच आदिवासी नही बल्की यादव जाति की है जो पिछड़ा वर्ग जाति से आती है जिनको सरपंच पद पर बने रहने का कोई संवैधानिक अधिकार नही है चुंकि वे आदिवासी नही है इस लिए हम आदिवासियों का दुख दर्द व भलाई तथा विकास की चिन्ता उनको नही है । अपनी जाति बदलकर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर सत्ता पाने जैसा अपराध मीना यादव व उनके पति अशोक कोल द्वारा किया गया है। जो आदिवासी समाज के साथ छल एवं धोका है।
उपसरपंच एवं पंचगणों ने कलेक्टर से की मांग
सारंगपुर उपसरपंच सेतराम सिंह एवं पंचगण रामकुमार,पंचम ,कमलवती सिंह सीता बाई ,मधु, कुसुम, शोभनाथ ,कौशील्या,सुमित्रा शिवम सिंह, पंचु लहर सिंह एवं ग्रामीण जनों ने जिले के मुखिया कलेक्टर को लिखित शिकायत पत्र देते हुए कलेक्टर शहडोल से मांग कि मामले की गंभीरता से जाँच कराकर दोषी जनों के ऊपर उचित कार्यवाही की जाए। ताकि हमारे आदिवासी समाज का भला हो सके। और हमारा समाज शासन द्वारा लागू आरक्षण का लाभ पा सके ।



Subscribe to my channel
Comments are closed.