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इस पंचायत में मृत महिला खोद रही तालाब

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रीवा। अजब पंचायतों के गजब कारनामे जब उजागर होते हैं तो लोग दाते तलों ऊँगली दबाने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया जब सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा में मुर्दे काम कर रहे है। मुर्दे के परिवार के खाते में काम के बदले में दिहाड़ी भेजी जा रही है। जी हां, ऐसा ही एक सनसनी खेज मामला अफसरों की टेबल पर पहुंचा है। इतना ही नहीं ग्राम रोजगार सेवक न केवल मुर्दे के परिवार के खाते में दिहाड़ी का फर्जी भुगतान कर रहा है बल्कि सगे संबंधियों के साथ ही शिक्षक, गैस एजेंसी संचालक का परिवार भी मनरेगा में कथित रूप से काम कर रहा है। ग्रामीणों ने पंचायत योजनाओं में लाखों की गड़बड़ी की शिकायत की है।

एक साल पहले हो चुकी है मौत

दरअसल, ग्रामीणों ने जनपद सीइओ को जानकारी दी है कि मृत महिला ग्राम रोजगार सेवक के परिवार की हैं। एक साल पहले मौत हो चुकी है। गांव की सियावती यादव के नाम पर तालाब के खोदाई में काम दिखाया गया है। जबकि उनका एक साल पहले निधन हो चुका है। ग्रामीणों की ओर से जनपद से लेकर जिला मुख्यालय पर अफसरों से शिकायत में सनसनी खेज खुलासा हुआ है।

मस्टर रोल पर मुर्दे ने की छह दिन तालाब की खोदाई

हनुमना ब्लाक के हाटा ग्रामीणों के शिकायत पत्र के अनुसार ग्राम रोजगार सेवक सभानारायण यादव मनरेगा के मस्टरोल पर लॉकडाउन के दौरान मई माह में तालाब की खोदई की। जिसमें मृत महिला का मस्टर रोल पर छह दिन तक लगातार तालाब की खोदाई की है। मुर्दे के खाते में छह दिन की मजदूरी भी भेज दी गई है। महिला को प्रतिदिन 190 रुपए की दर से दिहाड़ी खाते में 1140 रुपए भेजी गई है। दस्तावेज के मुताबिक हनुमना क्षेत्र में गैस एजेंसी संचालक के नाम पर 24-24 दिन की दिहाड़ी आहरित की गई है।

चाय-पान विक्रेताओं के नाम किया भुगतान

हाटा ग्राम का रोजगार सेवक की मनमानी इस कदर है कि मनरेगा के मस्टर रोल में गैस एजेंसी व स्कूल संचालक के परिवार के कई सदस्यों के नाम भुगतान किया है।ग्राम पंचायत रोजगार सेवक ने सरपंच पति रामलखन यादव, सरपंच धिरजिया, स्कूल संचालक हरिनारायण यादव सहित गैस एजेंसी संचालक समेत सगे संबंधितयों के नाम तालाब समेत अन्य कार्य में राशि आहरित की गई है।

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