बाराबंकी रामस्वरूप यूनिवर्सिटी विवाद में लाठीचार्ज, माहोल हुआ गर्म

बाराबंकी जिले में रामस्वरूप यूनिवर्सिटी विवाद में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद जिले का माहौल गरमा गया है। बढ़ते विरोध और राजनीतिक दबाव के बीच देर रात प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीओ सिटी हर्षित चौहान, नगर कोतवाली प्रभारी आर.के. राणा, गदिया चौकी इंचार्ज समेत पूरी चौकी पुलिस को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। इस कदम को सरकार की सख्ती और छात्रों के गुस्से को शांत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
सोमवार को एलएलबी की मान्यता को लेकर छात्रों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। आरोप है कि इसी दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया जिसमें 25 से अधिक छात्र घायल हुए। कई छात्रों की हालत गंभीर थी जिन्हें जिला अस्पताल से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर करना पड़ा। घायलों को बेड न मिलने पर भी छात्रों में आक्रोश बढ़ा और अस्पताल में नारेबाजी होने लगी।
लाठीचार्ज के बाद जब डीएम शशांक त्रिपाठी और एसपी अर्पित विजयवर्गीय घायल छात्रों का हालचाल लेने अस्पताल पहुंचे तो नाराज छात्रों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें अंदर घुसने नहीं दिया। गेट पर ही जोरदार विरोध और नारेबाजी हुई जिसके बाद दोनों अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा।
इस बीच देर रात प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री सतीश शर्मा भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों से मुलाकात की और न्याय का भरोसा दिलाया। छात्रों की नाराज़गी और मंत्री के आश्वासन के तुरंत बाद प्रशासन ने सीओ सिटी, नगर कोतवाल और गदिया चौकी के पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर सख्त संदेश देने की कोशिश की। इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद मौर्य ने भी पुलिस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए सीओ सिटी और गदिया चौकी इंचार्ज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी है।

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