जैन बगीची में विराट हिन्दू सम्मेलन, उमड़े करीब 5 हजार श्रद्धालुभव्य कलश यात्रा के साथ हुआ आयोजन का शुभारंभ, गूंजे सनातन संस्कृति के स्वर

आशीष सिंह तोमर मुरैना (म.प्र.)
अंबाह।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को अंबाह कस्बे की ऐतिहासिक जैन बगीची में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में करीब 5 हजार से अधिक श्रद्धालु एवं नागरिक शामिल हुए। पूरा नगर धर्म, आस्था और राष्ट्रभावना के रंग में रंगा नजर आया।
कलश यात्रा से हुआ आयोजन का शुभारंभ
आयोजन की शुरुआत दोपहर 12 बजे नगर के रेतपुरा मंदिर से निकाली गई भव्य कलश यात्रा से हुई। सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर यात्रा में श्रद्धापूर्वक भाग लिया। कलश यात्रा रेतपुरा मंदिर से प्रारंभ होकर पीपल चौराहा, गंज बाजार, परेड चौराहा होते हुए जैन मंदिर से गुजरकर जैन बगीची पहुंची, जहां यात्रा का समापन हुआ। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
राम दरबार की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
कलश यात्रा के दौरान रथ पर विराजमान भगवान राम, माता सीता एवं हनुमान जी की भव्य झांकी आकर्षण का केंद्र रही। श्रद्धालुओं ने झांकी का पूजन कर आरती उतारी। गंज बाजार में वरिष्ठ भाजपा नेता बच्चूलाल गुप्ता, व्यापार मंडल अध्यक्ष विजय गुप्ता एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने रैली पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति
दोपहर करीब 1 बजे से सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत हुई। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे। संतों की आगवानी बैंड-बाजों के साथ की गई। सम्मेलन में जूझकी आश्रम के संत महामंडलेश्वर बाबा बालक दास महाराज, श्री श्री 1008 कल्याणी मैया सहित अन्य आश्रमों के संत शामिल हुए।
गौमाता व तुलसी पूजन से कार्यक्रम का आरंभ
कार्यक्रम की शुरुआत संतों द्वारा विधिवत गौमाता एवं तुलसी पूजन से की गई। इसके पश्चात संत मंच पर पहुंचे, जहां हिन्दू संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा एक-एक कर संतों का पूजन किया गया।
पंच परिवर्तन से सशक्त राष्ट्र का निर्माण : विमल गुप्ता
मध्य भारत प्रांत के आरएसएस प्रांत प्रचारक विमल गुप्ता ने
अपने उद्बोधन में कहा कि भारत ज्ञान देने वाला देश है, इसलिए इसे विश्व गुरु कहा जाता है। भारत सनातनियों का देश है और राम की भूमि है। उन्होंने कहा कि पंच परिवर्तन — स्वदेशी, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, पारिवारिक मूल्य और नागरिक कर्तव्य — को अपनाकर ही राष्ट्र को सशक्त बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत की भूमि ऐसी है, जहां कर्मों से नर से नारायण बनने की प्रेरणा मिलती है। यहां की मिट्टी चंदन समान है और कण-कण में ईश्वर का वास है।
युवा शक्ति बने परिवर्तन की धुरी : दीपल भदौरिया
युवा शक्ति विमर्श के भिंड जिला प्रभारी दीपल भदौरिया ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अनुशासित और संस्कारयुक्त युवा ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
संस्कारों से सुरक्षित रहती है संस्कृति : बालक दास महाराज
संत शिरोमणि बाबा बालक दास महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति सेवा, त्याग और मानवता का मार्ग दिखाती है। समाज जब तक अपने संस्कारों से जुड़ा रहेगा, तब तक राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रहेगी। सम्मेलन में श्री श्री 1008 कल्याणी मैया के आशीर्वचन भी श्रद्धालुओं को प्राप्त हुए।
भारत माता की आरती के साथ समापन
कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ। अंत में सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई।

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