ढकपुरा में ‘नकली दूध गैंग’ पर छापा… पर एक से दो महीना बाद भी कार्यवाई नहीं,आखिर किसके इशारे पर रुक रही कार्रवाई?

ढकपुरा से 600 किलो सॉर्बिटोल जब्त—फूड विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल
ढकपुरा (पोरसा) में 16 अक्टूबर 2025 को हुए बड़े धमाकेदार छापे ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था। टीम ने यहां से 600 किलो सॉर्बिटोल, 175 किलो ड्रॉयड ग्लूकोज़ सिरप और 15 किलो संदिग्ध द्रव जब्त किया—ये सभी केमिकल नकली दूध बनाने में इस्तेमाल होने वाले बताए गए। कुल मूल्य ₹47,250… पर मामला करोड़ों की मिलावटखोरी से जुड़ा!
गांव के सरपंच, सचिव और ग्रामीणों ने साफ कहा—सामान सोनू अग्रवाल उर्फ सोनू लंगड़ा (अंबाह) और सोनू गुर्जर (ढकपुरा) का है।
लेकिन हैरानी यह—एक से दो महीना बीत गया, पर कोई आरोपी नहीं, कोई गिरफ्तारी नहीं, कोई आगे की कार्रवाई नहीं!
अब सवाल जोर पकड़ रहा है—
क्या फूड विभाग की कार्रवाई महज़ दिखावा थी?
क्या केमिकल माफिया की “मोटी सेटिंग” ने पूरा केस दबा दिया?
क्या आर्थिक लाभ के लिए फाइलें ठंडी कर दी गईं
सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों पर आर्थिक दबाव डाला जा रहा है, जिससे कार्रवाई रुक गई है और आरोपियों की ‘सेटिंग’ जम गई।
सूत्रों का दावा है—कार्यवाही की रात “मोटी रकम का खेल” हुआ और इसी सौदेबाजी के चलते केस को जान-बूझकर लटका दिया गया है।
इलाका पूछ रहा है—
नकली दूध पर शिकंजा कसने वाले कहां गायब हैं, और ‘केमिकल किंग’ अब तक आज़ाद क्यों?
इस मामले में जब अंबाह SDM रामनिवास सिकरवार से जानकारी करनी चाहिए तो उनके द्वारा कोई जवाब ही नहीं दिया गया

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