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MP हाईकोर्ट से सट्टा केस में राहत नहीं! सतिश संपाल की FIR रद्द कराने वाली याचिका खारिज,अब ट्रायल कोर्ट में होगी सुनवाई

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जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने सट्टा/बेटिंग नेटवर्क से जुड़े एक बड़े मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सतिश संपाल द्वारा FIR रद्द कराने के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया है।

*क्या है पूरा मामला?* 
यह मामला थाना ओमती, जिला जबलपुर के FIR क्रमांक 270/2022 से जुड़ा है। आरोप है कि 28 मई 2022 को सह-आरोपी इंद्रजीत सिंह के पास से ₹47.50 लाख की अवैध सट्टे की रकम बरामद हुई थी। जांच के दौरान सतिश संपाल का नाम भी सह-आरोपियों के मेमोरेंडम से सामने आया था। उन पर _Public Gambling Act की धारा 4-A और IPC की धारा 120-B_ के तहत मामला दर्ज किया गया था।

*याचिकाकर्ता ने क्या दलील दी?* 
सतिश संपाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि घटना के समय 14 मार्च 2020 से वो भारत में ही नहीं थे। उनके पास से कोई बरामदगी नहीं हुई, न ही कोई कॉल रिकॉर्ड, चैट या मनी ट्रेल मिला। उन्होंने कहा कि सिर्फ सह-आरोपियों के बयान के आधार पर उन्हें फंसाया गया है और FIR में कई विसंगतियां हैं।

*कोर्ट ने क्या कहा?* 
_जस्टिस हिमांशु जोशी_ की एकल पीठ ने 11 अगस्त 2026 को फैसला सुनाते हुए कहा कि BNSS की धारा 528 के तहत Quash के स्टेज पर सिर्फ ये देखा जाता है कि प्रथम दृष्टया अपराध बनता है या नहीं।

कोर्ट ने कहा कि “सिर्फ बचाव पक्ष के तर्क पर जांच एजेंसी के पूरे साक्ष्य को खारिज नहीं किया जा सकता। सट्टा जैसे षड्यंत्र के मामले में आरोपी की शारीरिक उपस्थिति जरूरी नहीं। सबूतों की पर्याप्तता और जांच की विसंगतियां ट्रायल कोर्ट में तय होंगी।”

*फैसले का असर:* 
कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता अपने सभी बचाव ट्रायल कोर्ट में रख सकता है। कोर्ट की टिप्पणी से ट्रायल प्रभावित नहीं होगा। अब यह मामला जबलपुर की ट्रायल कोर्ट में चलेगा।

*केस डिटेल:* 
_केस नंबर:_ MCRC-11696-2026 
_Neutral Citation:_ 2026:MPHC-JBP:61151 
_तारीख:_ 11.08.2026

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