शहडोल मेडिकल कॉलेज में लगातार हो रही बाइक चोरियां: पार्किंग कर्मचारियों पर उठे सवाल, पुलिस ने दर्ज की FIR

शहडोल। कुशाभाऊ ठाकरे पीएम श्री बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज परिसर में इन दिनों वाहन चोर गिरोह सक्रिय है, जिससे अस्पताल स्टाफ के बीच भारी आक्रोश और असुरक्षा का माहौल है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यहां चोर केवल अस्पताल के स्टाफ की गाड़ियों को ही निशाना बना रहे हैं, जिससे पार्किंग ठेके या वहां तैनात कर्मचारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हाल ही में मेडिकल कॉलेज में बतौर लिफ्ट ऑपरेटर कार्यरत एक कर्मचारी की बाइक चोरी होने के बाद सोहागपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम कंचनपुर निवासी निलेश यादव (पिता लल्लू यादव, उम्र 30 वर्ष) मेडिकल कॉलेज में लिफ्ट ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। दिनांक 22 मई 2026 की रात करीब 09:47 बजे वे अपनी रोजाना की ड्यूटी के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। उन्होंने अपनी काले रंग की हीरो होंडा स्प्लेंडर प्रो बाइक (रजिस्ट्रेशन नंबर- MP 18 ME 2802) को फीवर क्लिनिक के बगल में स्थित पार्किंग में सुरक्षित खड़ा किया था।
अगले दिन सुबह करीब 8:15 बजे जब वे अपनी ड्यूटी खत्म कर घर जाने के लिए पार्किंग पहुंचे, तो उनकी मोटरसाइकिल वहां से नदारद थी। पीड़ित ने कॉलेज परिसर और आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की, लेकिन वाहन का कोई सुराग नहीं मिला।
पार्किंग प्रबंधन की कार्यप्रणाली संदिग्ध, केवल स्टाफ की गाड़ियां हो रहीं गायब
चोरी की इस घटना से परेशान होकर पीड़ित निलेश यादव ने थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत पत्र में पीड़ित ने पार्किंग प्रबंधन और वहां के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि:
“मेडिकल कॉलेज पार्किंग में गाड़ी चोरी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई स्टाफ सदस्यों की गाड़ियां चोरी हो चुकी हैं। सबसे संदिग्ध बात यह है कि यहां केवल ड्यूटी पर आने वाले स्टाफ की गाड़ियां ही चोरी होती हैं, जबकि आम लोगों या मरीजों की गाड़ियां सुरक्षित रहती हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि पार्किंग व्यवस्था में कोई बड़ी मिलीभगत हो सकती है।”
पुलिस की कार्रवाई: बीएनएस की नई धारा के तहत केस दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सोहागपुर पुलिस ने तत्परता दिखाई है। पीड़ित की शिकायत और शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(बी) के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
पुलिस प्रशासन द्वारा इस मामले की कमान जांच अधिकारी (I.O.) सुरेन्द्र सिंह पटेल (नंबर 509) को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं और पार्किंग में काम करने वाले संदिग्धों से भी पूछताछ की जा सकती है। पुलिस ने जल्द ही चोरों को सलाखों के पीछे भेजने और वाहन बरामद करने का आश्वासन दिया है।

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