गायत्री यादव स्व-सहायता समूह से जुड़कर बनी आत्मनिर्भर और सशक्त

विकास सचदेवा की ब्यूरो रिपोर्ट
खुशियों की दास्तॉ
पति को भी सेटरिंग के व्यवसाय से जोड़ दिया
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– शहडोल जिले के तहसील सोहागपुर के ग्राम बैगइया की रहने वाली गायत्री यादव ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारा, बल्कि समाज में एक सशक्त महिला के रूप में अपनी पहचान भी बनाई है। पहले वे पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं, परिवार खेती एवं मजदूरी करके जीवन-यापन कर रहा था। ग्रामीण आजीविका परियोजना द्वारा गठित किए जाने वाले ज्योति स्व-सहायता समूह में सदस्यता लेने के बाद उनके जीवन की दशा बदलने लगी। उन्होंने अपने लिए स्वरोजगार की व्यवस्था तो की ही पति को भी सेटरिंग के व्यवसाय से जोड़ लिया। जिससे उनके परिवार को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से नई पहचान मिलने लगी। आज गायत्री यादव ने अपने गांव में तथा परिवार में आत्मनिर्भर महिला की पहचान बना ली है।
श्रीमती गायत्री यादव का कहना है कि अब मै आजीविका मिशन द्वारा संचालित स्व-सहायता समूह से जुडकर आत्मनिर्भर हो चुकी हूं। शुरूआत में हमने सीसीएफ से 10 हजार रूपये का लोन लेकर अपने पति के लिए सेटरिंग का कार्य शुरू करवाया, इसके बाद उस लोन को चुकाकर फिर एक लाख रूपये का सीआईएफ से लोन लिया और ऑनलाइन की दुकान संचालित की अब सेटरिंग एवं ऑनलाइन की दुकान बेहतर ढंग से चल रही है। मैं अब पैसो के लिए ईधर-ऊधर नही भटकती हूं। अब मैं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर एवं सशक्त हो चुकी हूं। अब बच्चों की पढ़ाई तथा परिवार के संचालन में सहयोग करती हूं।जिससे घर परिवार में भी मेरा सम्मान बढ़ गया है।
श्रीमती गायत्री यादव ने महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनने के लिए शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लेने की समझाईस दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाओं के कारण मेरी आर्थिक एवं सामजिक स्तर में सुधार हुआ। इसके लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी को धन्यवाद करती हूं।
प्रस्तुतकर्ता
डॉ. गजेंद्र द्विवेदी

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