वर्षाकाल के पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के आयुक्त शहडोल संभाग ने दिए निर्देश

विकास सचदेवा की ब्यूरो रिपोर्ट
– वर्षाकाल के पूर्व वे सभी आवश्यक तैयारियां कर ली जाएं, जिससे आम जनजीवन प्रभावी नहीं हो। आयुक्त शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने संभाग के तीनों जिलों में वर्षाकाल के पूर्व की तैयारियों के तहत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों एवं नालों की सफाई कराने, बाढ़ वाले क्षेत्र के स्थानों को चिन्हित करके बाढ़ की स्थिति में वहां के निवासियों को सुरक्षित स्थान में पहुचाने हेतु राहत केन्द्र स्थापित करने ऐसे पुल, पुलिया, रपटे, जलाशय जो मरम्मत योग्य हैं उनकी मरम्मत कराने, ऐसे नदी नालों, की पहचान करने जहां उन पर बनाए गए रपटों, पुल, पुलियों में वर्षा काल में पानी ऊपर से बहने लगता है। उन स्थानों में संकेतक स्टापर तथा ड्रापगेट आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों में वर्षाकाल में मिट्टी का कटाव होता है अथवा जिन बस्तियों में पानी के भराव की आशंका हो को चिन्हित कर पूर्व से ही पानी निकासी की व्यवस्था कर ली जाए। उचित मूल्य की दुकानों में तीन माह के लिए खाद्यान्न का भण्डारण तथा पालतु पशुओं के लिए चारे आदि की व्यवस्था भी कर ली जाए।
बैठक में पुलिस उप महानिरीक्षक सुश्री सविता सोहाने, कलेक्टर शहडोल डॉ. केदार सिंह, कलेक्टर उमरिया श्री धरणेंद्र जैन, कलेक्टर अनूपपुर श्री हर्षल पंचोली, पुलिस अधीक्षक श्री रामजी श्रीवास्तव, श्रीमती निवेदिता नायडु, श्री मोती उर-रहमान, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उमरिया श्री अभय सिंह, अनूपपुर श्री तन्मय वशिष्ट, उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग, तीनों जिलों के सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, लोक अभियोजन अधिकारी तथा पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
आयुक्त शहडोल संभाग ने वर्षाकाल के दौरान जिला एवं तहसील स्तरों पर कंट्रोल रूम की स्थापना करने वहां, 24 घंटे के लिए शिफ्टवार डिय्यूटी लगाने, वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था एंव सूचना तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए। वर्षाकाल में होने वाले संक्रामक बीमारियों की रोकथाम हेतु आगनवाड़ी केन्द्रों एवं एएनएम के पास आवश्यक दवाओं का भण्डारण कराने, पूर्व वर्षाें में जिन स्थानों में संक्रामक बीमारियों के फैलने की रिपोर्ट है वहां पहले से ही आवश्यक व्यवस्था करने जिला स्तर पर बाढ़ आपदा प्रबंधन टीम को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। वर्षाकाल में ज्यादातर बीमारियां प्रदूषित जल के उपयोग से फैलती हैं इसके लिए पेयजल स्त्रोतों कुआंे, नलजल योजना, तथा अन्य पेयजल स्त्रोतों में दवा का छिड़काव कराने के निर्देश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के अधिकारियों को दिए हैं। बैठक में संभाग के तीनों जिलों के कलेक्टरों द्वारा बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी गई।

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