चिकित्सा कर्मचारियों की नहीं की गई वेतन वृद्धि तो कर्मचारी करेंगे आंदोलन – हरेंद्र कुमार

राज्य कर्मचारी संघ जिला शहडोल के अध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया की 03 वर्ष की परिवीक्षा अवधि बीत जाने के 01 वर्ष बाद भी शासकीय बिरसा मुंडा चिकित्सा महाविद्यालय प्रशासन के द्वारा कर्मचारियों को 100% वेतन नहीं दिया गया है एवं परिवीक्षा अवधि समाप्त नहीं करने से नाराज होकर समस्त कर्मचारी मेडिकल कॉलेज प्रशासन के विरुद्ध लामबंद हो चुके हैं । जारी विज्ञप्ति में हरेंद्र कुमार ने बताया की मेडिकल प्रशासन से तंग आकर दिन में लगभग 150 कर्मचारियों ने 181 सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराई शिकायत। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने भी कर्मचारियों के पक्ष में अधिष्ठाता मेडिकल कॉलेज शहडोल के नाम सौंपा ज्ञापन एवं उसकी प्रति कमिश्नर शहडोल को दी।
मेडिकल कॉलेज शहडोल में भर्ती समस्त नर्सिंग स्टाफ, रेडियोग्राफर, पैरामेडिकल स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, फिजियोथैरेपिस्ट, फार्मासिस्ट, एवं डॉक्टरों को भर्ती किया गया था। जिनका शासन के नियमानुसार 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि में रहना और उसी अनुसार प्रथम वर्ष 70% द्वितीय वर्ष 80% तृतीय वर्ष 90% एवं चतुर्थ वर्ष से समस्त कर्मचारियों को नियमित करते हुए 100% वेतन दिए जाने हेतु पूर्व में सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल के द्वारा आदेश प्रसारित किए गए थे। परंतु मेडिकल कॉलेज प्रशासन शहडोल के द्वारा उक्त समस्त लगभग 400 कर्मचारियों को उनकी परिवीक्षा अवधि बीत जाने के बाद भी नियमित नहीं किया जा रहा है, ना ही उन्हें 100% वेतन दिया जा रहा है। इसके संबंध में सभी कर्मचारियों ने कई बार मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता से मिलकर अपने उक्त समस्या को उनके समक्ष रखा और उसके निराकरण बाबत कई बार अनुरोध भी किया, परंतु मेडिकल कॉलेज प्रशासन के उदासीन रवैया के चलते आज दिनांक तक कर्मचारियों की उक्त समस्या का निराकरण नहीं किया जा रहा है, जबकि मध्य प्रदेश शासन द्वारा मान्यता प्राप्त संगठन मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के द्वारा भी कमिश्नर शहडोल, कलेक्टर शहडोल एवं अधिष्ठाता मेडिकल कॉलेज शहडोल को कई बार पत्राचार कर इन समस्याओं के निराकरण बाबत अनुरोध किया गया था इसके बाद भी इसके निराकरण में कोई संवेदनशीलता दिखाई नहीं दे रही है। यह जानकारी प्राप्त हुई है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन की उदासीनता ऐसी की पिछले तीन वर्ष से कर्मचारियों के एसीआर तक नहीं लिखी गई जब-जब संगठन के पदाधिकारी मेडिकल कॉलेज प्रशासन एवं अधिष्ठाता से मिले उनके द्वारा मात्र आश्वासन दिया गया पर कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया है।जबकि प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेज में भर्ती किए गए उक्त पदों के कर्मचारियों को परिवीक्षा अवधि दिनांक पूर्ण होने के अगले दिन ही कमेटी बनाकर नियमित कर दिया गया है तथा 100% वेतन भी दिया जा रहा है।परंतु मेडिकल कॉलेज शहडोल के अधिष्ठाता एवं जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है ना ही संगठन के द्वारा लिखे गए पत्रों के जवाब दिए जाते हैं जो शासन के नियमों के विरुद्ध है इन्हीं समस्याओं से परेशान होकर सभी उपरोक्त पदों के संविदा कर्मचारियों के द्वारा लामबंद होकर दिनांक 23/06/2025 को अधिष्ठाता से मुलाकात की गई इसके बाद उनके द्वारा पुनः मात्र आश्वासन दिया गया है इससे तंग आकर एक दिन के अंदर ही लगभग 150 कर्मचारियों के द्वारा 181 सीएम हेल्पलाइन में पृथक पृथक अपनी शिकायत दर्ज कराई गई है अभी ये संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।साथ ही मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के द्वारा भी रिमाइंडर पत्र लेखकर जल्द कार्रवाई कर समस्या का निराकरण करने का अनुरोध किया गया है। यदि 15 दिवस के अंदर कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया जाता तो समस्त कर्मचारियों ने मिलकर एक प्रण लिया है की मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के बैनर तले लामबंद होकर मेडिकल प्रशासन के विरुद्ध चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे। जिसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन एवं अधिष्ठाता जिम्मेदार रहेंगे।

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