अमेरिका का इंजीनियर इंद्रजित शहडोल जिले में बीपीएल से खारहा गल्ला

अखिलेश कुमार शर्मा की खास रिपोर्ट…. मो नं. -7999140850
प्रदेश सरकार भले ही गरीब जनता के लिए अच्छी से अच्छी योजना लाये पर क्या गरीब जनता को योजनाओं का लाभ मिलता है गरीबो के लिए जो योजनाएं आती हैं उन योजनाओं को बता कर सफेद पोश नेता अपनी पीठ थपथपाते कभी किसी सफेद पोश नेता ने किसी गरीब से ये नहीं पुछां की सरकार के द्वारा चलायी गयी योजनाओं का लाभ कैसे मिल रहा और फ्री की योजनाओं मे किसी ने तुमको परेशान तो नही किया मैदानी हकीकत कुछ और ही वयां करती हैं सरकार की गरीबो को देने वाली फ्री कि योजना कैसे और किसे मिलती है |
शहडोल |आज के दौर में जहां कोई भी कार्य नही छुप पाता है डिजीटल हो गया है एैसे समय में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है नेता हो या अधिकारी रुपया है तो कोई भी काम करवाना है तो वो काम पूरा हो जाएगा फिर चाहे सही हो या गलत इससे किसी को कोई मतलब नही है अब देखना है की शहडोल जिले के मुखिया कलेक्टर डॉ सतेन्द्र सिंह जो कि बहुत ही सक्रिय है कैसी भी परिस्थिति हो गंभीरता से उस पर कार्यवाही करते हैं |
दबंग खाये मलाई गरीब मरे भूखो
कोरोना वायरस के संक्रमण से लोग जहां काफी परेशान है वहीं बुढार तहसील व जनपद पंचायत बुढार मे बैठ अधिकारीयों को तो सिर्फ अपनी जेब से मतलब है बाकीं क्षेत्र में कौन क्या कर रहा है किसको किस योजना का लाभ मिल रहा है क्या सही है क्या गलत है कुछ पता नहीं आखिर क्यो सबसे बड़ा सवाल बना है मामला बुढार तहसील अन्तर्गत ग्राम पंचायत बकहो ग्राम पंचायत का है जो की जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है यहां कई एैसे लोग रहते हैं जिनके पस ट्रक,हाइवा,बडी-बडी दुकाने, कालरी ने नौकरी, पेपर मिल मे नौकरी कर रहे एैसे लोगो का नाम बीपीएल सूची में डाले जाने पर कई सवाल खड़े कर रहा |
रहना विदेश में गल्ला उठा रहा बकहो में कैसे
यह जान कर बडा ताज्जुब लगता है कि जो व्यक्ति कई सालो से बाहर रह रहा है वह भला यहां कैसे हो सकता है पर यह सत्य है जाब हमने पडताल किया तो पाया की यह सत्य है इन्द्रजित सिंह नाम का व्यक्ति विदेश मे है पर उसका नाम बकहो ग्राम पंचायत मे जुडा हुआ है और बेधडक शासन की योजनाओं का लाभ ले रहा है यह जानकारी का मेन आधार ग्राम पंचायत से मिली बीपीएल सूची है कोरोना काल में जब शासन प्रशासन ने गरीबो को गल्ला देना शुरु किया तो यह पता चला कि जो गरीब है उनके लिए आया खाद्यान इन्द्रजित सिंह जैसे लोग खा रहे और बेबस लाचार गरीब भुखो मर रहे |
बकहो बीपीएल सूची में कैसे लोग जुडे
बहकहो ग्राम पंचायत मे सैकड़ों लोग एैसे है जो वर्तमान में गरीबी रेखा सूची में जुड़े नाम जिसे चिन्हित किया गया है वह पूर्णत: आर्थिक रूप से स्वस्थ है, घरेलू स्थिति सामान्य जीवन स्तर से ऊपर है! यह कि ऐसे लोग जो परमानेंट किसी ना किसी सरकारी और पराइवेट स्थानो पर कर्मचारी हैं जैसे कालरी, पेपर मिल, सोडा फैकट्री, रिलायंस, स्टॉकर वेयार, आदी और सरकारी स्कूल में शिक्षक भी है और कुछ लोगो के भारी वाहन वाहन जैसी जेसीवी, ट्रक, ट्रैक्टर, आदी उनका भी गरीबी रेखा सूची में नाम जुड़ा हुआ है वह पूर्णरूप से लाभ लेरहे हैं!
बीपीएल मे नाम जुडवाने की आस लगाये गरीब
यह परिणाम स्वरूप क्षेत्र के बहुत से वास्तविक पात्र गरीब व्यक्तियों को किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है! यह कि एकत्रित की गई जानकारी का आधार ग्राम पंचायत कार्यालय से प्राप्त बीपीएल सूची है और लाकउन के समय शासन प्रशासन के द्वारा गरीबो को दिया गया अनाज वा सहयोग राशी के आधार पर गरीबो कि जानकारी मिली है! जहां गरीबो ने अपनी व्यथा बतायी कौन सुनेगा हमारी पुकार सालो से आस लगाये है की इस बार हमारा नाम गरीबी रेखा मे जुट जायेगा पर लगता है संभव नहीं दबंगो के आगे गरीबो की कौन सुनता है|
साहब का कहना है
मैं अभी कमिश्नरी कुछ काम से जा रहा हूं आवेदन मिला है जांच चल रही है जो अपात्र होंगे उनका नाम बीपीएल सूची से काटा जाएगा |
भारत सोनी नायब तहसीलदार बुढार
यह तो निश्चित ही जांच का विषय है मैं अभी मीटिंग में हूं नायब तहसीलदार से बात करता हूं जो भी शिकायत पत्र आया है उसकी जांच होगी |
बी.के. मिश्रा तहसीलदार बुढार

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