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बाउंस मामले में प्रेमलाल साहू को 6 माह की सजा और ₹9 लाख लौटाने का आदेश

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रायपुर। चेक बाउंस के एक मामले में रायपुर जिला न्यायालय ने आज बड़ा फैसला सुनाया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिंह ने आरोपी प्रेमलाल साहू को 6 माह की साधारण कारावास की सजा सुनाई और साथ ही ₹9,00,000 की राशि परिवादी को वापस करने का आदेश दिया। मामला कांकेर निवासी आरोपी से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, आरोपी प्रेमलाल साहू, पिता स्वर्गीय बिरजू साहू, अन्नपूर्णा पर, कांकेर का निवासी है। आरोप है कि उसने चेक के माध्यम से राशि देने का वादा किया था, लेकिन चेक बाउंस हो गया। परिवादी ने न्यायालय में मामला दर्ज कराया। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान आरोपों की पुष्टि करते हुए आरोपी को दोषी पाया।न्यायालय ने आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 357(3) के तहत दंडात्मक कार्रवाई करते हुए परिवादी को प्रतिकर दिए जाने का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि चेक बाउंस केवल वित्तीय धोखाधड़ी नहीं, बल्कि विश्वास भंग करने का अपराध है, जिससे पीड़ित पक्ष को आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि अदालत ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करेगी, ताकि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी न हो। न्यायालय ने आरोपी को 6 माह की साधारण कारावास की सजा सुनाई और साथ ही आदेश दिया कि वह ₹9 लाख की राशि परिवादी को लौटाए। अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के तर्क सुने गए। परिवादी ने कहा कि आरोपी ने बार-बार आश्वासन दिया था कि राशि चेक के माध्यम से समय पर दी जाएगी।लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके चलते उसे आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। न्यायालय ने इस मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। कोर्ट ने कहा कि चेक बाउंस जैसी घटनाएं समाज में विश्वास को तोड़ती हैं और व्यापारिक लेन-देन पर नकारात्मक असर डालती हैं। इस फैसले से न केवल पीड़ित को न्याय मिला, बल्कि यह अन्य लोगों के लिए भी चेतावनी है कि वित्तीय लेन-देन में जिम्मेदारी और ईमानदारी जरूरी है। न्यायालय ने कहा कि यदि किसी ने धोखाधड़ी की तो उसे कानून के तहत कठोर दंड भुगतना होगा। इस मामले में सुनवाई पूरी होते ही आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है। अदालत ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि प्रतिकर की राशि समय पर लौटाना सुनिश्चित किया जाएगा। रायपुर जिला न्यायालय का यह फैसला उन लोगों के लिए एक संदेश है जो चेक के माध्यम से लेन-देन करते हैं कि ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है। अदालत ने आर्थिक अपराधों पर कठोर रुख अपनाने का संकेत दिया है।
बेबाक शक्ति न्यूज़ रायपुर छत्तीसगढ़
राज्य ब्यूरो
शांतनु श्रीवास्तव

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