भारत में सबसे तेजी से उभरता हुआ वेब न्यूज़ चैनल

रीवा में लग रहा है न्यूक्लियर प्लांट, 5000 लोगों को मिलेगा रोजगार
राजेंद्र शुक्ल ने शहडोल के साथ फिर किया विश्वास घात:मनीष श्रीवास्तव

94
Above News

शहडोल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री विंध्य के सबसे बड़े भाजपा के नेता राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि जल्द ही रीवा में एक बहुत बड़ा न्यूक्लियर प्लांट लगने जा रहा है जिससे विंध्य क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी जिसमें टाटा ग्रुप एनर्जी 28000 करोड़ से अधिक का निवेश करेगा और 5000 से अधिक लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि फिर बात वही आ गई जो मैंने कुछ दिनों पहले रेलवे ट्रेनों के विस्तार के बारे में कही थी कि, राजेंद्र शुक्ला जी केवल रीवा के लिए सोच रखते हैं जबकि यह न्यूक्लियर प्लांट शहडोल संभाग में लाखों हेक्टेयर बंजर खाली पड़ी जमीनों में भी लगाया जा सकता था,रीवा में पहले से ही 750 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट, सिरमौर और सिलपरा में हाइड्रो पावर प्लांट,पहाड़िया में पावर प्लांट यह सब पहले से ही लगे हुए हैं।

मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि शहडोल से रिलायंस का मीथेन गैस पावर प्लांट राजनीतिक क्षमता के कारण उत्तर प्रदेश फूलपुर पहुंच गया जबकि कोयले से निकल जाने वाली गैस इस क्षेत्र से निकल रही है और फायदा उत्तर प्रदेश के लोगों को मिल रहा है इसमें भी राजेंद्र शुक्ला की भूमिका शून्य थी और हमारे संभाग के विधायक गण और सांसद वेतन लेने के अलावा किसी भी सोच और कार्य में हमेशा से अक्षम रहे ही हैं यही कारण है कि आज इतना बड़ा प्लांट शहडोल संभाग के अंतर्गत न लगकर रीवा के आसपास लगाया जा रहा है।

मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की अपार संभावनाएं शहडोल संभाग के अंदर मौजूद थी नदियां भी यहां पर हैं और किसी भी प्लांट के लिए सबसे प्रमुख जो होता है कोयला वह हमारे ही शहडोल क्षेत्र से पूरे देश को जाता है, SECL से प्रतिदिन माल गाड़ियों से यह कोयला शहडोल संभाग से बाहर प्लांट को भेजा जाता है जो की मात्रा के अनुसार लगभग 6 लाख टन प्रतिदिन होता है जिसमें से अधिकतर 50% से भी अधिक कोयला बिजली संयंत्रों को भेजा जाता है।

मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि क्या टाटा एनर्जी का यह न्यूक्लियर प्लांट बिना कोयला के चल पाएगा आज राजेंद्र शुक्ला जी ने शहडोल संभाग के 5000 लोगों को रोजगार से विमुख कर दिया और क्षेत्रवाद से ऊपर नहीं उठ पाए जिस कारण आज देश का एकमात्र आदिवासी संभाग शहडोल इतनी बड़ी योजना से वंचित रह गया मेरी तो यही मांग है अभी भी वक्त है क्षेत्र के विधायक, पूर्व विधायक, सांसद, पूर्व सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष वर्तमान और पूर्व तथा संभाग के सभी नगर पालिकाओं नगर पंचायत के वर्तमान और पूर्व अध्यक्ष कम से कम यह बीड़ा उठाएं और विरोध करने की नीति अपनाई नहीं तो शहडोल इसी तरह से पिछड़ा था और पिछड़ा ही रह जाएगा।।

खबरों के अपडेट पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy
E-Paper